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Gorakhpur News: गोरखा सैनिकों की वीरगाथा को संजोएगी सरकार

Wed, 03 Sep 2025 01:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Sep 2025 01:23 AM IST
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Gorakhpur News: Government will preserve the heroic saga of Gorkha soldiers
जीआरडी में प्रस्तावित विकास कार्य का मॉडल।
जीआरडी कुनराघाट में गोरखा युद्ध स्मारक के सुंदरीकरण के साथ संग्रहालय बनवाएगा संस्कृति विभाग
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करीब 45 करोड़ रुपये की आएगी लागत, सेवन डी थिएटर और साउंड-लाइट शो की भी होगी व्यवस्था
4 सितंबर को सीएम योगी और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ करेंगे म्यूजियम का शिलान्यास
गोरखपुर। गोरखा सैनिकों की वीरगाथा को संजोने के लिए प्रदेश सरकार गोरखा रेजिमेंट के गोरखा भर्ती डिपो (जीआरडी) कुनराघाट स्थित गोरखा युद्ध स्मारक का सुंदरीकरण कराएगी। साथ ही यहां एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) भी बनवाया जाएगा। इसका शिलान्यास बृहस्पतिवार चार सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान करेंगे।

यह गोरखा रेजिमेंट का देश में पहला संग्रहालय होगा, जहां लोग सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के बारे में लोग जान सकेंगे। गोरखा युद्ध स्मारक के सुंदरीकरण और संग्रहालय निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश जलनिगम नगरीय की सीएंडडीएस यूनिट 42 का चयन किया गया है। इस पर 44 करोड़ 73 लाख 37 हजार रुपये खर्च होंगे। इसके तहत संग्रहालय, टॉयलेट ब्लॉक, टिकट काउंटर, वर्तमान भवन का जीर्णोद्धार, वाटर बॉडी, चहारदीवारी, लिफ्ट आदि का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा लाइट एंड साउंड शो, सेवन डी थिएटर, म्यूरल पेंटिंग आदि की व्यवस्थाएं भी रहेंगी।
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प्रथम विश्व युद्ध की याद में 100 साल बना था गोरखा युद्ध स्मारक
वर्ष 1866 में स्थापित गोरखा भर्ती डिपो सबसे पुराना भर्ती डिपो है। यहां अभी जो युद्ध स्मारक है उसकी स्थापना प्रथम विश्वयुद्ध में गोरखा जवानों के योगदान की स्मृति में 1925 में हुई थी। इस स्मारक में अब तक आठ ऐसे रणबांकुरों की कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है जिन्होंने युद्धकाल में अपूर्व शौर्य का परिचय दिया। इनमें पहले फील्ड मार्शल मानेकशॉ, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन जीएस सलारिया, लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा, कैप्टन मनोज पांडेय, अशोक चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल जेआर चिटनिस, लेफ्टिनेंट पुनीत नाथ दत्त, मेजर मान बहादुर राय और नायक नर बहादुर के नाम शामिल हैं। गोरखा सैनिक भारतीय सेना में अपने विशेष युद्ध कौशल के लिए विख्यात हैं। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक भारतीय सेना में गोरखा जवानों ने 2700 से अधिक वीरता पुरस्कार प्राप्त किए हैं। गोरखा जवानों ने प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। देश के आजाद होने के बाद गोरखा सैनिकों ने युद्ध के साथ ही शांति अभियानों में अतुलनीय भूमिका का निर्वहन किया है। वर्तमान समय में करीब 40,000 गोरखा सैनिक भारतीय सेना के माध्यम से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।
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