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Gorakhpur News: आरटीई के आवेदन में गोरखपुर को दसवां स्थान
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निशुल्क शिक्षा देने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम में शहर को प्रदेश में मिला दसवां स्थान
पहले चरण में 3,752 छात्रों ने किया था आवेदन, पिछले साल से कम आए आवेदन
गोरखपुर। गरीब और असहाय बच्चों को निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) में गोरखपुर बेसिक शिक्षा विभाग को प्रदेश में दसवां स्थान मिला है। शिक्षा विभाग के प्रयासों से पहले चरण में किए गए आवेदनों के आधार पर प्रदेश स्तर की रैंकिंग में जिले को यह उपलब्धि मिली है। शिक्षा विभाग के अनुसार, पिछली बार से आवेदन कम आए हैं, इस साल दिसंबर माह से आवेदन शुरू हो जाने के कारण अभिभावकों में जागरूकता कम रही है।
निशुल्क शिक्षा के इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर प्रदान करना है। आरटीई के तहत निजी विद्यालयों की कुल सीटों में से 25 प्रतिशत पर गरीब वर्ग के बच्चों प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश की प्रक्रिया चार चरणों में आयोजित की जाती है। इस वर्ष आवेदन की प्रक्रिया दिसंबर माह से ही शुरू कर दी गयी है। मार्च माह में अंतिम चरण में आवेदन किया जाएगा। जिससे समय पर सभी छात्रों को प्रवेश मिल जाए। इस वर्ष पहले चरण में 3,752 छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1,956 छात्रों को लाटरी में सीट आवंटित किया गया। वहीं पिछले साल प्रथम चरण में 5,343 छात्रों ने आवेदन किया था, 2395 छात्रों को स्कूल का आवंटित किया गया था।
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गोरखपुर ने प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया है, यह पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। इस साल पिछले साल की अपेक्षा आवेदन कम आए हैं, अन्य चरणों में अधिक से अधिक आवेदन कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
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पहले चरण में 3,752 छात्रों ने किया था आवेदन, पिछले साल से कम आए आवेदन
गोरखपुर। गरीब और असहाय बच्चों को निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) में गोरखपुर बेसिक शिक्षा विभाग को प्रदेश में दसवां स्थान मिला है। शिक्षा विभाग के प्रयासों से पहले चरण में किए गए आवेदनों के आधार पर प्रदेश स्तर की रैंकिंग में जिले को यह उपलब्धि मिली है। शिक्षा विभाग के अनुसार, पिछली बार से आवेदन कम आए हैं, इस साल दिसंबर माह से आवेदन शुरू हो जाने के कारण अभिभावकों में जागरूकता कम रही है।
निशुल्क शिक्षा के इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर प्रदान करना है। आरटीई के तहत निजी विद्यालयों की कुल सीटों में से 25 प्रतिशत पर गरीब वर्ग के बच्चों प्रवेश दिया जाता है। प्रवेश की प्रक्रिया चार चरणों में आयोजित की जाती है। इस वर्ष आवेदन की प्रक्रिया दिसंबर माह से ही शुरू कर दी गयी है। मार्च माह में अंतिम चरण में आवेदन किया जाएगा। जिससे समय पर सभी छात्रों को प्रवेश मिल जाए। इस वर्ष पहले चरण में 3,752 छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1,956 छात्रों को लाटरी में सीट आवंटित किया गया। वहीं पिछले साल प्रथम चरण में 5,343 छात्रों ने आवेदन किया था, 2395 छात्रों को स्कूल का आवंटित किया गया था।
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शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गोरखपुर ने प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया है, यह पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। इस साल पिछले साल की अपेक्षा आवेदन कम आए हैं, अन्य चरणों में अधिक से अधिक आवेदन कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए

-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ