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Gorakhpur News: हेल्थ डैशबोर्ड रैकिंग में गोरखपुर को प्रदेश में दूसरा स्थान
Wed, 08 May 2024 04:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 08 May 2024 04:57 AM IST
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गोरखपुर। परिवार नियोजन, मातृ शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण और टीबी उन्मूलन जैसे प्राथमिकता वाले स्वास्थ्य संकेतांकों पर आधारित हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग में जिले को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। मिर्जापुर को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। यह रैकिंग मार्च की उपलब्धियों के आधार पर मिली है। इससे पहले अप्रैल 2023 में भी जिले को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला था।
इसके अलावा जून में छठवीं, जुलाई में आठवीं, अगस्त में सातवीं, नवंबर में पांचवी, दिसंबर में दसवीं, जनवरी में सातवीं, फरवरी में आठवीं और मार्च में दूसरी रैंक मिली थी। वहीं मई, सितंबर और अक्तूबर में जिला टॉप 20 में रहा।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जिले को रैंकिंग दिलवाने में कैम्पियरगंज, बेलघाट और पाली ब्लॉक की अस्पतालों का विशेष योगदान रहा है। रैंकिंग के लिए प्रसव पूर्व चार या उससे अधिक जांच (हीमोग्लोबिन समेत), संस्थागत प्रसव दर, नवजात के गृह आधारित देखभाल, संपूर्ण टीकाकरण और गर्भावस्था में एचआईवी जांच में जिले ने शत फीसदी प्रदर्शन किया है। सीएचसी श्रेणी का सी-सेक्शन डिलेवरी रेट 3.61 फीसदी, जिला स्तरीय श्रेणी के सी-सेक्शन डिलेवरी रेट 69.04 फीसदी, टीबी नोटिफिकेशन दर 84.87 फीसदी, स्टील बर्थ रेशियो 1.25, बर्थ डोज टीकाकरण 1.11, प्रति 1000 दंपति पर स्थायी परिवार नियोजन सेवा में 2.75 और प्रति 1000 दंपति पर अस्थायी परिवार नियोजन सेवा में 22.19 स्कोर मिला है। जिले की प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 5855 रुपये का औसत भुगतान किया गया है। इकाइयों के रिपोर्टिंग में अंतर 10.42 फीसदी मिला, जबकि 83.64 फीसदी इकाइयों द्वारा रिपोर्टिंग में ब्लैंक न छोड़ने के संकेतांक में अच्छा प्रदर्शन किया गया ।
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नियमित बैठकों और समीक्षा का परिणाम
एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने के प्रयास का नतीजा है कि पिछले साल भी अच्छा परिणाम रहा और इस बार भी जिले की रैकिंग प्रदेश स्तर पर सराही गई। सीएमओ ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी है।
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इसके अलावा जून में छठवीं, जुलाई में आठवीं, अगस्त में सातवीं, नवंबर में पांचवी, दिसंबर में दसवीं, जनवरी में सातवीं, फरवरी में आठवीं और मार्च में दूसरी रैंक मिली थी। वहीं मई, सितंबर और अक्तूबर में जिला टॉप 20 में रहा।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जिले को रैंकिंग दिलवाने में कैम्पियरगंज, बेलघाट और पाली ब्लॉक की अस्पतालों का विशेष योगदान रहा है। रैंकिंग के लिए प्रसव पूर्व चार या उससे अधिक जांच (हीमोग्लोबिन समेत), संस्थागत प्रसव दर, नवजात के गृह आधारित देखभाल, संपूर्ण टीकाकरण और गर्भावस्था में एचआईवी जांच में जिले ने शत फीसदी प्रदर्शन किया है। सीएचसी श्रेणी का सी-सेक्शन डिलेवरी रेट 3.61 फीसदी, जिला स्तरीय श्रेणी के सी-सेक्शन डिलेवरी रेट 69.04 फीसदी, टीबी नोटिफिकेशन दर 84.87 फीसदी, स्टील बर्थ रेशियो 1.25, बर्थ डोज टीकाकरण 1.11, प्रति 1000 दंपति पर स्थायी परिवार नियोजन सेवा में 2.75 और प्रति 1000 दंपति पर अस्थायी परिवार नियोजन सेवा में 22.19 स्कोर मिला है। जिले की प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 5855 रुपये का औसत भुगतान किया गया है। इकाइयों के रिपोर्टिंग में अंतर 10.42 फीसदी मिला, जबकि 83.64 फीसदी इकाइयों द्वारा रिपोर्टिंग में ब्लैंक न छोड़ने के संकेतांक में अच्छा प्रदर्शन किया गया ।
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नियमित बैठकों और समीक्षा का परिणाम
एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने के प्रयास का नतीजा है कि पिछले साल भी अच्छा परिणाम रहा और इस बार भी जिले की रैकिंग प्रदेश स्तर पर सराही गई। सीएमओ ने इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी है।