{"_id":"6837637dac66abdb7e024f10","slug":"gorakhpur-news-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-952911-2025-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलनीनो इफेक्ट : सामान्य से 12 फीसदी अधिक मानसूनी बारिश का अनुमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलनीनो इफेक्ट : सामान्य से 12 फीसदी अधिक मानसूनी बारिश का अनुमान
विज्ञापन
मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान, अच्छी बरसात से घट जाएंगे लू वाले दिन
अलनीनो इफेक्ट की वजह से इस बार झूम के बरसेंगे बादल
गोरखपुर। दक्षिण पश्चिमी मानसून के केरल में एक सप्ताह पहले सक्रिय होने के बाद अब वह सही दिशा में यूपी की तरफ बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल पूर्वी यूपी में सामान्य से करीब 12 फीसदी अधिक बरसात होगी। इस अच्छी बरसात से जून में लू वाले दिनों की संख्या में कमी आएगी। इसका सकारात्मक असर खेती पर पड़ेगा।
हर साल एक जून को दक्षिण पश्चिमी मानसून केरल तट से टकराता है। लेकिन, इस बार अलनीनो प्रभाव के चलते यह एक सप्ताह पहले ही केरल पहुंच गया। वहीं, बंगाल की खाड़ी की तरफ से चलने वाली पुरुवा हवा के भी पहले सक्रिय होने की वजह से 22 मई को ही पूर्वी यूपी व सटे बिहार में प्री मानसून का मौसम बन गया। इस बार मई में पिछले साल के मुकाबले 157 फीसदी अधिक बारिश हुई है। पूर्वी यूपी में 18 जून को मानसून आने की संभावना है।
मौसम विभाग के मानसून मिशन जलवायु पूर्वानुमान प्रणाली मॉडल सहित विभिन्न युग्मित वैश्विक जलवायु माॅडल से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में व्याप्त तटस्थ अलनीनो-दक्षिणी दोलन परिस्थितियों के कारण मानसून ऋतु-2025 (जून-जुलाई-अगस्त-सितंबर) के दौरान देश भर में 106 फीसदी बारिश होगी, जो सामान्य से अधिक है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून सीजन में औसतन 799 मिमी बारिश होती है। इस बार यह सामान्य से 10-12 प्रतिशत अधिक रहने की संभावना है। इतना ही नहीं जून में भी औसत बरसात सामान्य से अधिक होने के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। इस वजह से लू वाले दिनों की संख्या सामान्य से कम रहने की संभावना है।
विज्ञापन
--
अब सताएगी उमस भरी गर्मी
पुरुवा हवा के बढ़ते प्रभाव की वजह से पूर्वी यूपी में दो दिन से तापमान बढ़ रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 27.7 डिग्री सेल्सियस हो गया। न्यूनतम आर्द्रता भी घटकर 51 प्रतिशत पर आ गई। इस वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञानी मोहम्मद दानिश के अनुसार आने वाले पांच दिनों में पूर्वी यूपी में गर्मी के साथ-साथ 50 किमी रफ्तार से झोंकदार हवाएं और बूंदाबांदी का असर रहेगा। इस दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी भी होगी।
-- -- -
विज्ञापन
अलनीनो इफेक्ट की वजह से इस बार झूम के बरसेंगे बादल
गोरखपुर। दक्षिण पश्चिमी मानसून के केरल में एक सप्ताह पहले सक्रिय होने के बाद अब वह सही दिशा में यूपी की तरफ बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल पूर्वी यूपी में सामान्य से करीब 12 फीसदी अधिक बरसात होगी। इस अच्छी बरसात से जून में लू वाले दिनों की संख्या में कमी आएगी। इसका सकारात्मक असर खेती पर पड़ेगा।
हर साल एक जून को दक्षिण पश्चिमी मानसून केरल तट से टकराता है। लेकिन, इस बार अलनीनो प्रभाव के चलते यह एक सप्ताह पहले ही केरल पहुंच गया। वहीं, बंगाल की खाड़ी की तरफ से चलने वाली पुरुवा हवा के भी पहले सक्रिय होने की वजह से 22 मई को ही पूर्वी यूपी व सटे बिहार में प्री मानसून का मौसम बन गया। इस बार मई में पिछले साल के मुकाबले 157 फीसदी अधिक बारिश हुई है। पूर्वी यूपी में 18 जून को मानसून आने की संभावना है।
विज्ञापन
मौसम विभाग के मानसून मिशन जलवायु पूर्वानुमान प्रणाली मॉडल सहित विभिन्न युग्मित वैश्विक जलवायु माॅडल से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में व्याप्त तटस्थ अलनीनो-दक्षिणी दोलन परिस्थितियों के कारण मानसून ऋतु-2025 (जून-जुलाई-अगस्त-सितंबर) के दौरान देश भर में 106 फीसदी बारिश होगी, जो सामान्य से अधिक है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून सीजन में औसतन 799 मिमी बारिश होती है। इस बार यह सामान्य से 10-12 प्रतिशत अधिक रहने की संभावना है। इतना ही नहीं जून में भी औसत बरसात सामान्य से अधिक होने के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। इस वजह से लू वाले दिनों की संख्या सामान्य से कम रहने की संभावना है।
विज्ञापन
अब सताएगी उमस भरी गर्मी
पुरुवा हवा के बढ़ते प्रभाव की वजह से पूर्वी यूपी में दो दिन से तापमान बढ़ रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 27.7 डिग्री सेल्सियस हो गया। न्यूनतम आर्द्रता भी घटकर 51 प्रतिशत पर आ गई। इस वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञानी मोहम्मद दानिश के अनुसार आने वाले पांच दिनों में पूर्वी यूपी में गर्मी के साथ-साथ 50 किमी रफ्तार से झोंकदार हवाएं और बूंदाबांदी का असर रहेगा। इस दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी भी होगी।