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Gorakhpur News: जल संरक्षण में देश में गोरखपुर नगर निगम को मिला तीसरा स्थान
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छत्तीसगढ़ के रायपुर को पहला और तेलंगाना के हैदराबाद को दूसरा स्थान मिला
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर ने पहला और गाजियाबाद ने पूरे देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया
गोरखपुर। जल संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए गोरखपुर नगर निगम ने ‘जल संचय जन भागीदारी 1.0’ (जेएसजेब) अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश स्तर पर गोरखपुर को प्रथम स्थान मिला है।
राष्ट्रीय पटल पर गाजियाबाद ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ का रायपुर और तेलंगाना का हैदराबाद क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं। आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी और गुजरात के सूरत नगर निगम भी शीर्ष छह में शामिल हैं। अभियान के दौरान गोरखपुर ने 14,331 से अधिक जल संरचनाएं पूरी कीं। गाजियाबाद ने भी 11,406 संरचनाओं के साथ अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इन उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए 18 नवंबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
गोरखपुर नगर निगम को 2 करोड़ रुपये और गाजियाबाद को 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा। समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी उपस्थित रहेंगे। गोरखपुर नगर निगम की ओर से मेयर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल पुरस्कार ग्रहण करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में गोरखपुर ने टिकाऊ जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। नगर निगम ने ताकिया घाट नाले का जैविक शोधन, मोती पोखरा का अमृत सरोवर के रूप में विकास और वॉटर प्लस सिटी की मान्यता जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया है। गोरखपुर अब न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए जल प्रबंधन का मॉडल शहर बन चुका है।
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उत्तर प्रदेश में गोरखपुर ने पहला और गाजियाबाद ने पूरे देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया
गोरखपुर। जल संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए गोरखपुर नगर निगम ने ‘जल संचय जन भागीदारी 1.0’ (जेएसजेब) अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश स्तर पर गोरखपुर को प्रथम स्थान मिला है।
राष्ट्रीय पटल पर गाजियाबाद ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ का रायपुर और तेलंगाना का हैदराबाद क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं। आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी और गुजरात के सूरत नगर निगम भी शीर्ष छह में शामिल हैं। अभियान के दौरान गोरखपुर ने 14,331 से अधिक जल संरचनाएं पूरी कीं। गाजियाबाद ने भी 11,406 संरचनाओं के साथ अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इन उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए 18 नवंबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
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गोरखपुर नगर निगम को 2 करोड़ रुपये और गाजियाबाद को 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा। समारोह में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी उपस्थित रहेंगे। गोरखपुर नगर निगम की ओर से मेयर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल पुरस्कार ग्रहण करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में गोरखपुर ने टिकाऊ जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। नगर निगम ने ताकिया घाट नाले का जैविक शोधन, मोती पोखरा का अमृत सरोवर के रूप में विकास और वॉटर प्लस सिटी की मान्यता जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया है। गोरखपुर अब न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए जल प्रबंधन का मॉडल शहर बन चुका है।
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