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गोंडा रेल हादसा : वरिष्ठ मंडल अभियंता से लेकर कीमैन तक सबने की मानवीय भूल

Thu, 27 Mar 2025 12:53 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Mar 2025 12:53 AM IST
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Gorakhpur News: Gonda rail accident: From senior divisional engineer to keyman, everyone committed human error
बीते साल 18 जुलाई को गोंडा के झिलाही के पास पटरी से उतर गई थी चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस
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सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट में हादसे की वजह मानवीय भूल बताया
गोरखपुर। पिछले साल जुलाई में गोंडा-गोरखपुर रूट पर आ रही चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के गोंडा के झिलही स्टेशन के पास पटरी से उतरने की जांच पूरी हो गई है। सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) की रिपोर्ट में हादसे के लिए लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मण्डल इंजीनियर इंफ्रा, सहायक मंडल इंजीनियर, एसएससी, स्टेशन मास्टर, जूनियर इंजीनियर, कीमैन और सीटीएनएल को जिम्मेदार माना है।
घटनास्थल के स्टेशन मास्टर ने कॉशन लेने में तत्परता नहीं दिखाई। हालांकि, हादसा मानवीय भूल की वजह से हुआ। ट्रैक की गड़बड़ी को समय रहते नहीं सुधारा गया। रिपोर्ट में इंजीनियरिंग विभाग को प्रारंभिक जिम्मेदार माना गया है।
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बता दें कि, 18 जुलाई 2024 को गोंडा के झिलाही के पास चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस पटरी से उतरने से ट्रेन की छह बोगियां पलट गई थीं। इस हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 25 लोग घायल हुए थे। हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू करने के साथ ही सीआरएस जांच के आदेश भी दिए गए थे। जांच में रेलवे संरक्षा, सुरक्षा, सिग्नल, इंजीनियरिंग, यांत्रिक और ट्रैफिक से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई थी।
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कीमैन ने पहले ही बता दी थी हादसे की वजह
इस हादसे के बाद कीमैन और एक रेलकर्मी के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत का ऑडियो जारी हुआ था, जिसमें उसने ट्रैक मरम्मत में गड़बड़ी की बात बताई थी। हालांकि, बाद में कीमैन पर ही सबसे पहली कार्रवाई भी हुई। अब पूरी जांच रिपोर्ट में भी लगभग उसी का जिक्र है। बताया जाता है कि हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। यह ट्रेन चंडीगढ़ से 17 जुलाई की रात 11:59 बजे रवाना हुई थी। 18 जुलाई को गोंडा रेलवे स्टेशन पर दोपहर 2:25 बजे पहुंची और 2:28 बजे वहां से निकली थी। इसके बाद गोंडा मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर मोतीगंज-झिलाही बाजार के बीच 2:41 बजे ट्रेन बेपटरी हो गई थी। इंजन के बाद लगे दो कोच समेत एसी की छह बोगियां पलट गई थीं।
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