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जीआईएस : बढ़े टैक्स से 50 हजार लोगों को मिली राहत

Wed, 15 Oct 2025 01:14 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Oct 2025 01:14 AM IST
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Gorakhpur News: GIS: 50 thousand people got relief from increased tax
नोटिस पर आपत्ति के बाद कम हुआ मकान का वार्षिक मूल्यांकन
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गोरखपुर। जीआईएस सर्वे के बाद लोगों का टैक्स काफी हद तक बढ़ गया था। नागरिकों ने आपत्तियां की. जिसके बाद 50 हजार लोगों को राहत मिल गई है। वहीं, अब मोहल्लों के रेट से ही उनका हाउस टैक्स लिया जाएगा। सोमवार को बोर्ड की बैठक में इसे लेकर सहमति बनी।
बेतियाहाता पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने बोर्ड बैठक में मुद्दा उठाया था कि रुस्तमपुर का कुछ हिस्सा बेतियाहाता वार्ड में आता है। बेतियाहाता का रेट 1.20 रुपये है, जबकि रुस्तमपुर का 80 पैसे है। इसके बावजूद रुस्तमपुर के लोगों को 1.20 रुपये के रेट से हाउस टैक्स का नोटिस भेजा गया है। इससे करीब 500 भवन स्वामी परेशान हैं और उनके पास बढ़े टैक्स का नोटिस गया है। इस पर निर्णय हुआ कि मोहल्ले के जो रेट हैं उसी के अनुसार लोगों से टैक्स लिया जाएगा। यदि इस तरह को नोटिस गया है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा।
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जीआईएस (जिओग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे के आधार पर नगर निगम ने शहर के सभी वार्डों की सीमाओं और भवनों की स्थिति का डिजिटल नक्शा तैयार किया था। इस प्रक्रिया के दौरान कई मोहल्लों को एक वार्ड से हटाकर दूसरे वार्ड में शामिल कर दिया गया था। इससे इन इलाकों के निवासियों को उस नए वार्ड के अनुसार टैक्स रेट के तहत नोटिस मिलने लगे जो कि कई मामलों में ज्यादा था। अब नगर निगम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वार्ड की सीमा में बदलाव के बावजूद टैक्स का निर्धारण पुराने रेट पर ही किया जाएगा ताकि नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
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12 साल तक दोबारा सर्वे नहीं होगा, यदि नया निर्माण नहीं
नगर निगम ने यह भी साफ किया है कि यदि किसी भवन में नया निर्माण कार्य नहीं हुआ है तो उसके लिए दूसरा सर्वे 12 साल तक नहीं किया जाएगा। इससे भवन मालिकों को बार-बार टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी से राहत मिलेगी। यह फैसला उन लोगों के लिए खास राहत लेकर आया है, जो वर्षों से एक ही मकान में रह रहे हैं और जिनकी संपत्ति में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ है। इसके साथ ही टैक्स इंस्पेक्टर बार-बार सुधार को लेकर परेशान नहीं कर सकेंगे।

टैक्स बढ़ोतरी पर आई आपत्तियों का समाधान
हाल के दिनों में कुछ नागरिकों ने नगर निगम की वेबसाइट पर टैक्स की जानकारी को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि वेबसाइट पर अभी भी पुराना एरियर दिखाया जा रहा है, जबकि नए रेट के अनुसार संशोधन हो चुका है। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने वेबसाइट पर भी डेटा को अपडेट कर दिया है। अब नागरिक अपनी संपत्ति से संबंधित सही टैक्स जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं और यदि उन्हें किसी तरह की आपत्ति हो तो वे उस पर ऑनलाइन आपत्ति भी दर्ज कर सकते हैं।

इस तरह की आ रही समस्या
केस 1
घासीकटरा के सैयद अनवर ने बताया कि उनके मकान का हाउस टैक्स पिछले वर्ष की तुलना में 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़कर आया है। बताया कि पिछले वर्ष 650 रुपये जमा किए थे जो इस बार बढ़कर 14,754 रुपये आया है। जिस मोहल्ले में वह रहते हैं वहां पर सीवरलाइन भी नहीं है, जबकि इसमें सीवर का भी टैक्स लिया जा रहा है। उन्होंने निगम में इसकी शिकायत की है।

केस 2
रघुपति सहाय फिराकनगर के रामसरन सिंह ने निगम में शिकायत कर बताया कि उनका हाउस टैक्स ज्यादा आ गया है। गृह कर और जल कर में काफी अंतर है। कहा कि इसकी समीक्षा कर दुरुस्त किया जाए।


वर्जन
जीआईएस सर्वे के बाद हाउस टैक्स को लेकर आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। वार्ड में पुराने रेट से ही टैक्स लिया जा रहा है। कहीं पर यदि दूसरे रेट से नोटिस गया है तो आपत्ति आने पर उसे दुरुस्त किया जाएगा।
- दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त
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