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Gorakhpur News: गीडा ने 902 कंपनियों से मांगे उत्पादनरत के सर्टिफिकेट
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शासन के निर्देश पर मांगी गई रिपोर्ट, फैक्टरी मालिक अब जुटा रहे इससे संबंधित रिकाॅर्ड
गोरखपुर। गीडा प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र की 902 फैक्टरियों से उत्पादनरत होने का प्रमाण मांगा है। प्रमाण नहीं होने पर इन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इस आदेश के बाद उद्यमी अपने दस्तावेज एकत्रित करने में लगे हैं।
गीडा प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों की रिपोर्ट तैयार की है। अब तक 1034 भूखंडों का आवंटन किया गया है। इसमें से केवल 127 फैक्टरियों के पास ही उत्पादनरत का सर्टिफिकेट है। 902 औद्योगिक इकाइयां ऐसी हैं, जिन्हें उत्पादनरत नहीं होने वाले उद्योगों की श्रेणी में रखा गया है।
चेंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि गीडा प्रशासन की ओर से उत्पादनरत संबंधी पांच तरह के प्रमाणपत्र मांगे गए हैं। उद्यमियों को सारे प्रमाणपत्र एकत्रित करने में दिक्कत हो रही है।
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इस संबंध में सीईओ गीडा अनुज मलिक ने बताया कि शासन स्तर पर औद्योगिक स्थिति के संबंध मॉनिटरिंग की जा रही है। गीडा के 902 उद्योग उत्पादनरत श्रेणी में नहीं हैं। इनकी लिस्ट जारी की गई है। इन सभी औद्योगिक इकाइयों को उत्पादनरत संबंधी प्रमाणपत्र जमा करना है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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गोरखपुर। गीडा प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र की 902 फैक्टरियों से उत्पादनरत होने का प्रमाण मांगा है। प्रमाण नहीं होने पर इन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इस आदेश के बाद उद्यमी अपने दस्तावेज एकत्रित करने में लगे हैं।
गीडा प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों की रिपोर्ट तैयार की है। अब तक 1034 भूखंडों का आवंटन किया गया है। इसमें से केवल 127 फैक्टरियों के पास ही उत्पादनरत का सर्टिफिकेट है। 902 औद्योगिक इकाइयां ऐसी हैं, जिन्हें उत्पादनरत नहीं होने वाले उद्योगों की श्रेणी में रखा गया है।
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चेंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि गीडा प्रशासन की ओर से उत्पादनरत संबंधी पांच तरह के प्रमाणपत्र मांगे गए हैं। उद्यमियों को सारे प्रमाणपत्र एकत्रित करने में दिक्कत हो रही है।
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इस संबंध में सीईओ गीडा अनुज मलिक ने बताया कि शासन स्तर पर औद्योगिक स्थिति के संबंध मॉनिटरिंग की जा रही है। गीडा के 902 उद्योग उत्पादनरत श्रेणी में नहीं हैं। इनकी लिस्ट जारी की गई है। इन सभी औद्योगिक इकाइयों को उत्पादनरत संबंधी प्रमाणपत्र जमा करना है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।