फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Gangster case filed against gang selling fake stamps in districts of the state

Gorakhpur News: प्रदेश के जिलों में नकली स्टांप बेचने वाले गिरोह पर गैंगस्टर का केस

Thu, 20 Mar 2025 01:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Mar 2025 01:40 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: Gangster case filed against gang selling fake stamps in districts of the state
कैंट थाने की पुलिस ने गिरोह में शामिल 11 को बनाया आरोपी, बिहार का नवाब आरजू सरगना
विज्ञापन

गिरोह के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है पुलिस
गोरखपुर। बिहार में फर्जी स्टांप छापकर जिले के अलावा प्रदेश के कई जिलों में भेजने वाले गिरोह के 11 सदस्यों (गुर्गों) पर कैंट थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज कर लिया गया। कैंट पुलिस ने प्रदेश में चल रहे गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भिजवाया था। अब इनके अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
दरअसल, गोरखपुर के फर्जी स्टांप का मामला वर्ष 2024 सितंबर में सामने आने के बाद कैंट थाने में केस दर्ज किया गया था। इसी की जांच करते हुए पुलिस बिहार तक पहुंची और फिर सिवान जिले के मोफस्सिल थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी नवाब आरजू उर्फ लालू, साहेबजादे, गोरखपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के समय माता मंदिर के पास रहने वाला रामलखन जायसवाल, कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र के जानकीनगर निवासी ऐश मोहम्मद, कुशीनगर के पडरौना के सिरसिया निवासी रविंद्र दीक्षित, देवरिया के भाटपार थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 22 निवासी संतोष गुप्ता और पडरौना के बकुलहा निवासी नंदू उर्फ नंदलाल को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया था। बाद में चार आरोपी कोतवाली के जगरनाथपुर निवासी रविदत्त मिश्रा, कसया के गोपाल तिवारी, बिहार, सिवान के राजू कुमार यादव और महादेवा, सिवान की रिंकू देवी पत्नी गणेश को गिरफ्तार किए गए थे। सरगना नवाब आरजू ने भी पूछताछ में बताया था कि बिहार से कूटरचित भारतीय स्टांप पेपर और कूटरचित स्टांप टिकट छापकर गैंग के सहयोगियों के साथ अलग-अलग जिलों में तस्करी कर रहे थे।
विज्ञापन

........
दिल्ली तक बेचा गया फर्जी स्टांप
नवाब आरजू उर्फ लालू शातिर बदमाश हैं। वह पहले भी कूटरचित स्टांप पेपरों की तस्करी में जेल जा चुका है। वर्तमान में वह यूपी, बिहार और दिल्ली के विभिन्न जिलों में कूटरचित स्टांप पेपरों और टिकटों की तस्करी कर रहा था। गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से 6.94 लाख रुपये मूल्य के कूटरचित भारतीय स्टांप पेपर, 72000 रुपये मूल्य के कूटरचित भारतीय स्टांप टिकट और तीन मोबाइल फोन मिले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

..........
कोट-
फर्जी स्टांप प्रकरण में कैंट थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed