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Gorakhpur News: प्रदेश के जिलों में नकली स्टांप बेचने वाले गिरोह पर गैंगस्टर का केस
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कैंट थाने की पुलिस ने गिरोह में शामिल 11 को बनाया आरोपी, बिहार का नवाब आरजू सरगना
गिरोह के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है पुलिस
गोरखपुर। बिहार में फर्जी स्टांप छापकर जिले के अलावा प्रदेश के कई जिलों में भेजने वाले गिरोह के 11 सदस्यों (गुर्गों) पर कैंट थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज कर लिया गया। कैंट पुलिस ने प्रदेश में चल रहे गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भिजवाया था। अब इनके अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
दरअसल, गोरखपुर के फर्जी स्टांप का मामला वर्ष 2024 सितंबर में सामने आने के बाद कैंट थाने में केस दर्ज किया गया था। इसी की जांच करते हुए पुलिस बिहार तक पहुंची और फिर सिवान जिले के मोफस्सिल थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी नवाब आरजू उर्फ लालू, साहेबजादे, गोरखपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के समय माता मंदिर के पास रहने वाला रामलखन जायसवाल, कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र के जानकीनगर निवासी ऐश मोहम्मद, कुशीनगर के पडरौना के सिरसिया निवासी रविंद्र दीक्षित, देवरिया के भाटपार थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 22 निवासी संतोष गुप्ता और पडरौना के बकुलहा निवासी नंदू उर्फ नंदलाल को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया था। बाद में चार आरोपी कोतवाली के जगरनाथपुर निवासी रविदत्त मिश्रा, कसया के गोपाल तिवारी, बिहार, सिवान के राजू कुमार यादव और महादेवा, सिवान की रिंकू देवी पत्नी गणेश को गिरफ्तार किए गए थे। सरगना नवाब आरजू ने भी पूछताछ में बताया था कि बिहार से कूटरचित भारतीय स्टांप पेपर और कूटरचित स्टांप टिकट छापकर गैंग के सहयोगियों के साथ अलग-अलग जिलों में तस्करी कर रहे थे।
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दिल्ली तक बेचा गया फर्जी स्टांप
नवाब आरजू उर्फ लालू शातिर बदमाश हैं। वह पहले भी कूटरचित स्टांप पेपरों की तस्करी में जेल जा चुका है। वर्तमान में वह यूपी, बिहार और दिल्ली के विभिन्न जिलों में कूटरचित स्टांप पेपरों और टिकटों की तस्करी कर रहा था। गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से 6.94 लाख रुपये मूल्य के कूटरचित भारतीय स्टांप पेपर, 72000 रुपये मूल्य के कूटरचित भारतीय स्टांप टिकट और तीन मोबाइल फोन मिले थे।
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कोट-
फर्जी स्टांप प्रकरण में कैंट थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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गिरोह के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है पुलिस
गोरखपुर। बिहार में फर्जी स्टांप छापकर जिले के अलावा प्रदेश के कई जिलों में भेजने वाले गिरोह के 11 सदस्यों (गुर्गों) पर कैंट थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज कर लिया गया। कैंट पुलिस ने प्रदेश में चल रहे गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भिजवाया था। अब इनके अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
दरअसल, गोरखपुर के फर्जी स्टांप का मामला वर्ष 2024 सितंबर में सामने आने के बाद कैंट थाने में केस दर्ज किया गया था। इसी की जांच करते हुए पुलिस बिहार तक पहुंची और फिर सिवान जिले के मोफस्सिल थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी नवाब आरजू उर्फ लालू, साहेबजादे, गोरखपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के समय माता मंदिर के पास रहने वाला रामलखन जायसवाल, कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र के जानकीनगर निवासी ऐश मोहम्मद, कुशीनगर के पडरौना के सिरसिया निवासी रविंद्र दीक्षित, देवरिया के भाटपार थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 22 निवासी संतोष गुप्ता और पडरौना के बकुलहा निवासी नंदू उर्फ नंदलाल को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया था। बाद में चार आरोपी कोतवाली के जगरनाथपुर निवासी रविदत्त मिश्रा, कसया के गोपाल तिवारी, बिहार, सिवान के राजू कुमार यादव और महादेवा, सिवान की रिंकू देवी पत्नी गणेश को गिरफ्तार किए गए थे। सरगना नवाब आरजू ने भी पूछताछ में बताया था कि बिहार से कूटरचित भारतीय स्टांप पेपर और कूटरचित स्टांप टिकट छापकर गैंग के सहयोगियों के साथ अलग-अलग जिलों में तस्करी कर रहे थे।
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दिल्ली तक बेचा गया फर्जी स्टांप
नवाब आरजू उर्फ लालू शातिर बदमाश हैं। वह पहले भी कूटरचित स्टांप पेपरों की तस्करी में जेल जा चुका है। वर्तमान में वह यूपी, बिहार और दिल्ली के विभिन्न जिलों में कूटरचित स्टांप पेपरों और टिकटों की तस्करी कर रहा था। गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से 6.94 लाख रुपये मूल्य के कूटरचित भारतीय स्टांप पेपर, 72000 रुपये मूल्य के कूटरचित भारतीय स्टांप टिकट और तीन मोबाइल फोन मिले थे।
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कोट-
फर्जी स्टांप प्रकरण में कैंट थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी