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हैलो...आपके पार्सल में ड्रग्स है: सेटलमेंट के लिए की 2 लाख रुपये की मांग- गोरखपुर में डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट

Mon, 30 Sep 2024 11:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 30 Sep 2024 11:56 AM IST
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In Gorakhpur, Fraudsters digitally arrest retired doctor
डिजिटल अरेस्ट। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर के कैंट इलाके में रहने वाले 80 वर्षीय रिटायर डॉक्टर को शनिवार की शाम जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया। कूरिअर में ड्रग्स के मिलने की खबर देकर जालसाजों ने मामला रफा-दफा करने के लिए दो लाख रुपये की डिमांड की। डॉक्टर दवा खाने के लिए उठे और दरवाजे से सीधे बाहर चले गए।
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घबराए हुए डॉक्टर पड़ोसी अधिवक्ता के पास गए तो उन्होंने डिजिटल अरेस्ट के फर्जीवाड़ा को समझा और फोन को डिस्कनेक्ट कर डॉक्टर को बचाया। रविवार को रिटायर डॉक्टर अपनी शिकायत लेकर साइबर थाने पहुंचे।
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डिजिटल अरेस्ट कर की ठगी। - फोटो : amar ujala
जानकारी के अनुसार, रिटायर डॉक्टर शनिवार की शाम में मोहल्ले में टहलने गए थे। शाम सात बजे वह घर लौटे तो उनके पास एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को नारकोटिक्स विभाग का बताया। बोला कि आपने कूरिअर मंगाया है जिसमें ड्रग्स है। आप को जेल होगी।

इस उम्र में जेल का नाम सुनते ही वह हैरान हो गए। उन्होंने कूरिअर मंगाने से इनकार कर दिया लेकिन जालसाज ने डॉक्टर का नाम बताते हुए कहा कि उसके पास कई सुबूत हैं। डॉक्टर डर गए और जालसाज जो कहता गया, वह करते चले गए। वीडियो कॉल पर आने के बाद उसने कहा कि आपकी बड़े साहब से बात करा देते हैं, आपकी उम्र तो ज्यादा है, लगता है आप को फंसाया गया है।
 
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साइबर क्राइम - फोटो : X @DGPPunjabPolice
इसके बाद वीडियो कॉल पर एक वर्दी वाला अफसर आया तो डॉक्टर को यकीन हो गया कि वह पुलिस वाला ही है। बातचीत के दौरान उनसे दो लाख रुपये के इंतजाम की बात कही। बताया गया कि रुपये देकर मामला रफा-दफा कर दीजिए। इसके बाद वह और बेचैन हो गए और दवा खाने की अनुमति मांग लिए।

दवा के बहाने उठते ही वह बेचैन होकर बाहर चले गए। तभी उनकी नजर पड़ोसी अधिवक्ता पर पड़ गई। उन्होंने बताया तो वह तुरंत ही समझ गए, उनके साथ जालसाजी की कोशिश है। उनके समझाने पर वह माने और फिर कई बार कॉल आने पर भी नहीं उठाएं।
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साइबर क्राइम रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
पहले भी डिजिटल अरेस्ट के आ चुके हैं मामले
- सिविल लाइंस इलाके के एक स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 12.56 लाख रुपये की जालसाजी हुई। वह 13 मई से लगाए 24 मई तक जालसाजों के संपर्क भी थीं। इस दौरान वह अपनी पल-पल की सूचनाएं जालसाजों को देती रहीं। प्रिंसिपल से कस्टम अधिकारी बनकर जालसाजी की घटना को अंजाम दिया गया था।

- मिर्जापुर का एक युवक गोरखपुर में एक कंपनी में मैनेजर है। वह गोलघर इलाके में किराए का कमरा लेकर रहता है। सीबीआई अफसर बनकर उसे 48 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 14 लाख 96 हजार रुपये ऐंठने का मामला सामने आ चुका है।

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साइबर ठगी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
- शाहपुर के हरिद्वारपुरम कालोनी निवासी ऑलविन अर्विन्द बर्नाड एसबीआई में शाखा प्रबंधक पद से कुछ वर्ष पहले रिटायर हुए थे। बीते 31 जुलाई को उनको डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। वह 33 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रहे।

- तिवारीपुर में रहने वाले बैंककर्मी कमलनाथ विश्वास की पत्नी प्रज्ञा विश्वास को भी सीबीआई का अफसर बनकर डिजिटल अरेस्ट का मामला प्रकाश में आ चुका है। ऑनलाइन रहते हुए पत्नी ने दूसरे नंबर से पति को कॉल कर मां की बीमारी के नाम पर रुपये मांगे। शक होने पर वह घर पहुंचे तो पत्नी परेशान हाल मोबाइल के सामने बैठी थी, उसे समझाकर फोन कटवाया।

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रिजर्व बैंक बढ़ते साइबर से चिंतित (प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला / फ्री पिक
साइबर अपराध से बचाव एवं सावधानियां
- डिजिटल अरेस्ट कभी पुलिस नहीं करती है, ऐसी अफवाह से बचें।
- टेलीग्राम, वाट्सएप, इंस्टाग्राम के माध्यम से टास्क पूरा कर पैसे कमाएं, जैसे लुभावने अफवाहों से बचें।

- क्रिप्टो करेंसी, बिटकॉइन में पैसे इन्वेस्ट करने पर तीन गुना कमाने वाली बातों में आकर जाल में न फंसें।

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साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्री-पिक

- फोन पर पुलिस अधिकारी बनकर पुत्र-पुत्री को किसी केस में फंसाने का डर दिखाने वालों से बचें।

- पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ओटीपी व बैंक खाते आदि किसी को भी साझा न करें।
- किसी भी अंजान व्यक्ति से व्हाट्सएप वीडियो कॉल करने में पूर्ण सावधानी बरतें।

साइबर थाने के उपेंद्र सिंह ने बताया कि रिटायर डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट करके जालसाजी की कोशिश की गई। लेकिन, वह अपने पड़ोसी की मदद से बच गए। उनके प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच की जा रही है।

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