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Gorakhpur News: फर्जी फाइनेंस कंपनी बनाकर ठगी, तीन महिलाओं समेत 21 पर केस

Sun, 03 Aug 2025 01:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 03 Aug 2025 01:44 AM IST
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Gorakhpur News: Fraud by creating fake finance company, case filed against 21 including three women
ठगी के शिकार पीड़ित ने लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय में लगाई थी गुहार
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गोरखपुर। थाना क्षेत्र में फर्जी फाइनेंस कंपनी बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। सहजनवां अलगटपुर निवासी दिवाकर साहनी से बस खरीदने के लिए डाउन पेमेंट के नाम पर तीन लाख रुपये जमा कराए गए। ठगी के बाद थाने की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद दिवाकर ने लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया। मुख्यमंत्री के आदेश पर गीडा थाने में फर्जी कंपनी चलाने के 21 आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार रात केस दर्ज किया गया। इसमें तीन महिलाएं शामिल हैं।
एसपी नार्थ जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अनुराग गुप्ता, संदीप, नवनीत, जय सिंह, अनामिका सिंह, मीना जैन, मनीष जैन, मुकेश जैन, सोहन पनवार, नंद किशोर, अंगद गोस्वामी, इंदर कुमार, मीना, सन्नी, आशीष जैन, मुकेश, हर्ष, मुकेश उर्फ बामनिया, रामासरे यादव, राजू यादव और जितेंद्र सिंह तनेजा के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज किया गया है।
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दिवाकर साहनी ने बताया कि पुरानी बस खरीदने के लिए परिचित अनुराग गुप्ता ने बताया कि ओम बस ट्रेवल्स कंपनी बस बनाती और फाइनेंस भी करती है। अनुराग ने पुरानी बस का फोटो दिखाकर बताया कि 15 लाख रुपये में मिल जाएगी। 5 लाख रुपये डाउन पेमेंट जमा करना पड़ेगा। बाकी की रकम ईएमआई के माध्यम से जमा करनी होगी। हामी भरने पर अनुराग और संदीप ने कहा कि 10 फरवरी को डाउन पेमेंट जमा कर गाड़ी ले जाने की बात कही। जब उन्होंने 10 फरवरी को अनुराग को काॅल की तो उसने कहा कि नोएडा में बस लौंग, इलायची, गांजा और स्मैक के साथ पकड़ी गई है। दो से तीन दिन में छूट जाएगी। दो दिन बाद अनुराग ने कॉल कर बताया कि बस छूट गई है। डाउन पेमेंट कराकर बस ले जाने को कहा। इस पर उन्होंने 1.50 लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद संदीप से बात हुई तो कहा कि गाड़ी अभी छूटी नहीं है। थोड़ा समय और रुक जाओ।
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एक अप्रैल को अनुराग ने दूसरी गाड़ी का फोटो भेजा। इसके बाद अलग-अलग दिनों में कुल तीन लाख रुपये जमा किए। आरोप है कि 18 मई को बस मिली तो स्टार्ट करके सवारी भरने लगा। अब एसी से धुआं निकबा। मैकेनिक से चेक कराया तो उसने बताया कि गाड़ी का इंजन और चेचिस नंबर गलत है। जानकारी की तो पता चला कि ट्रेवल्स कंपनी के खिलाफ सहजनवां थाने में फर्जीवाड़ा का केस दर्ज हो चुका है। जो वर्तमान में नाम बदलकर ठगी कर रहे हैं।
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