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पहली बार राष्ट्रपति का सड़क पर उतर छात्रों से आत्मीय संवाद अभिभूत करने वाला : सीएम
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एमजीयूजी में लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए बोले मुख्यमंत्री
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाएं अपने संस्थापकों की भावनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप राष्ट्र प्रथम के भाव से सेवा कार्य कर रहीं हैं। राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए उनके संघर्ष और सफलता की यात्रा का भी ध्यान दिलाया। कहा कि देश की कोटि-कोटि मातृशक्ति के लिए राष्ट्रपति प्रेरणा पुंज हैं। वह फर्श से अर्श तक और शून्य से शिखर की यात्रा की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने संघर्षों से अपना रास्ता बनाया और निजी दिक्कतों को कभी भी राष्ट्र प्रथम के मार्ग में बाधक नहीं बनने दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार भारत के संवैधानिक प्रमुख का सड़क पर छात्रों के बीच आत्मीय संवाद अभिभूत करने वाला है। सीएम ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता, ‘वसुधा का नेता कौन हुआ, भूखंड विजेता कौन हुआ, अतुलित यश क्रेता कौन हुआ, नव-धर्म प्रणेता कौन हुआ, जिसने न कभी आराम किया, विघ्नों में रहकर नाम किया’ का उद्धरण देते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसकी साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का दौरा पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत प्रेरक रहा। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने अपने संघर्षमय जीवन में एक शिक्षिका से राज्यपाल पद तक की सेवा यात्रा की है।
सीएम ने राष्ट्रपति के दो दिवसीय प्रदेश दौरे के दौरान आईवीआरआई बरेली, गोरखपुर एम्स और आयुष विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी उच्च स्तरीय संस्थान विज्ञान के अलग-अलग फील्ड में काम करते हैं लेकिन राष्ट्रपति के इस दौरे का समापन महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में हो रहा है जो इन सभी फील्ड में काम करने वाला संस्थान है।
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यज्ञ की सफलता का आधार बन रही बारिश
मुख्यमंत्री ने कार्यकम के दौरान बारिश होने को लेकर भी बात की। कहा कि 2021 में जब तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एमजीयूजी का लोकार्पण करने आए थे तब भी काफी बारिश हुई थी। आज महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर भी बारिश यज्ञ की सफलता का आधार बन रही है।
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाएं अपने संस्थापकों की भावनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप राष्ट्र प्रथम के भाव से सेवा कार्य कर रहीं हैं। राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए उनके संघर्ष और सफलता की यात्रा का भी ध्यान दिलाया। कहा कि देश की कोटि-कोटि मातृशक्ति के लिए राष्ट्रपति प्रेरणा पुंज हैं। वह फर्श से अर्श तक और शून्य से शिखर की यात्रा की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने संघर्षों से अपना रास्ता बनाया और निजी दिक्कतों को कभी भी राष्ट्र प्रथम के मार्ग में बाधक नहीं बनने दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार भारत के संवैधानिक प्रमुख का सड़क पर छात्रों के बीच आत्मीय संवाद अभिभूत करने वाला है। सीएम ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता, ‘वसुधा का नेता कौन हुआ, भूखंड विजेता कौन हुआ, अतुलित यश क्रेता कौन हुआ, नव-धर्म प्रणेता कौन हुआ, जिसने न कभी आराम किया, विघ्नों में रहकर नाम किया’ का उद्धरण देते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसकी साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का दौरा पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत प्रेरक रहा। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने अपने संघर्षमय जीवन में एक शिक्षिका से राज्यपाल पद तक की सेवा यात्रा की है।
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सीएम ने राष्ट्रपति के दो दिवसीय प्रदेश दौरे के दौरान आईवीआरआई बरेली, गोरखपुर एम्स और आयुष विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी उच्च स्तरीय संस्थान विज्ञान के अलग-अलग फील्ड में काम करते हैं लेकिन राष्ट्रपति के इस दौरे का समापन महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में हो रहा है जो इन सभी फील्ड में काम करने वाला संस्थान है।
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यज्ञ की सफलता का आधार बन रही बारिश
मुख्यमंत्री ने कार्यकम के दौरान बारिश होने को लेकर भी बात की। कहा कि 2021 में जब तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एमजीयूजी का लोकार्पण करने आए थे तब भी काफी बारिश हुई थी। आज महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन पर भी बारिश यज्ञ की सफलता का आधार बन रही है।