{"_id":"687e8dfa39678dac4b065a46","slug":"gorakhpur-news-food-poisoning-exams-of-mbbs-2021-students-postponed-in-brd-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1010367-2025-07-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फूड पॉइजनिंग: बीआरडी में MBBS 2021 के छात्रों की टली परीक्षाएं टली, अभिभावकों ने घर बुलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फूड पॉइजनिंग: बीआरडी में MBBS 2021 के छात्रों की टली परीक्षाएं टली, अभिभावकों ने घर बुलाया
Tue, 22 Jul 2025 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 12:29 AM IST
सार
पिछले शुक्रवार को मेस में मशरूम की सब्जी खाने के बाद छात्रों की तबीयत खराब होनी शुरू हो गई। एक-एक कर 15 से ज्यादा छात्रों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। रविवार तक 40 छात्रों की तबीयत खराब हो गई। छात्रों को शुरुआती लक्षणों पर कोई प्रभावी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। तीन दिन तक छात्र खुद से ओआरएस और एंटीबायोटिक दवाएं लेकर इलाज करते रहे।
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद 22 जुलाई से शुरू होने वाली एमबीबीएस 2021 बैच की परीक्षा स्थगित कर दी गई है। न्यू यूजी हॉस्टल में रह रहे एमबीबीएस 2021 बैच के छात्रों की फूड पॉइजनिंग की वजह से तबीयत खराब होने की वजह से कॉलेज प्रशासन ने यह फैसला लिया है। इसके साथ ही मेस को भी बंद कर दिया गया है। बीमार छात्रों को अभिभावकों ने घर बुला लिया है।
विज्ञापन
पिछले शुक्रवार को मेस में मशरूम की सब्जी खाने के बाद छात्रों की तबीयत खराब होनी शुरू हो गई। एक-एक कर 15 से ज्यादा छात्रों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। रविवार तक 40 छात्रों की तबीयत खराब हो गई। छात्रों को शुरुआती लक्षणों पर कोई प्रभावी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। तीन दिन तक छात्र खुद से ओआरएस और एंटीबायोटिक दवाएं लेकर इलाज करते रहे।
विज्ञापन
Trending Videos
हालात बिगड़ने पर एक छात्र ने प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद प्राचार्य खुद हॉस्टल पहुंचे और मामले का संज्ञान लिया। अस्पताल पहुंचे अधिकतर छात्रों को आवश्यक दवाएं देकर हॉस्टल भेज दिया गया। दो छात्र गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे, जिन्हें भर्ती कर इलाज किया गया। सोमवार सुबह उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
छात्रों की सेहत को देखते हुए 22 जुलाई से शुरू होने वाली एमबीबीएस 2021 बैच की प्रथम प्री-प्रोफेशनल टर्मिनल परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। अब यह परीक्षा 31 जुलाई से आयोजित की जाएगी।
छात्रों की सेहत को देखते हुए 22 जुलाई से शुरू होने वाली एमबीबीएस 2021 बैच की प्रथम प्री-प्रोफेशनल टर्मिनल परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। अब यह परीक्षा 31 जुलाई से आयोजित की जाएगी।
विज्ञापन
मेस को किया गया बंद, बीमार छात्रों को अभिभावकों ने घर बुलाया
न्यू यूजी के हॉस्टल में करीबन 300 छात्र रहते हैं, फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद हाॅस्टल का मेस बंद कर दिया गया है। इससे हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को अन्य हॉस्टल या बाहर से मंगाए गए भोजन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। घटना के बाद अधिकतर बीमार छात्रों को उनके परिजनों ने घर भी बुला लिया है।
न्यू यूजी के हॉस्टल में करीबन 300 छात्र रहते हैं, फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद हाॅस्टल का मेस बंद कर दिया गया है। इससे हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को अन्य हॉस्टल या बाहर से मंगाए गए भोजन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। घटना के बाद अधिकतर बीमार छात्रों को उनके परिजनों ने घर भी बुला लिया है।
छात्र बोले- खराब खाना, गंदगी और हो रही अनदेखी
छात्रों ने बताया कि परिसर में बने न्यू यूजी हॉस्टल, राजेंद्र और गौतम हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से 3300 से 3600 रुपये प्रतिमाह भोजन शुल्क लिया जाता है। कई बार खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
छात्रों का कहना है कि वे नई मेस की मांग लंबे समय से कर रहे हैं, जिसमें गुणवत्ता नियंत्रण और स्वच्छता के मानक तय हों। छात्रों ने बताया कि मेस और हॉस्टल के आसपास गंदगी फैली रहती है। कीटनाशकों का छिड़काव नियमित नहीं होता, जिससे मच्छर और कीड़े-मकोड़ों की समस्या बनी रहती है। कई बार इसकी भी शिकायत प्रशासन से की गई लेकिन नतीजा शून्य रहा।
छात्रों ने बताया कि परिसर में बने न्यू यूजी हॉस्टल, राजेंद्र और गौतम हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से 3300 से 3600 रुपये प्रतिमाह भोजन शुल्क लिया जाता है। कई बार खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
छात्रों का कहना है कि वे नई मेस की मांग लंबे समय से कर रहे हैं, जिसमें गुणवत्ता नियंत्रण और स्वच्छता के मानक तय हों। छात्रों ने बताया कि मेस और हॉस्टल के आसपास गंदगी फैली रहती है। कीटनाशकों का छिड़काव नियमित नहीं होता, जिससे मच्छर और कीड़े-मकोड़ों की समस्या बनी रहती है। कई बार इसकी भी शिकायत प्रशासन से की गई लेकिन नतीजा शून्य रहा।