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Gorakhpur News: दुख और खुशियों के बीच परिवार, डॉ. निमिषा ने बेटी को दिया जन्म
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर अबिषो की मौत की जांच जारी
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात रहे जूनियर डॉक्टर अबिषो की पत्नी डॉ. निमिषा ने सोमवार सुबह एक बेटी को जन्म दिया। केरल के तिरुवनंतपुरम में घर में एक तरफ मातम पसरा था तो दूसरी तरफ अस्पताल में किलकारी गूंज रही थी। इधर, डॉ. अबिषो की मौत मामले की जांच जारी है।
डॉ. अबिषो की बच्ची होने की खबर सुनकर साथी डॉक्टरों का कहना है कि वह छुट्टी से लौटने के बाद सभी को पार्टी देने की बात कर रहे थे। वह बेहद खुश थे कि वे जल्द ही पिता बनने वाले हैं। उनका दुनिया से चले जाना सभी के लिए सदमे जैसा है।
डॉ. अबिषो का शव 11 जुलाई को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के कमरे (25-जी) में मिला था। 12 जुलाई को उनके भाई अभिनव और ससुर साल्वे राज गोरखपुर पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद 13 जुलाई को उनका शव केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित घर ले गए। सोमवार को अंतिम संस्कार हुआ। सोमवार सुबह चार बजे पत्नी डॉ. निमिषा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्हें परिजन श्री एवीटॉम थिरुनल मेडिकल कॉलेज (एसएटी) लेकर गए, जहां सुबह सात बजे उन्होंने बच्ची को जन्म दिया। इस कठिन समय में परिवार की महिलाएं डॉ. निमिषा के साथ थीं। बेटी के जन्म की खुशी के बीच पति के गम ने पूरे माहौल को भावुक बना दिया।
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डिलीवरी के दौरान बार-बार पति का नाम लेती रहीं डॉ. निमिषा
डिलीवरी के दौरान डॉ. निमिषा बार-बार अपने पति अबिषो का नाम लेती रहीं। उन्हें डॉक्टरों ने समझाकर शांत किया। ससुर साल्वे राज ने बताया कि निमिषा और अबिषो दोनों की मेटरनिटी लीव की योजना भी बन चुके थे। तीन महीने तक निमिषा केरल में रहने वाली थीं और उसके बाद तीन महीने गोरखपुर जाने की तैयारी थी। उन्होंने बताया कि डॉ. अबिषो को सारे काम प्लान के अनुसार करने की आदत थी, बच्चे के जन्म और आगे की तैयारियों को लेकर उत्साहित था। हमेशा हंसते रहता था, परिवार में भी किसी से किसी तरह के तनाव की बात नहीं कही थी।
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात रहे जूनियर डॉक्टर अबिषो की पत्नी डॉ. निमिषा ने सोमवार सुबह एक बेटी को जन्म दिया। केरल के तिरुवनंतपुरम में घर में एक तरफ मातम पसरा था तो दूसरी तरफ अस्पताल में किलकारी गूंज रही थी। इधर, डॉ. अबिषो की मौत मामले की जांच जारी है।
डॉ. अबिषो की बच्ची होने की खबर सुनकर साथी डॉक्टरों का कहना है कि वह छुट्टी से लौटने के बाद सभी को पार्टी देने की बात कर रहे थे। वह बेहद खुश थे कि वे जल्द ही पिता बनने वाले हैं। उनका दुनिया से चले जाना सभी के लिए सदमे जैसा है।
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डॉ. अबिषो का शव 11 जुलाई को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के कमरे (25-जी) में मिला था। 12 जुलाई को उनके भाई अभिनव और ससुर साल्वे राज गोरखपुर पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद 13 जुलाई को उनका शव केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित घर ले गए। सोमवार को अंतिम संस्कार हुआ। सोमवार सुबह चार बजे पत्नी डॉ. निमिषा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्हें परिजन श्री एवीटॉम थिरुनल मेडिकल कॉलेज (एसएटी) लेकर गए, जहां सुबह सात बजे उन्होंने बच्ची को जन्म दिया। इस कठिन समय में परिवार की महिलाएं डॉ. निमिषा के साथ थीं। बेटी के जन्म की खुशी के बीच पति के गम ने पूरे माहौल को भावुक बना दिया।
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डिलीवरी के दौरान बार-बार पति का नाम लेती रहीं डॉ. निमिषा
डिलीवरी के दौरान डॉ. निमिषा बार-बार अपने पति अबिषो का नाम लेती रहीं। उन्हें डॉक्टरों ने समझाकर शांत किया। ससुर साल्वे राज ने बताया कि निमिषा और अबिषो दोनों की मेटरनिटी लीव की योजना भी बन चुके थे। तीन महीने तक निमिषा केरल में रहने वाली थीं और उसके बाद तीन महीने गोरखपुर जाने की तैयारी थी। उन्होंने बताया कि डॉ. अबिषो को सारे काम प्लान के अनुसार करने की आदत थी, बच्चे के जन्म और आगे की तैयारियों को लेकर उत्साहित था। हमेशा हंसते रहता था, परिवार में भी किसी से किसी तरह के तनाव की बात नहीं कही थी।