फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Fake stamp: Nawab Arzoo spills the beans, now looking for supplier from Patna

फर्जी स्टांप: नवाब आरजू ने उगले राज, अब पटना के सप्लायर की तलाश

Wed, 18 Sep 2024 07:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 07:54 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: Fake stamp: Nawab Arzoo spills the beans, now looking for supplier from Patna
गोरखपुर। फर्जी स्टांप प्रकरण में रिमांड पर लिए गए सिवान, बिहार के नवाब आरजू ने इस धंधे में पटना के एक सप्लायर की अहम भूमिका बताई है। यह सप्लायर गोरखपुर में रहकर बिहार से आने वाले जाली नोट और फर्जी स्टांप को निश्चित ठिकाने तक पहुंचाता है। यही नहीं, नवाब ने पूछताछ में पुलिस को कई और नाम भी बताए हैं, जिसके बाद एक टीम गोपनीय तरीके से उनकी तलाश में लग गई है। पुलिस सप्लायर को पकड़ने के लिए पटना पुलिस से भी मदद ले रही है।
विज्ञापन




बिहार, सिवान के मोफस्सिल नई बस्ती निवासी नवाब आरजू ने रिमांड के दौरान ही लैपटाप, प्रिंटर के साथ 200 रुपये के चार जाली नोट बरामद कराए हैं। अब पुलिस के साथ एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) को भी इस धंधे में फंडिंग करने वाले आरोपी कैंट थाने के वांछित फिरोजाबाद निवासी अर्पित जैन की तलाश है। कैंट पुलिस अर्पित का एनबीडब्ल्यू लेकर उसे भगोड़ा घोषित कर इनाम रखने की भी तैयारी में जुटी है। पुलिस की मानें तो इस केस में नामजद आरोपियों के अलावा और नए नाम शामिल हो सकते हैं।
विज्ञापन




पुलिस को नवाब आरजू के मोबाइल फोन में व्हाट्सएप पर धंधे से जुड़ी बातचीत के मैसेज मिले हैं। फर्जी स्टांप और जाली नोट को कहां-कहां पहुंचाना है, उसे कौन लेकर जाएगा, किन रास्तों से ले जाना है, ऐसे मैसेज भी व्हाट्सएप पर मिले हैं। इन्होंने व्हाट्सएप पर एक ग्रुप भी बनाया है, एक मैसेज पर ही सदस्य अलर्ट हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




एक सितंबर को एटीएस ने सिवान के नवाब आरजू और राजू यादव को पकड़ा। इसकी खबर सोशल मीडिया और अखबारों के माध्यम से जैसे ही गैंग के गुर्गों को मिली, वे अपना ठिकाना बदलकर दूसरी जगहों पर चले गए। साथ ही अब वे व्हाट्सएप या मोबाइल भी नहीं चला रहे हैं।



कोर्ट ने बुधवार को सुबह सात से रात 10 बजे तक के लिए नवाब आरजू की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की थी। जिला कारागार से अभिरक्षा में लेकर विवेचक पहले सिवान गए, वहां पहुंचने पर उसने बताया कि मैरवा में रहने वाली बहन के घर पर जाली नोट, प्रिंटर व लैपटाॅप रखा था। पकड़े जाने के बाद उसकी पत्नी ने गोरखपुर में ले जाकर छिपा दिया है।



रात को कैंट पुलिस ने नवाब की निशानदेही पर रेलवे स्टेशन के गेट नंबर सात के पास झाड़ी में पड़े बैग से लैपटाॅप, प्रिंटर के साथ ही 200 रुपये के चार जाली नोट बरामद किए।




वर्जन



फर्जी स्टांप प्रकरण में नवाब आरजू को रिमांड पर लिया गया था। उसने कई और नाम बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। कैंट थाने से वांछित अर्पित जैन की तलाश में पुलिस की एक टीम लगी है। उसके ठिकाने पर टीम ने छापा भी मारा था।



-अंशिका वर्मा, सीओ कैंट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed