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फर्जी परवाना : नामांतरण के खेल में 50 से ज्यादा नाम...मिले हैं विभाग के लोग भी

Wed, 16 Jul 2025 01:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 01:18 AM IST
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Gorakhpur News: Fake license: More than 50 names involved in name transfer game...department people also involved
पुलिस की जांच में कुशीनगर और देवरिया के साथ ही गोरखपुर के भी जालसाजों की मिलीभगत सामने आई
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देवरिया के रुद्रपुर तहसील में 11 और कुशीनगर के खड्डा में तीन के खिलाफ कैंट थाने में दर्ज है मुकदमा
गोरखपुर। नदी के किनारे की जमीन पर फर्जी परवाना आदेश (नामांतरण) से नाम दर्ज कराने के मामले में जांच कर रही कैंट पुलिस जल्द ही बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर सकती है। विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला है कि कुशीनगर और देवरिया के 50 से अधिक लोग इस फर्जीवाड़े में शामिल हैं। इनमें विभागीय लोग भी हैं। जांच में सभी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
फर्जी परवाना के आधार पर जमीन अपने नाम करवाने वाले धंधेबाजों का खुलासा फरवरी में हुआ था। रुद्रपुर, देवरिया के 11 और खड्डा, कुशीनगर के तीन मामले पकड़े गए थे जिनमें लोगों ने फर्जी परवाना के आधार पर दूसरे की जमीन अपने नाम करा ली। सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) के पेशकार अंकुर श्रीवास्तव की तहरीर पर कैंट पुलिस ने 19 फरवरी 2025 को सभी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया था। पुलिस की अब तक जांच में कुशीनगर और देवरिया के साथ ही गोरखपुर के कुछ लोगों की मिलीभगत सामने आई है।
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मामले की विभागीय जांच भी कराई गई लेकिन सभी को क्लीन चिट दे दी गई। अब पुलिस की जांच आगे बढ़ने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल 33 एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था लेकिन अब रकबा और बढ़ जाएगा। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को कुछ और जमीन के बारे में पता चला है कि जिसका फर्जी तरीके से नामांतरण करा लिया गया है। पुलिस उसके बारे में भी पता लगाने में जुट गई है। इन जमीनों के बारे में तहसील स्तर पर शिकायत हुई थी लेकिन मामले की जांच दबा दी गई।
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बदले गए विवेचक, तहसीलों से मिले दस्तावेज
जमीन के नामांतरण में हुए फर्जीवाड़े की जांच में देरी पर विवेचक भी बदल दिए गए। अब जांच की जिम्मेदारी एसआई अशोक यादव को दी गई है। पुलिस ने कुशीनगर और देवरिया तहसील से जमीन से संबंधित दस्तोवज हासिल कर लिए हैं। इससे पहले गोरखपुर के सहायक अभिलेख अधिकारी के कार्यालय से संपर्क साधा था लेकिन यहां कोई दस्तावेज नहीं मिला।

कोट
फर्जी परवाना प्रकरण में आरोपियों से पूछताछ में कुछ और लोगों की संलिप्तता मिली है। सभी के बारे में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
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