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फर्जी परवाना प्रकरण : 17 नए संदिग्ध के नाम मिले...दर्ज हो सकता है केस
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एआरओ कार्यालय से पुलिस को मिली जानकारी, जांच शुरू
देवरिया के रुद्रपुर और कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील में दस्तावेज खंगालने जाएगी पुलिस
गोरखपुर। चकबंदी से बची भूमि को हड़पने के लिए फर्जी परवाना आदेश तैयार कर हेराफेरी करने वाले गिरोह के पर्दाफाश के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब 17 नए संदिग्ध के नाम सामने आए हैं। जांच कर इनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जा सकता है।
सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) कार्यालय के कर्मचारियों ने पुलिस को नई जानकारी दी है। इसके बाद जांच टीम को देवरिया के रुद्रपुर और कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील में दस्तावेज खंगालने के लिए भेजने की तैयारी चल रही है। 19 फरवरी 2025 को कैंट थाने में सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) के प्रभारी पेशकार न्यायालय सहायक अंकुर श्रीवास्तव की तहरीर पर 14 नामजद और अज्ञात के खिलाफ जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि देवरिया और कुशीनगर के 14 लोगों ने फर्जी परवाना बनवाकर जमीन अपने नाम कराने की कोशिश की थी। इनमें से 11 मामले देवरिया के रुद्रपुर तहसील और तीन मामले कुशीनगर जिले के खड्डा व पडरौना तहसील से जुड़े थे। अब 17 और नए नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
पुलिस के मुताबिक, कई नामजद आरोपियों का पूरा पता अभी तक तस्दीक नहीं हो सका है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में कोई सरकारी कर्मचारी या प्रभावशाली व्यक्ति शामिल है। इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया है कि 17 संदिग्ध के नाम सामने आए हैं, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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देवरिया के रुद्रपुर और कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील में दस्तावेज खंगालने जाएगी पुलिस
गोरखपुर। चकबंदी से बची भूमि को हड़पने के लिए फर्जी परवाना आदेश तैयार कर हेराफेरी करने वाले गिरोह के पर्दाफाश के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब 17 नए संदिग्ध के नाम सामने आए हैं। जांच कर इनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जा सकता है।
सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) कार्यालय के कर्मचारियों ने पुलिस को नई जानकारी दी है। इसके बाद जांच टीम को देवरिया के रुद्रपुर और कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील में दस्तावेज खंगालने के लिए भेजने की तैयारी चल रही है। 19 फरवरी 2025 को कैंट थाने में सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) के प्रभारी पेशकार न्यायालय सहायक अंकुर श्रीवास्तव की तहरीर पर 14 नामजद और अज्ञात के खिलाफ जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि देवरिया और कुशीनगर के 14 लोगों ने फर्जी परवाना बनवाकर जमीन अपने नाम कराने की कोशिश की थी। इनमें से 11 मामले देवरिया के रुद्रपुर तहसील और तीन मामले कुशीनगर जिले के खड्डा व पडरौना तहसील से जुड़े थे। अब 17 और नए नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
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पुलिस के मुताबिक, कई नामजद आरोपियों का पूरा पता अभी तक तस्दीक नहीं हो सका है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में कोई सरकारी कर्मचारी या प्रभावशाली व्यक्ति शामिल है। इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया है कि 17 संदिग्ध के नाम सामने आए हैं, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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