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Gorakhpur News: फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट... सर्विलांस पर 10 राज्यों के मोबाइल नंबर
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गोरखपुर। फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का धंधा हरियाणा, मुंबई, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़, नगालैंड, पंजाब और उत्तराखंड तक फैला है। जयपुर से पकड़े गए सरगना संजय गर्ग के मोबाइल फोन के व्हाट्सएप से अहम जानकारियां मिली हैं। व्हाट्सएप से मिले 10 राज्यों के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस टीम ट्रेस भी कर रही है। साथ ही पुलिस इन राज्यों को पत्र भेजकर इसकी जानकारी भी देगी।
गोरखपुर की कोतवाली पुलिस ने जयपुर के शांतिनगर से मास्टरमाइंड संजय गर्ग को गिरफ्तार किया तो कई अहम जानकारियां मिलीं। पुलिस के अनुसार, संजय गर्ग सिर्फ बिचौलिया है, असली खिलाड़ी मुंबई का सुमित है। संजय गर्ग के पास देशभर से ऑर्डर आते हैं, जिसे वह सुमित के पास मुंबई भेजता है। इसके बाद सुमित ही फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट मुंबई में बनाकर जयपुर भेजता है।
इसके बाद ऑर्डर के हिसाब से संजय गर्ग पूरे देश में नंबर प्लेट सप्लाई करता था। संजय ने बताया कि सुमित भी जयपुर का ही रहने वाला है लेकिन वह मुंबई में रहता है। वहीं उसने एक आकृति नाम से फर्म भी बनाई है। मुंबई में कुछ सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस टीम गिरोह की जड़ तलाशने वहां जाएगी। मुंबई पुलिस की मदद से इस गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त करेगी।
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लखनऊ की रोसमेर्टा सेफ्टी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने का ठेका मिला है। कंपनी के पास गोरखपुर से फर्जी नंबर प्लेट की शिकायत आ रही थी। कंपनी के रीजनल हेड मो. सारिक ने कोतवाली थाने में 31 जुलाई को केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने अलीनगर की एक दुकान पर छापा मारकर रसूलपुर निवासी एहसान अली को गिरफ्तार किया।
एहसान ने ही पुलिस को बताया था कि जयपुर के व्यक्ति के पास गाड़ी का नंबर व्हाट्सएप करने पर वह कूरियर के माध्यम से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार कर भेजता था। इसके बाद से ही पुलिस संजय गर्ग की तलाश कर रही थी।
वर्जन-
शिकायत की जांच के बाद पता चला कि कई प्रदेशों में फर्जी नंबर प्लेट बनाकर बेचने का धंधा चल रहा है। इस गिरोह का का नेटवर्क मुंबई में भी मिला है। पुलिस टीम दिवाली के बाद मुंबई जाकर जांच पड़ताल करेगी।
ओंकार तिवारी, सीओ कोतवाली
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गोरखपुर की कोतवाली पुलिस ने जयपुर के शांतिनगर से मास्टरमाइंड संजय गर्ग को गिरफ्तार किया तो कई अहम जानकारियां मिलीं। पुलिस के अनुसार, संजय गर्ग सिर्फ बिचौलिया है, असली खिलाड़ी मुंबई का सुमित है। संजय गर्ग के पास देशभर से ऑर्डर आते हैं, जिसे वह सुमित के पास मुंबई भेजता है। इसके बाद सुमित ही फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट मुंबई में बनाकर जयपुर भेजता है।
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इसके बाद ऑर्डर के हिसाब से संजय गर्ग पूरे देश में नंबर प्लेट सप्लाई करता था। संजय ने बताया कि सुमित भी जयपुर का ही रहने वाला है लेकिन वह मुंबई में रहता है। वहीं उसने एक आकृति नाम से फर्म भी बनाई है। मुंबई में कुछ सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस टीम गिरोह की जड़ तलाशने वहां जाएगी। मुंबई पुलिस की मदद से इस गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त करेगी।
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लखनऊ की रोसमेर्टा सेफ्टी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने का ठेका मिला है। कंपनी के पास गोरखपुर से फर्जी नंबर प्लेट की शिकायत आ रही थी। कंपनी के रीजनल हेड मो. सारिक ने कोतवाली थाने में 31 जुलाई को केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने अलीनगर की एक दुकान पर छापा मारकर रसूलपुर निवासी एहसान अली को गिरफ्तार किया।
एहसान ने ही पुलिस को बताया था कि जयपुर के व्यक्ति के पास गाड़ी का नंबर व्हाट्सएप करने पर वह कूरियर के माध्यम से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार कर भेजता था। इसके बाद से ही पुलिस संजय गर्ग की तलाश कर रही थी।
वर्जन-
शिकायत की जांच के बाद पता चला कि कई प्रदेशों में फर्जी नंबर प्लेट बनाकर बेचने का धंधा चल रहा है। इस गिरोह का का नेटवर्क मुंबई में भी मिला है। पुलिस टीम दिवाली के बाद मुंबई जाकर जांच पड़ताल करेगी।
ओंकार तिवारी, सीओ कोतवाली