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Gorakhpur News: बारिश में पानी भी हो रहा बीमार..उबालकर पीएं
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गोरखपुर। बारिश खेती के लिए जहां लाभदायक है, वहीं सेहत के लिहाज से संवेदनशील। इस मौसम में बारिश के बाद फैली गंदगी से जल प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। उमसभरी गर्मी और प्रदूषित जल व्यक्ति को बीमार बनाने के लिए काफी है। इसका ही असर है कि अस्पतालों की ओपीडी में बुखार के अलावा पेट की बीमारी से जूझ रहे लोगों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सेहत ठीक रखनी है तो पानी उबालकर ठंडा कर लें और तब पीएं।
मानसून सक्रिय होने के बाद से अच्छी बारिश के बीच-बीच तेज धूप भी हो रही है। इससे लोग बीमार पड़ने लगे हैं। बुखार, उल्टी-दस्त, टाइफाइड के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में जनरल फिजिशियन के कमरे के बाहर लाइन लग रही है। सीएमएस और जनरल फिजिशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि ऐसे मौसम में स्वच्छता और खान-पान का विशेष ख्याल रखना होता है। थोड़ी सी लापरवाही से कई प्रकार के संक्रमण परेशान करते हैं।
ये बरतें सावधानियां
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार बताते हैं कि इस मौसम में बाहर के खाने से परहेज करें। खासकर ठेला पर बिकने वाले चाट, फुल्की, समोसा-पकौड़े से परहेज करें। बारिश और उमस के चलते खाना जल्द खराब होता है और पाचन क्रिया भी प्रभावित रहती है। इसलिए घर का बना ताजा भोजन ही करें। संभव है तो पानी को उबालकर ठंडा करें और तभी पीएं, क्योंकि इन दिनों पानी लेवल ऊपर आ जाता है। जिन इलाकों में जलभराव होता है, वहां हैंडपंप का पानी जल्दी प्रदूषित होता है। ऐसे में या तो आरओ का पानी पीएं या जो पानी उपलब्ध है, उसे उबालकर छान लें और फिर ठंडा कर पीएं। इससे जलजनित बीमारियों से बच सकते हैं। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें, क्योंकि मच्छरों की वजह से मलेरिया, डेंगू व अन्य बीमारियां फैलती हैं।
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मानसून सक्रिय होने के बाद से अच्छी बारिश के बीच-बीच तेज धूप भी हो रही है। इससे लोग बीमार पड़ने लगे हैं। बुखार, उल्टी-दस्त, टाइफाइड के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में जनरल फिजिशियन के कमरे के बाहर लाइन लग रही है। सीएमएस और जनरल फिजिशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि ऐसे मौसम में स्वच्छता और खान-पान का विशेष ख्याल रखना होता है। थोड़ी सी लापरवाही से कई प्रकार के संक्रमण परेशान करते हैं।
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ये बरतें सावधानियां
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार बताते हैं कि इस मौसम में बाहर के खाने से परहेज करें। खासकर ठेला पर बिकने वाले चाट, फुल्की, समोसा-पकौड़े से परहेज करें। बारिश और उमस के चलते खाना जल्द खराब होता है और पाचन क्रिया भी प्रभावित रहती है। इसलिए घर का बना ताजा भोजन ही करें। संभव है तो पानी को उबालकर ठंडा करें और तभी पीएं, क्योंकि इन दिनों पानी लेवल ऊपर आ जाता है। जिन इलाकों में जलभराव होता है, वहां हैंडपंप का पानी जल्दी प्रदूषित होता है। ऐसे में या तो आरओ का पानी पीएं या जो पानी उपलब्ध है, उसे उबालकर छान लें और फिर ठंडा कर पीएं। इससे जलजनित बीमारियों से बच सकते हैं। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें, क्योंकि मच्छरों की वजह से मलेरिया, डेंगू व अन्य बीमारियां फैलती हैं।
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