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Gorakhpur News: जलस्तर बढ़ने पर धीमा हुआ कटान, अब बाढ़ का खतरा

Thu, 07 Aug 2025 12:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 12:39 AM IST
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Gorakhpur News: Erosion slowed down as water level increased, now there is danger of flood
बगहा देवार में कटान से बचाव का प्रयास करते ग्रामीण।
जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो दो दिन में कछार और दियारा के 10 से अधिक गांव घिर जाएंगे बाढ़ से
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13 बाढ़ चौकियां, 14 बाढ़ राहत केंद्र, 20 गोताखोर और 36 नाव क्रियाशील
बड़हलगंज/चिल्लूपार। राप्ती व सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण अब बड़हलगंज इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालात ऐसे ही रहे तो अगले दो दिन में इलाके के 10 से अधिक गांव बाढ़ से घिर जाएंगे। उधर, बुधवार को पानी बढ़ने के साथ बगहा देवार गांव के सामने का कटान धीमा हो गया। हालांकि गांव के प्राथमिक स्कूल पर अभी भी खतरा मंडरा रहा है।
बड़हलगंज विकास खंड के कछार और दियारा में नदियां हर साल बरसात में तबाही मचाती हैं। राप्ती व सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि नदियों का जलस्तर बढ़ने से कटान की गति धीमी हो गई है। पानी अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो यह राम-जानकी मार्ग की तरफ बढ़ जाएगा।
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सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बगहा देवार में सड़क पर शरण लिए 50 परिवारों के सामने संकट और बढ़ता जा रहा है। रिहायशी घर नदी में समा चुके हैं और वे अब गांव के मुख्य मार्ग पर छप्पर डालकर समय बिता रहे हैं। यहां कटान रोकने लिए सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड डिवीजन की ओर से लगाया जा रहा पॉर्क्यूपाइन पानी बढ़ने की वजह से उसी में समाहित हो जा रहा है। कटान पीड़ित गौरी साहनी, गंगा राम पाल, राम किशुन पाल, मंचन पाल, राम बहादुर पाल सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जो कार्य अब शुरू हुए हैं, वह पहले किया जाना चाहिए था। ग्रामीणों ने बताया कि सरयू नदी पर तटबंध नहीं होने के कारण हर साल बाढ़ का पानी आसपास के गांवों में भर जाता है। कई गांवों में रास्ता भी बंद हो जाता है। बुधवार को जलस्तर बढ़ने के साथ पानी बगहा व आसपास के गांवों के निचले हिस्से में फैलने लगा है।
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ग्रामीण शंकर साहनी, गौरी, झब्बू साहनी, रामकिशुन साहनी, रामरेखा साहनी, अमरनाथ, विनोद, हुकुम चंद आदि का कहना है कि पटना में प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत शिविर बनाया गया वह भी बाढ़ में डूब जाता है। इसलिए कोई दूसरा इंतजाम करना होगा।
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13 बाढ़ चौकियां और 14 बाढ़ राहत केंद्र सक्रिय
बाढ़ आपदा को देखते हुए गोला तहसील क्षेत्र में 13 बाढ़ चौकियों पर 113 कर्मचारियों समेत 14 बाढ़ राहत केंद्रों को क्रियाशील कर दिया गया है। तहसील प्रशासन की ओर से सभी कर्मचारियों को बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तटबंधों व बाढ़ से घिरे गांवों का निरीक्षण करेंगे। तहसीलदार सतेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए 36 नाव, 68 नाविक और 20 गोताखोरों को अलर्ट कर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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वर्जन
बगहा में सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण कटान थम गया है। कटान स्थल पर लगातार बम्बू क्रेट कटर, पॉर्क्यूपाइन और ट्रीस्पर लगाकर सड़क को बचाने का प्रयास किया जा रहा है । नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। इसे देखते हुए सभी अभियंताओं को अलर्ट कर दिया गया है।

सुधांशु सिंह, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड दो सिंचाई विभाग, गोरखपुर
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कोट
सरयू नदी के कटान से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराया जा रहा है। कुल 85 झोपड़ियों की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। कटान व बाढ़ पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
- अमित कुमार जायसवाल, एसडीएम, गोला।
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