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Gorakhpur News: चिड़ियाघर में बड़े जानवरों के लिए बनेंगे आठ आइसोलेशन वाॅर्ड
Thu, 26 Jun 2025 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 26 Jun 2025 01:09 AM IST
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अब पक्षियों के अगल-बगल नहीं रखे जाएंगे बड़े जानवर
गोरखपुर। चिड़ियाघर में आठ बड़े जानवरों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। भविष्य में कोई संक्रमण फैलता है तो इससे बचाव के लिए क्रॉल की संख्या बढ़ाते हुए अस्पताल में भी अहम बदलाव किए जाएंगे। वन्यजीवों की मौत के बाद शासन की ओर से नामित हाई कमेटी टीम के सुझाव पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इसका प्रस्ताव चिड़ियाघर प्रशासन ने तैयार कर लिया है।
पक्षियों के अगल-बगल कोई भी बड़े जानवर अब नहीं रखे जाएंगे। बर्ड फ्लू संक्रमण के बाद शासन ने एक कमेटी बनाई थी। टीम ने 21 और 22 मई को चिड़ियाघर परिसर और अस्पताल का निरीक्षण किया था। इसके बाद टीम ने शासन सहित चिड़ियाघर को यह प्रस्ताव भेजा था कि क्या-क्या सुधार की जरूरत है। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने इस बदलाव पर काम करना शुरू कर दिया है। फैसला लिया गया है कि आठ बड़े जानवरों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। इसके अलावा क्रॉल की संख्या बढ़ाई जाएगी। छोटे जानवरों के लिए अलग-अलग क्रॉल बनाए जाएंगे। साथ ही पक्षियों के बगल में किसी भी बड़े जानवरों को नहीं रखा जाएगा। टीम में वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) से डॉ. पराग निगम, इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली से डॉ. एम करिकलन, डब्ल्यूआईआई के रिटायर्ड हेड वाइल्ड लाइफ हेल्थ और उत्तराखंड के रिटायर्ड प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. पीके मलिक शामिल थे। चिड़ियाघर के उप निदेशक और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि टीम के सुझाव पर प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं, जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
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गोरखपुर। चिड़ियाघर में आठ बड़े जानवरों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। भविष्य में कोई संक्रमण फैलता है तो इससे बचाव के लिए क्रॉल की संख्या बढ़ाते हुए अस्पताल में भी अहम बदलाव किए जाएंगे। वन्यजीवों की मौत के बाद शासन की ओर से नामित हाई कमेटी टीम के सुझाव पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इसका प्रस्ताव चिड़ियाघर प्रशासन ने तैयार कर लिया है।
पक्षियों के अगल-बगल कोई भी बड़े जानवर अब नहीं रखे जाएंगे। बर्ड फ्लू संक्रमण के बाद शासन ने एक कमेटी बनाई थी। टीम ने 21 और 22 मई को चिड़ियाघर परिसर और अस्पताल का निरीक्षण किया था। इसके बाद टीम ने शासन सहित चिड़ियाघर को यह प्रस्ताव भेजा था कि क्या-क्या सुधार की जरूरत है। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने इस बदलाव पर काम करना शुरू कर दिया है। फैसला लिया गया है कि आठ बड़े जानवरों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। इसके अलावा क्रॉल की संख्या बढ़ाई जाएगी। छोटे जानवरों के लिए अलग-अलग क्रॉल बनाए जाएंगे। साथ ही पक्षियों के बगल में किसी भी बड़े जानवरों को नहीं रखा जाएगा। टीम में वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) से डॉ. पराग निगम, इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली से डॉ. एम करिकलन, डब्ल्यूआईआई के रिटायर्ड हेड वाइल्ड लाइफ हेल्थ और उत्तराखंड के रिटायर्ड प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. पीके मलिक शामिल थे। चिड़ियाघर के उप निदेशक और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि टीम के सुझाव पर प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं, जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
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