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Gorakhpur News: बगहा देवार गांव को बचाने की कवायद फेल...पॉर्क्यूपाइन डूबे
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बड़हलगंज क्षेत्र के बगहा देवार गांव के किनारे कटान रोकने के लिए बनाया गया ट्री स्पर डूबने के कगा
बड़हलगंज के दियारा क्षेत्र के बगहा गांव के गड़ेरिया टोला का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर
नदी की धारा मोड़ने के लिए क्रिटिकल पॉइंट पर लगाए जा रहे पॉर्क्यूपाइन
अब गड़ेरिया टोला को विस्थापित करने की तैयारी में जुटा प्रशासन
बड़हलगंज/चिल्लूपार। दियारा क्षेत्र के बगहा देवार गांव को सरयू नदी के कटान से बचाने की कवायद फेल होती दिख रही है। गांव का गड़ेरिया टोला पूरी तरह नदी के कटान के जद में आ चुका है। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड डिविजन के अभियंता कटानरोधी उपाय करने में जुटे हैं लेकिन क्रिटिकल पॉइंट पर बचाव के लिए लगाए गए पॉर्क्यूपाइन भी कुछ स्थानों पर नदी में डूब चुके हैं। टोले का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है। रविवार की रात से नदी ने लगभग दो से तीन मीटर की चौड़ाई में कटान किया है।
पिछले वर्ष सरयू नदी के कटान में इस गांव का पूरा टोला ही समाहित हो गया था। सड़क से सटे केवल तीन घर बच गए थे जो नदी के सामने खड़े हैं। सड़क के किनारे शरण लिए कटान पीड़ित नवनाथ साहनी, सोनू साहनी, कन्हैया पाल, सुरेंद्र यादव, प्रमोद पाल का कहना है कि पूरी रात कटान के डर से जागना पड़ रहा है। मिट्टी कटकर नदी की धारा में गिरती है तो उसकी आवाज सुनकर रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं।
उधर, कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड के अभियंता नए-नए उपाय खोज रहे हैं। कटान रोकने में सबसे प्रभावी पॉर्क्यूपाइन (बांस से बना खास डिजाइन) भी नदी में डूब चुके हैं। ग्रामीण का कहना है कि गर्मी में जब नदी शांत थी, उस वक्त अगर कोई व्यवस्था हुई होती तो आज इतनी दिक्कतें नहीं झेलनी पड़तीं। नदी के कटान को रोकने के सारे उपाय फेल हो रहे हैं। तीन घरों के बाद सड़क पर कटान का खतरा बढ़ जाएगा।
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बगहा देवार गांव और प्राथमिक विद्यालय के पास सरयू नदी से कटान तेज है। यदि कटान पर अंकुश नहीं लगा तो सरयू नदी पूरे बगहा गांव को समाहित कर लेगी। वर्षों से ग्रामीण प्रशासन और प्रतिनिधियों से कटानरोधी कार्य करने की मांग करते आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नदी के कटान को रोका नहीं गया तो गांव के दर्जनों घर आने वाले समय में सरयू में समाहित हो जाएंगे। सरयू नदी की कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने पॉर्क्यूपाइन/ट्रीस्पर लगाए लेकिन स्थायी कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। यदि पहले से कटान निरोधक कार्य किया गया होता तो तबाही को रोका जा सकता था। अब कोई फायदा नहीं है। दर्जनों घरों का सरयू में समा जाना तय है।
वर्जन
नदी के क्रिटिकल पॉइंट पर पॉर्क्यूपाइन लगाकर धारा को डायवर्ट किया जा रहा है। हालांकि कुछ स्थानों पर पॉर्क्यूपाइन नदी में डूब गए हैं। जिला प्रशासन बगहा के गड़ेरिया टोला को विस्थापित करने की तैयारी में जुटा है।
-सुधांशु सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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नदी की धारा मोड़ने के लिए क्रिटिकल पॉइंट पर लगाए जा रहे पॉर्क्यूपाइन
अब गड़ेरिया टोला को विस्थापित करने की तैयारी में जुटा प्रशासन
बड़हलगंज/चिल्लूपार। दियारा क्षेत्र के बगहा देवार गांव को सरयू नदी के कटान से बचाने की कवायद फेल होती दिख रही है। गांव का गड़ेरिया टोला पूरी तरह नदी के कटान के जद में आ चुका है। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड डिविजन के अभियंता कटानरोधी उपाय करने में जुटे हैं लेकिन क्रिटिकल पॉइंट पर बचाव के लिए लगाए गए पॉर्क्यूपाइन भी कुछ स्थानों पर नदी में डूब चुके हैं। टोले का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है। रविवार की रात से नदी ने लगभग दो से तीन मीटर की चौड़ाई में कटान किया है।
पिछले वर्ष सरयू नदी के कटान में इस गांव का पूरा टोला ही समाहित हो गया था। सड़क से सटे केवल तीन घर बच गए थे जो नदी के सामने खड़े हैं। सड़क के किनारे शरण लिए कटान पीड़ित नवनाथ साहनी, सोनू साहनी, कन्हैया पाल, सुरेंद्र यादव, प्रमोद पाल का कहना है कि पूरी रात कटान के डर से जागना पड़ रहा है। मिट्टी कटकर नदी की धारा में गिरती है तो उसकी आवाज सुनकर रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं।
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उधर, कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड के अभियंता नए-नए उपाय खोज रहे हैं। कटान रोकने में सबसे प्रभावी पॉर्क्यूपाइन (बांस से बना खास डिजाइन) भी नदी में डूब चुके हैं। ग्रामीण का कहना है कि गर्मी में जब नदी शांत थी, उस वक्त अगर कोई व्यवस्था हुई होती तो आज इतनी दिक्कतें नहीं झेलनी पड़तीं। नदी के कटान को रोकने के सारे उपाय फेल हो रहे हैं। तीन घरों के बाद सड़क पर कटान का खतरा बढ़ जाएगा।
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बगहा देवार गांव और प्राथमिक विद्यालय के पास सरयू नदी से कटान तेज है। यदि कटान पर अंकुश नहीं लगा तो सरयू नदी पूरे बगहा गांव को समाहित कर लेगी। वर्षों से ग्रामीण प्रशासन और प्रतिनिधियों से कटानरोधी कार्य करने की मांग करते आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नदी के कटान को रोका नहीं गया तो गांव के दर्जनों घर आने वाले समय में सरयू में समाहित हो जाएंगे। सरयू नदी की कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने पॉर्क्यूपाइन/ट्रीस्पर लगाए लेकिन स्थायी कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। यदि पहले से कटान निरोधक कार्य किया गया होता तो तबाही को रोका जा सकता था। अब कोई फायदा नहीं है। दर्जनों घरों का सरयू में समा जाना तय है।
वर्जन
नदी के क्रिटिकल पॉइंट पर पॉर्क्यूपाइन लगाकर धारा को डायवर्ट किया जा रहा है। हालांकि कुछ स्थानों पर पॉर्क्यूपाइन नदी में डूब गए हैं। जिला प्रशासन बगहा के गड़ेरिया टोला को विस्थापित करने की तैयारी में जुटा है।
-सुधांशु सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड