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Gorakhpur News: दवा विक्रेताओं ने रखा अपना पक्ष, परीक्षण के बाद होगा फैसला
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जिला अस्पताल के सामने के चार मेडिकल स्टोर का मामला
एक दुकान का समाप्त हो गया था लाइसेंस, दूसरों में थी पाई गई थी कमी
जिला प्रशासन की गोपनीय जांच के आधार पर हुई थी कार्रवाई
गोरखपुर। जिला अस्पताल के सामने स्थित जिन चार मेडिकल स्टोर को बंद कराया गया था, उनके संचालकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग को अपना पक्ष लिखित तौर पर दे दिया है। इनकी दलीलों और प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही उनके लाइसेंस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
जिला अस्पताल में कुछ दिन पहले एक मरीज के साथ मारपीट की घटना हुई। इस विवाद के बाद पुलिस ने जांच कराई तो यह तथ्य सामने आया कि अस्पताल के डॉक्टर ब्रांडेड दवाएं लिखते हैं, जो सामने के कुछ मेडिकल स्टोर पर ही उपलब्ध होती हैं। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त औषधि पूरन चंद की अगुवाई में ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने छापा मारकर चार मेडिकल स्टोरों की गहन जांच की।
जांच में पाया गया कि एक दुकान का लाइसेंस पहले ही समाप्त हो चुका था, जबकि बाकी तीन दुकानों में भी लाइसेंस के मानकों का पालन नहीं हो रहा था। इन खामियों के चलते चारों दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। विभाग की तरफ से दवा विक्रेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। इस पर दुकानदारों की तरफ से अपना पक्ष प्रस्तुत किया गया है।
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वर्जन
चारों दुकानदारों का पक्ष मिल गया है। इनका परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद लाइसेंस जारी रखने या निरस्त करने पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल चारों दुकानें बंद हैं।
- पूरन चंद, सहायक आयुक्त औषधि
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एक दुकान का समाप्त हो गया था लाइसेंस, दूसरों में थी पाई गई थी कमी
जिला प्रशासन की गोपनीय जांच के आधार पर हुई थी कार्रवाई
गोरखपुर। जिला अस्पताल के सामने स्थित जिन चार मेडिकल स्टोर को बंद कराया गया था, उनके संचालकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग को अपना पक्ष लिखित तौर पर दे दिया है। इनकी दलीलों और प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही उनके लाइसेंस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
जिला अस्पताल में कुछ दिन पहले एक मरीज के साथ मारपीट की घटना हुई। इस विवाद के बाद पुलिस ने जांच कराई तो यह तथ्य सामने आया कि अस्पताल के डॉक्टर ब्रांडेड दवाएं लिखते हैं, जो सामने के कुछ मेडिकल स्टोर पर ही उपलब्ध होती हैं। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त औषधि पूरन चंद की अगुवाई में ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने छापा मारकर चार मेडिकल स्टोरों की गहन जांच की।
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जांच में पाया गया कि एक दुकान का लाइसेंस पहले ही समाप्त हो चुका था, जबकि बाकी तीन दुकानों में भी लाइसेंस के मानकों का पालन नहीं हो रहा था। इन खामियों के चलते चारों दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। विभाग की तरफ से दवा विक्रेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। इस पर दुकानदारों की तरफ से अपना पक्ष प्रस्तुत किया गया है।
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चारों दुकानदारों का पक्ष मिल गया है। इनका परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद लाइसेंस जारी रखने या निरस्त करने पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल चारों दुकानें बंद हैं।
- पूरन चंद, सहायक आयुक्त औषधि