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Gorakhpur News: ड्रोन सर्वे में छत पर शेड और छूटे सेटबैक को भी जोड़ा....बढ़ा दिया हाउस टैक्स

Thu, 16 Oct 2025 02:05 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 02:05 AM IST
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Gorakhpur News: Drone survey also included sheds on the roof and missing setbacks...house tax increased
गलत टैक्स लगाने से घर के बुजुर्ग तनाव में, बजट गड़बड़ाया
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शहर में 1.64 लाख घरों का कराया गया था ड्रोन सर्वे, ज्यादातर में मिलीं खामियां
गोरखपुर। हाउस टैक्स के निर्धारण में इस बार ड्रोन सर्वे कराकर कारपेट एरिया तय किया गया लेकिन सर्वे में कई घरों की छत पर बने शेड, बरामदे और छूटे हुए सेटबैक को भी कवर्ड एरिया दिखा दिया। इससे हजारों लोगों का टैक्स कई गुना बढ़ गया। अब वे परेशान हैं कि बढ़ा हुआ बिल संशोधित होगा या नहीं, इस टैक्स से पूरा परिवार तनाव में है।

नगर निगम ने करीब 1.64 लाख मकानों का ड्रोन सर्वे कराया था लेकिन इसमें कई त्रुटियां सामने आ रही हैं। कई लोग शिकायत लेकर नगर निगम कार्यालय में पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि सर्वे में तकनीकी त्रुटियों के कारण गलत माप जोड़ा गया है। ज्यादातर बुजुर्ग पहुंच रहे हैं उनका मानसिक तनाव बढ़ गया है। अचानक बढ़े टैक्स का भुगतान करना कठिन हो गया है। विजय चौक की शारदा देवी कहती हैं कि पेंशन से घर का खर्च मुश्किल से चलता है, अब बढ़े टैक्स से बजट बिगड़ गया है। बढ़ा बिल जमा कर देंगे तो अन्य काम रुक जाएंगे।
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केस-एक

ड्रोन सर्वे कराने के बाद नगर निगम की ओर से 16744 रुपये का बिल आया है जिसमें हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स जोड़ा गया है। सीवर पड़ा ही नहीं है और मकान के निर्माण में 15 साल से कोई परिवर्तन नहीं हुआ। नगर निगम के दफ्तर गए थे लेकिन कोई स्पष्ट नहीं बता रहा है कि बिल में क्या संशोधित होगा।
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- राम नवल पांडेय, हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग
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मेरा हाउस टैक्स 15,552 रुपये सालाना आया है जबकि पहले चार हजार से भी कम था। मकान में किसी तरह का बदलाव भी नहीं हुआ। मोहल्ले में सीवर लाइन है नहीं लेकिन इस मद में भी 1728 रुपये जोड़ दिया गया है। इस तरह बढ़ा बिल जमा करने से घर का बजट ही बिगड़ जाएगा।
- अशोक कुमार त्रिपाठी, रुस्तमपुर


पहले और अब ड्रोन सर्वे में अंतर
पहले सेल्फ असेसमेंट के आधार पर हाउस टैक्स का निर्धारण होता था। भवन स्वामी खुद कारपेट एरिया बताते थे और बाद में नगर निगम कर्मी उसकी जांच करते थे। अब ड्रोन से सर्वे कराकर हाउस टैक्स तय हो रहा है। बहुत सारी शिकायतें आईं कि ड्रोन सर्वे में छत पर शेड हो या छोड़े गए लॉबी व सेटबैक को भी कारपेट एरिया दिखा दिया गया। सर्वे करनी वाली कंपनी के लोग भी प्रशिक्षित नहीं होते हैं। रिकॉर्ड के आधार पर कर का निर्धारण कर दिया गया।


कोट
हाउस टैक्स के नोटिस पर आने वाली आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। जिन लोगों को आपत्ति है, वे अपने दस्तावेजों के साथ पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को ठीक कराया जाएगा।
- दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त
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