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Gorakhpur News: डीआरआई ने पकड़ी एक करोड़ की कोरियाई सिगरेट, एक आरोपी गिरफ्तार
Thu, 09 Oct 2025 01:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Oct 2025 01:56 AM IST
सार
सिगरेट पर करीब 50 प्रतिशत टैक्स लगता है। इसके लिए पैकेट पर प्रिंट रेट होना जरूरी है लेकिन विदेशी ब्रांड की सिगरेट पर कोई रेट नहीं होता। मनमाने तरीके से बेचने के साथ ही टैक्स की पूरी तरह से चोरी होती है। इसके अलावा कोटपा एक्ट के तहत किसी भी ब्रांड पर वॉर्निंग या फोटो नहीं दिया जा रहा है।
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जब्त की गई विदेशी सिगरेट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने बुधवार दोपहर में गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर बस्ती जिले के टोल प्लाजा से विदेशी सिगरेट लदा ट्रक पकड़ा। टीम ने मौके से एक धंधेबाज को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में पता चला कि कोरिया निर्मित सिगरेट असम के गुवाहाटी से ट्रक पर लादकर बिहार के गोपालगंज फिर गोरखपुर होते हुए दिल्ली ले जा रहे थे।
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इनकी अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है। ट्रक पर सिगरेट के हजारों पैकट लदे मिले। टीम ने ट्रक को कब्जे में लेकर आरोपी को जेल भिजवा दिया है। गिरफ्तार आरोपी पश्चिमी यूपी का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के सूत्रों की मानें तो विदेशी सिगरेट लदा एक ट्रक लखनऊ में भी पकड़ा गया है। इसकी कीमत भी एक से डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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जांच एजेंसी को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि सिगरेट की अवैध खेप म्यांमार और असम से लाकर यूपी और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में खपाई जा रही है। सूत्रों की सूचना पर लखनऊ और गोरखपुर की संयुक्त टीमें पिछले पिछले पांच से छह दिन से उनकी रेकी कर रही थी।
इस बीच टीम को सूचना मिली कि गोरखपुर के रास्ते तस्करी कर सिगरेट की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। गोपालगंज, कुशीनगर होते हुए ट्रक गोरखपुर होकर दिल्ली की तरफ जाने वाला है। सूचना पर जांच एजेंसी की टीमें ट्रक के पीछे लगी थीं। सूत्रों की मानें तो चकमा देने के लिए तस्करों ने गोपालगंज से गोरखपुर आते समय ट्रक का नंबर भी बदल दिया था लेकिन सटीक मुखबिरी की वजह से वे पकड़े गए।
इस बीच टीम को सूचना मिली कि गोरखपुर के रास्ते तस्करी कर सिगरेट की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। गोपालगंज, कुशीनगर होते हुए ट्रक गोरखपुर होकर दिल्ली की तरफ जाने वाला है। सूचना पर जांच एजेंसी की टीमें ट्रक के पीछे लगी थीं। सूत्रों की मानें तो चकमा देने के लिए तस्करों ने गोपालगंज से गोरखपुर आते समय ट्रक का नंबर भी बदल दिया था लेकिन सटीक मुखबिरी की वजह से वे पकड़े गए।
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अवैध कारोबार पर अंकुश के ये हैं प्रावधान
सिगरेट के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने और तंबाकू उत्पादों के प्रति बढ़ रहे प्रचलन को कम करने के मकसद से वर्ष 2003 में सिगरेट एंड अदर टोबेको प्रोडक्ट एक्ट (कोटपा) लागू किया गया था।
सिगरेट के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने और तंबाकू उत्पादों के प्रति बढ़ रहे प्रचलन को कम करने के मकसद से वर्ष 2003 में सिगरेट एंड अदर टोबेको प्रोडक्ट एक्ट (कोटपा) लागू किया गया था।
इसके तहत देश में तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए उसके पैकेट पर हिंदी व अंग्रेजी में वॉर्निंग के साथ ही उस पर कैंसर दर्शाता हुआ फोटो होना अनिवार्य है। विदेशी सिगरेट पर ये भारतीय प्रतिबंध और नियमों को दरकिनार कर सिगरेट तैयार किया जाता है और दिल्ली के अलावा अन्य जगह खपाए जाते हैं।
उड़ रही हैं नियमों की धज्जियां, जिम्मेदार बेफिक्र
सिगरेट पर करीब 50 प्रतिशत टैक्स लगता है। इसके लिए पैकेट पर प्रिंट रेट होना जरूरी है लेकिन विदेशी ब्रांड की सिगरेट पर कोई रेट नहीं होता। मनमाने तरीके से बेचने के साथ ही टैक्स की पूरी तरह से चोरी होती है। इसके अलावा कोटपा एक्ट के तहत किसी भी ब्रांड पर वॉर्निंग या फोटो नहीं दिया जा रहा है।
उड़ रही हैं नियमों की धज्जियां, जिम्मेदार बेफिक्र
सिगरेट पर करीब 50 प्रतिशत टैक्स लगता है। इसके लिए पैकेट पर प्रिंट रेट होना जरूरी है लेकिन विदेशी ब्रांड की सिगरेट पर कोई रेट नहीं होता। मनमाने तरीके से बेचने के साथ ही टैक्स की पूरी तरह से चोरी होती है। इसके अलावा कोटपा एक्ट के तहत किसी भी ब्रांड पर वॉर्निंग या फोटो नहीं दिया जा रहा है।