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Gorakhpur News: छुट्टियां मनाने बाहर गए डॉक्टर, परेशानी में मरीज
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गोरखपुर। एम्स के सीनियर डॉक्टरों के सर्दी की छुट्टियों में अवकाश पर बाहर जाने से मरीजों की परेशानियां बढ़ गईं हैं। खासतौर पर पुराने मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सभी को डॉक्टरों के वापस आने का इंतजार है। कई डॉक्टरों के न रहने से एम्स में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है।
एम्स में ईएनटी, चर्मरोग, मेडिसिन, बाल रोग विभाग सहित अन्य विभागों के सीनियर डॉक्टर परिवार संग शहर के बाहर चले गए हैं। एम्स में विभिन्न विभागों में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है। इस दौरान डॉक्टरों के छुट्टी पर चले जाने के कारण और भी डॉक्टरों की कमी हो गई है। इसका असर ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) सेवाओं पर पड़ रहा है। बचे हुए डॉक्टरों की ओपीडी में लंबी भीड़ हो रही है। वहीं पुराने डॉक्टर को दिखाने आए मरीजों को दूसरे डॉक्टर से जांच कराने या लौट जाने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है।
पुराने मरीजों का कहना है कि सर्दी के मौसम में उनकी तबीयत बिगड़ने का खतरा ज्यादा होता है। नियमित फॉलोअप उनके लिए जरूरी है। ऐसे में डॉक्टरों की अनुपस्थिति उनकी समस्याओं को बढ़ा रही है। प्लमोनरी विभाग के डॉ. सुबोध, ईएनटी विभाग की डॉ. रुचिका अग्रवाल, चर्म रोग विभाग की डॉ. शिवांगी राणा, डॉ. अरुप मोहंती सहित अनेक सीनियर डॉक्टर छुट्टियों पर चले गए हैं। इसके कारण इन्हें दिखाने आए मरीज इनके आने की तिथि पूछकर घर लौट जा रहे हैं।
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एम्स में ईएनटी, चर्मरोग, मेडिसिन, बाल रोग विभाग सहित अन्य विभागों के सीनियर डॉक्टर परिवार संग शहर के बाहर चले गए हैं। एम्स में विभिन्न विभागों में पहले से ही डॉक्टरों की कमी है। इस दौरान डॉक्टरों के छुट्टी पर चले जाने के कारण और भी डॉक्टरों की कमी हो गई है। इसका असर ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) सेवाओं पर पड़ रहा है। बचे हुए डॉक्टरों की ओपीडी में लंबी भीड़ हो रही है। वहीं पुराने डॉक्टर को दिखाने आए मरीजों को दूसरे डॉक्टर से जांच कराने या लौट जाने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है।
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पुराने मरीजों का कहना है कि सर्दी के मौसम में उनकी तबीयत बिगड़ने का खतरा ज्यादा होता है। नियमित फॉलोअप उनके लिए जरूरी है। ऐसे में डॉक्टरों की अनुपस्थिति उनकी समस्याओं को बढ़ा रही है। प्लमोनरी विभाग के डॉ. सुबोध, ईएनटी विभाग की डॉ. रुचिका अग्रवाल, चर्म रोग विभाग की डॉ. शिवांगी राणा, डॉ. अरुप मोहंती सहित अनेक सीनियर डॉक्टर छुट्टियों पर चले गए हैं। इसके कारण इन्हें दिखाने आए मरीज इनके आने की तिथि पूछकर घर लौट जा रहे हैं।
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