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Gorakhpur News: साॅफ्टवेयर में गड़बड़ी से पांच हजार आवेदकों का डीएल फंसा
Thu, 04 Jul 2024 06:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 04 Jul 2024 06:50 AM IST
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गोरखपुर। संभागीय परिवहन विभाग के साॅफ्टवेयर के केएमएस (की मैनेजमेंट सिस्टम) में गड़बड़ी से डीटीआई चरगांवा में लगभग एक महीने से करीब 5000 (पांच हजार) आवेदकों का ड्राइविंग लाइसेंस फंस गया है। विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि साॅफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण आवेदकों का विवरण ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रहा था। इसे अब ठीक कर लिया गया है। आवेदकों के डीएल उनके पते पर भेजे जा रहे हैं।
डीटीआई चरगावां में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए प्रतिदिन लगभग प्रतिदिन लगभग 100 से ज्यादा आवेदकों को बुलाया जाता है। उनकी बायाेमिट्रिक करने के बाद वाहन चलवाया जाता है। जिसके बाद ही सफल होने पर आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस उनके पते पर भेजा जाता है। आवेदक किशन निषाद ने बताया कि उनकी बायाेमिट्रिक प्रक्रिया हो चुकी है। वाहन चलाने का टेस्ट भी उन्होंने दे दिया है। लेकिन, अब तक उनको डीएल नहीं मिला है। सत्यजीत मौर्य ने बताया कि उनको डीएल बनवा कर शहर से बाहर काम करने जाना था। डीएल मिलने के इंतजार में बाहर नहीं जा पा रहे हैं।
साॅफ्टवेयर में गड़बड़ी से लगभग 5000 आवेदकों के डीएल नहीं पहुंच पा रहे थे। संभागीय परिवहन विभाग ने गड़बड़ी को ठीक करा लिया है। डीएल भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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-सीमा गौतम, संभागीय निरीक्षक प्राविधिक, डीटीआई चरगावां
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डीटीआई चरगावां में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए प्रतिदिन लगभग प्रतिदिन लगभग 100 से ज्यादा आवेदकों को बुलाया जाता है। उनकी बायाेमिट्रिक करने के बाद वाहन चलवाया जाता है। जिसके बाद ही सफल होने पर आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस उनके पते पर भेजा जाता है। आवेदक किशन निषाद ने बताया कि उनकी बायाेमिट्रिक प्रक्रिया हो चुकी है। वाहन चलाने का टेस्ट भी उन्होंने दे दिया है। लेकिन, अब तक उनको डीएल नहीं मिला है। सत्यजीत मौर्य ने बताया कि उनको डीएल बनवा कर शहर से बाहर काम करने जाना था। डीएल मिलने के इंतजार में बाहर नहीं जा पा रहे हैं।
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साॅफ्टवेयर में गड़बड़ी से लगभग 5000 आवेदकों के डीएल नहीं पहुंच पा रहे थे। संभागीय परिवहन विभाग ने गड़बड़ी को ठीक करा लिया है। डीएल भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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-सीमा गौतम, संभागीय निरीक्षक प्राविधिक, डीटीआई चरगावां