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Gorakhpur News: पट्टे की जमीन के अधिकार पत्र में विसंगतियां बन सकती हैं विवाद का कारण
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ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर पट्टे की विसंगतियों को दूर करने की मांग की
जिस आधार पर बसे हैं ग्रामीण उसी आधार पर चाह रहे हैं पट्टा
गोरखपुर। जंगल रामगढ़ ऊर्फ रजही आजाद नगर के ग्रामीणों को वन अधिकारों की मान्यता कानून के तहत वास्तविक अधियोग के आधार पर कृषि एवं आवासीय वन भूमि पर मालिकाना हक दिए जाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन, प्रशासनिक स्तर पर जो अधिकार पत्र बनाया गया है उसमें काफी विसंगतियां हैं। ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर विसंगतियों को दूर करने की मांग की थी। अब उस प्रार्थना पत्र को चकबंदी अधिकारी को भेजा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं। इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
वनटांगियां गांव रामगढ़ ऊर्फ रजही को मुख्यमंत्री ने गोद लिया है। यहां 85 लोगों को आवास और खेती की जमीन का दिया गया है। लेकिन, उसमें कुछ विसंगतियां हैं जिन्हें दूर करने के लिए लोगों ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। डीएम ने उसे समाज कल्याण अधिकारी को भेज दिया। समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में आकर वनटांगियां के ग्रामीणों ने बताया कि जिनके पास 100 डिस्मिल जमीन है कागज में उसे 10 डिस्मिल दिखाया गया है। इसी प्रकार जिनकी जमीन 10 डिस्मिल है उसे कागज में 100 दे दिया गया है। जबकि वह काबिज 10 डिस्मिल जमीन पर ही है। कागज के हिसाब से वह यदि 100 डिस्मिल पर कब्जा करने जाएगा तो खूनी संघर्ष कोई रोक नहीं पाएगा।
वर्जन
वनटांगियां गांव के ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों ने पट्टे की विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। डीएम ने वह प्रार्थना पत्र मेरे पास भेजा है। जमीन का पट्टा डीएम, डीएफओ और समाज कल्याण अधिकारी की कमेटी ने किया है। उसे वन अधिकार समिति ने देखा है। अब उस प्रार्थना पत्र को चकबंदी अधिकारी के पास भेजा जा रहा है।
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वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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जिस आधार पर बसे हैं ग्रामीण उसी आधार पर चाह रहे हैं पट्टा
गोरखपुर। जंगल रामगढ़ ऊर्फ रजही आजाद नगर के ग्रामीणों को वन अधिकारों की मान्यता कानून के तहत वास्तविक अधियोग के आधार पर कृषि एवं आवासीय वन भूमि पर मालिकाना हक दिए जाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन, प्रशासनिक स्तर पर जो अधिकार पत्र बनाया गया है उसमें काफी विसंगतियां हैं। ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर विसंगतियों को दूर करने की मांग की थी। अब उस प्रार्थना पत्र को चकबंदी अधिकारी को भेजा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं। इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
वनटांगियां गांव रामगढ़ ऊर्फ रजही को मुख्यमंत्री ने गोद लिया है। यहां 85 लोगों को आवास और खेती की जमीन का दिया गया है। लेकिन, उसमें कुछ विसंगतियां हैं जिन्हें दूर करने के लिए लोगों ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। डीएम ने उसे समाज कल्याण अधिकारी को भेज दिया। समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में आकर वनटांगियां के ग्रामीणों ने बताया कि जिनके पास 100 डिस्मिल जमीन है कागज में उसे 10 डिस्मिल दिखाया गया है। इसी प्रकार जिनकी जमीन 10 डिस्मिल है उसे कागज में 100 दे दिया गया है। जबकि वह काबिज 10 डिस्मिल जमीन पर ही है। कागज के हिसाब से वह यदि 100 डिस्मिल पर कब्जा करने जाएगा तो खूनी संघर्ष कोई रोक नहीं पाएगा।
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वनटांगियां गांव के ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों ने पट्टे की विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। डीएम ने वह प्रार्थना पत्र मेरे पास भेजा है। जमीन का पट्टा डीएम, डीएफओ और समाज कल्याण अधिकारी की कमेटी ने किया है। उसे वन अधिकार समिति ने देखा है। अब उस प्रार्थना पत्र को चकबंदी अधिकारी के पास भेजा जा रहा है।
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वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी