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Gorakhpur News: सीबीआई अफसर बन किया डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेल कर ऐंठ लिए 14 लाख

Fri, 31 May 2024 05:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2024 05:49 AM IST
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Gorakhpur News: Digitally arrested posing as CBI officer, extorted Rs 14 lakh by blackmailing him
गोरखपुर। कैंट थाना क्षेत्र में एक युवक को डिजिटल अरेस्ट कर 14 लाख 96 हजार रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। युवक को सीबीआई अफसर बनकर 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किया गया। पीड़ित की तहरीर पर बृहस्पतिवार को साइबर थाने में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि जिले में यह दूसरा मामला है।
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मिर्जापुर का एक युवक गोरखपुर में एक कंपनी में मैनेजर है। वह गोलघर इलाके में किराए का कमरा लेकर रहता है। युवक ने तहरीर में लिखा है कि 15 मई को डीएचएल एक्सप्रेस कूरियर कंपनी से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बोला-आपके आधार काॅर्ड से एक कूरियर थाईलैंड भेजा जा रहा है। इसमें कोकीन और अन्य नशीले पदार्थ के साथ ही हवाला की करेंसी भी पकड़ी गई है। अगर आप निर्दोष हैं तो जांच में मदद करें। वरना पुलिस आपको ढूंढ निकालेगी।
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इसके बाद कूरियर कंपनी के एजेंट के कहने पर एक स्काई पे एप डाउनलोड कराया। बताया कि आप से सीबीआई के अफसर वीडियो कॉल पर बात करेंगे।

48 घंटे किया डिजिटल अरेस्ट
एप के माध्यम से वीडियो कॉल पर युवक को जोड़ा गया। वीडियो कॉल पर दूसरी तरफ एक ऑफिस के कमरे में कुछ लोग बैठे थे, जो खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए सवाल करने लगे। उन्होंने कहा कि तुम्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है, इस दौरान अगर तुमने वीडियो कॉल काटा तो तुम्हारे घर पुलिस पहुंचेगी। इस तरह करके उन लोगों ने मुझे 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया। युवक ऑफिस आते-जाते भी वीडियो कॉल कैमरा ऑन रखता था। 15 मई से लगायत 18 मई तक वह जालसाजों के चंगुल में फंसा रहा।
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क्लीन चिट चाहिए तो रुपये भेजो
पीड़ित ने बताया कि इस दौरान वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति ने उनसे कहा कि अगर जांच तत्काल कराकर क्लीन चिट पाना चाहते हैं तो उनकी मदद करें। उन्होंने युवक से उसके और परिवार व ससुराल के खाते में कितने रुपये हैं, इसकी जानकारी हासिल की। इसके बाद पहले सात लाख फिर 7.96 लाख यानी कुल 14 लाख 96 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद फिर 10 लाख रुपये और मांगने लगे। फिर उन्होंने एक मित्र को कॉल कर उससे सारी बात बताकर रुपये मांगे। उसने बताया कि तुम तुंरत इसकी शिकायत पुलिस से करो। तुम्हारे साथ ठगी हुई है।
क्या है डिजिटल अरेस्ट
विशेषज्ञ ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट एक तरह का साइबर ठगी या ब्लैकमेलिंग का एक नया तरीका है। इसमें साइबर ठग विक्टिम को धमकाने और उससे रुपये लेने के लिए उसकी पर्सनल तस्वीरें या वीडियो इस्तेमाल करते हैं। ये बताते हैं कि वीडियो कॉल के जरिए आपको घर में बंधक बनाया गय है। जबकि पुलिस या ईडी की भाषा में कहीं भी डिजिटल अरेस्ट का जिक्र ही नहीं है।
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स्कूल की प्रिंसिपल से भी हो चुकी है 12.56 लाख की ठगी
सिविल लाइंस इलाके के एक स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 12.56 लाख रुपये की जालसाजी हुई। वह 13 मई से लगाए 24 मई तक जालसाजों के संपर्क भी थीं। इस दौरान वह अपनी पल-पल की सूचनाएं जालसाजों को देती रहीं। प्रिंसिपल से कस्टम अधिकारी बनकर जालसाजी की घटना को अंजाम दिया गया था।


वर्जन
इस मामले में शिकायत के आधार पर जांच कर एफआईआर लिखी गई है। पीड़ित के रुपये वापस दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरह की कॉल आए तो घबराएं नहीं। कोई पुलिस या सीबीआई अधिकारी आपसे रुपये की मांग नहीं करता है। इसलिए तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
- उपेंद्र कुमार सिंह, विशेषज्ञ, साइबर अपराध थाना
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