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Gorakhpur News: नेपाल, बिहार और पूर्वी यूपी के श्रद्धालु देखेंगे ''''बदल रहा गोरखपुर''''
Thu, 26 Dec 2024 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 26 Dec 2024 12:14 AM IST
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गोरखपुर। मकर संक्रांति के पहले ही गोरक्षनगरी सजकर तैयार हो जाएगी। जगह-जगह तोरण द्वार होंगे तो गोरखनाथ मंदिर से दो किमी के दायरे तक श्रद्धालुओं की सेवा में वालंटियर मौजूद रहेंगे। गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने आए नेपाल, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लाखों की संख्या में श्रद्धालु गोरक्षनगरी के बदलते स्वरूप को भी देखेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला खिचड़ी मेला को भव्य स्वरूप देने में जुट गया है।
खिचड़ी मेला में इस बार सुरक्षा व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष फोकस रहेगा। मकर संक्रांति 14 जनवरी को है, लेकिन गोरखनाथ मंदिर परिसर में लगने वाला खिचड़ी मेला एक जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन का दावा है कि खिचड़ी मेले में पांच लाख से अधिक श्रद्धालु आएंगे।
मुख्यमंत्री ने 22 दिसंबर को अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि खिचड़ी मेला गोरखपुर के विकास की ब्रांडिंग का अवसर होगा, इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं को पता चलना चाहिए कि गोरक्षनगरी विकास का नया मॉडल बन रहा है। इसी के मद्देनजर ने प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसकी जिम्मेदारी संस्कृति एवं सूचना विभाग को सौंपी गई है।
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अफसरों ने पूरे शहर का दौरा कर रूपरेखा तैयार कर ली है। गोरखनाथ मंदिर में यात्री निवास के पास एक स्टाल लगाया जाएगा। इसमें गोरखपुर में खुले एम्स, सैनिक स्कूल, आयुष विश्वविद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय के फोटो के साथ विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा पर्यटन का नया केंद्र बना रामगढ़ताल, निर्माणाधीन नौसड़-पैडलेगंज सिक्सलेन, नए ओवरब्रिज, देवरिया बाईपास फोरलेन, पैड़लेगंज-फिराक चौक फोरलेन, विरासत गलियारा सहित अन्य परियोजनाओं के बारे में फोटो के साथ विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
प्रदर्शनी और एलईडी स्क्रीन पर दिखेगा बदलता गोरखपुर
वर्ष 2017 और वर्तमान समय में शहर के बदलते स्वरूप को प्रदर्शनी लगाकर दर्शाया जाएगा। साथ ही जगह-जगह लगी एलईडी स्क्रीन पर भी इसे चलाया जाएगा। इसके अलावा शहर में भी ब्रांडिंग के तौर पर फ्लैक्स लगाए जाएंगे, ताकि दूसरे जिलों से आने वाले लोग गोरक्षनगरी में हुए बदलाव को जान सकें और लौटने के बाद अपने यहां लोगों को बताएं।
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सफाई पर विशेष जोर, छह स्थानों पर पार्किंग
मकर संक्रांति के दिन गोरखनाथ ओवरब्रिज और बरगदवां से रूट डायवर्ट कर दिया जाएगा। मंदिर परिसर में सफाई पर विशेष फोकस रहेगा। नगर निगम दो महीने तक 40 सफाईकर्मियों की तैनाती करेगा। इसके साथ ही पांच मोबाइल शौचालय बनाए जाएंगे। नगर निगम और पुलिस विभाग की तरफ से छह स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
17 स्थानों से मिलेंगी रोडवेज की बसें
गोरखनाथ मंदिर में रोडवेज की तरफ से 17 स्थानों से खिचड़ी मेला स्पेशल बसों का संचलन किया जाएगा। नौतनवां, ठूठीबारी, पडरौना, कप्तानगंज, देवरिया, मऊ, बढ़नी, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज, बस्ती, खलीलाबाद, बलरामपुर, गोंडा के लिए बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा नौतनवां-गोरखपुर, बलरामपुर-बढ़नी-गोरखपुर, बेतिया-कप्तानगंज-गोरखपुर, छपरा-देवरिया-गोरखपुर और गोंडा-सहजनवा-गोरखपुर के बीच ट्रेनें चलाई जाएंगी।
वर्जन
खिचड़ी मेले की भव्यता के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। गोरखपुर के विकास की तस्वीर और जानकारी देने के लिए गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्टॉल लगाया जाएगा। शहर में भी प्रमुख चौराहों पर बदल रहे गोरखपुर से संबंधित फ्लैक्स लगाए जाएंगे, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहां के विकास के बार में जान सकें। इसकी जिम्मेदारी संस्कृति एवं सूचना विभाग को दी गई है। इसके अलावा सफाई, सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- कृष्णा करुणेश, डीएम
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खिचड़ी मेला में इस बार सुरक्षा व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष फोकस रहेगा। मकर संक्रांति 14 जनवरी को है, लेकिन गोरखनाथ मंदिर परिसर में लगने वाला खिचड़ी मेला एक जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन का दावा है कि खिचड़ी मेले में पांच लाख से अधिक श्रद्धालु आएंगे।
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मुख्यमंत्री ने 22 दिसंबर को अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि खिचड़ी मेला गोरखपुर के विकास की ब्रांडिंग का अवसर होगा, इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं को पता चलना चाहिए कि गोरक्षनगरी विकास का नया मॉडल बन रहा है। इसी के मद्देनजर ने प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसकी जिम्मेदारी संस्कृति एवं सूचना विभाग को सौंपी गई है।
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अफसरों ने पूरे शहर का दौरा कर रूपरेखा तैयार कर ली है। गोरखनाथ मंदिर में यात्री निवास के पास एक स्टाल लगाया जाएगा। इसमें गोरखपुर में खुले एम्स, सैनिक स्कूल, आयुष विश्वविद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय के फोटो के साथ विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा पर्यटन का नया केंद्र बना रामगढ़ताल, निर्माणाधीन नौसड़-पैडलेगंज सिक्सलेन, नए ओवरब्रिज, देवरिया बाईपास फोरलेन, पैड़लेगंज-फिराक चौक फोरलेन, विरासत गलियारा सहित अन्य परियोजनाओं के बारे में फोटो के साथ विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
प्रदर्शनी और एलईडी स्क्रीन पर दिखेगा बदलता गोरखपुर
वर्ष 2017 और वर्तमान समय में शहर के बदलते स्वरूप को प्रदर्शनी लगाकर दर्शाया जाएगा। साथ ही जगह-जगह लगी एलईडी स्क्रीन पर भी इसे चलाया जाएगा। इसके अलावा शहर में भी ब्रांडिंग के तौर पर फ्लैक्स लगाए जाएंगे, ताकि दूसरे जिलों से आने वाले लोग गोरक्षनगरी में हुए बदलाव को जान सकें और लौटने के बाद अपने यहां लोगों को बताएं।
सफाई पर विशेष जोर, छह स्थानों पर पार्किंग
मकर संक्रांति के दिन गोरखनाथ ओवरब्रिज और बरगदवां से रूट डायवर्ट कर दिया जाएगा। मंदिर परिसर में सफाई पर विशेष फोकस रहेगा। नगर निगम दो महीने तक 40 सफाईकर्मियों की तैनाती करेगा। इसके साथ ही पांच मोबाइल शौचालय बनाए जाएंगे। नगर निगम और पुलिस विभाग की तरफ से छह स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
17 स्थानों से मिलेंगी रोडवेज की बसें
गोरखनाथ मंदिर में रोडवेज की तरफ से 17 स्थानों से खिचड़ी मेला स्पेशल बसों का संचलन किया जाएगा। नौतनवां, ठूठीबारी, पडरौना, कप्तानगंज, देवरिया, मऊ, बढ़नी, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज, बस्ती, खलीलाबाद, बलरामपुर, गोंडा के लिए बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा नौतनवां-गोरखपुर, बलरामपुर-बढ़नी-गोरखपुर, बेतिया-कप्तानगंज-गोरखपुर, छपरा-देवरिया-गोरखपुर और गोंडा-सहजनवा-गोरखपुर के बीच ट्रेनें चलाई जाएंगी।
वर्जन
खिचड़ी मेले की भव्यता के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। गोरखपुर के विकास की तस्वीर और जानकारी देने के लिए गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्टॉल लगाया जाएगा। शहर में भी प्रमुख चौराहों पर बदल रहे गोरखपुर से संबंधित फ्लैक्स लगाए जाएंगे, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहां के विकास के बार में जान सकें। इसकी जिम्मेदारी संस्कृति एवं सूचना विभाग को दी गई है। इसके अलावा सफाई, सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- कृष्णा करुणेश, डीएम

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