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Gorakhpur News: बस डिपो समेत चार जगह टायरों में पाए गए डेंगू के लार्वा, बढ़ा डेंगू का खतरा
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रोडवेज बस स्टेशन परिसर में मच्छर व लार्वा की तलाश करने पहुंची नगर निगम और मलेरिया विभाग की टीम।
राप्तीनगर बस डिपो के टायर वर्कशाॅप, झुंगिया से असुरन तक दुकानों में हुई जांच
इससे पहले बीते 28 अगस्त को ट्रांसपोर्टनगर में भी सात टायरों में मिले थे लार्वा
गोरखपुर। डेंगू के लिहाज से संवेदनशील मौसम को देखते हुए नगर निगम और मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को डेंगू सर्विलेंस अभियान चलाया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज रोड पर चार टायरों में डेंगू के लार्वा पाए गए। टीम ने मौके पर ही एंटी लार्वा छिड़काव कराया और संबंधित दुकानदारों का चालान काटा।
गोरखपुर मंडल में सितंबर-अक्तूबर डेंगू और टायफाइड संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इस साल जनवरी से अब तक डेंगू के 15 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान चला रखा है। अभियान के तहत मंगलवार को राप्ती नगर बस डिपो, क्षेत्रीय कार्यालय, टायर शॉप, वर्कशॉप एवं मेडिकल कॉलेज रोड पर झुंगिया से असुरन तक टायर की दुकानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बस डिपो समेत चार जगह टायरों में लार्वा मिले। टीम ने तत्काल टायरों व अन्य जलस्रोतों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। जिन जगहों पर लार्वा मिले, उन चार दुकानों का चालान भी काटा गया। अधिकारियों ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों को समझाया कि पुराने टायरों, कंटेनरों और पानी जमा करने वाले बर्तनों में डेंगू मच्छर तेजी से पनपते हैं। इन्हें ढककर रखने या नियमित साफ करने से बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है।
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इससे पहले टीपी नगर में सात दुकानों में मिले थे लार्वा
बीते 28 अगस्त को ट्रांसपोर्ट नगर की सात दुकानों में डेंगू के लार्वा मिले थे। तब वहां से खराब पड़े टायर आदि जब्त किए गए। इसके अलावा 14,200 रुपये जुर्माना भी वसूला गया था। टीपी नगर में टायरों की कई दुकानें हैं, जहां बाहर पड़े टायरों में बारिश का पानी जमा हो जाता है। हर साल इन टायरों में डेंगू के लार्वा मिलते हैं।
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ये बरतें सावधानी
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह का कहना है कि डेंगू के संक्रमण से बचने के लिए मच्छरों से बचाव जरूरी है। इसके लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए। अपने घर, कार्यस्थल, दुकान आदि किसी भी जगह पर साफ पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए। कूलर, गमलों, एसी, पशुओं के पात्र, नारियल के खोल आदि की साफ सफाई करते रहें। अगर तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, हड्डियों में दर्द, सुस्ती जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं, क्योंकि ऐसे लक्षण डेंगू के भी हो सकते हैं। डेंगू जांच की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है।
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इससे पहले बीते 28 अगस्त को ट्रांसपोर्टनगर में भी सात टायरों में मिले थे लार्वा
गोरखपुर। डेंगू के लिहाज से संवेदनशील मौसम को देखते हुए नगर निगम और मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को डेंगू सर्विलेंस अभियान चलाया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज रोड पर चार टायरों में डेंगू के लार्वा पाए गए। टीम ने मौके पर ही एंटी लार्वा छिड़काव कराया और संबंधित दुकानदारों का चालान काटा।
गोरखपुर मंडल में सितंबर-अक्तूबर डेंगू और टायफाइड संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इस साल जनवरी से अब तक डेंगू के 15 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान चला रखा है। अभियान के तहत मंगलवार को राप्ती नगर बस डिपो, क्षेत्रीय कार्यालय, टायर शॉप, वर्कशॉप एवं मेडिकल कॉलेज रोड पर झुंगिया से असुरन तक टायर की दुकानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान बस डिपो समेत चार जगह टायरों में लार्वा मिले। टीम ने तत्काल टायरों व अन्य जलस्रोतों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। जिन जगहों पर लार्वा मिले, उन चार दुकानों का चालान भी काटा गया। अधिकारियों ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों को समझाया कि पुराने टायरों, कंटेनरों और पानी जमा करने वाले बर्तनों में डेंगू मच्छर तेजी से पनपते हैं। इन्हें ढककर रखने या नियमित साफ करने से बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है।
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इससे पहले टीपी नगर में सात दुकानों में मिले थे लार्वा
बीते 28 अगस्त को ट्रांसपोर्ट नगर की सात दुकानों में डेंगू के लार्वा मिले थे। तब वहां से खराब पड़े टायर आदि जब्त किए गए। इसके अलावा 14,200 रुपये जुर्माना भी वसूला गया था। टीपी नगर में टायरों की कई दुकानें हैं, जहां बाहर पड़े टायरों में बारिश का पानी जमा हो जाता है। हर साल इन टायरों में डेंगू के लार्वा मिलते हैं।
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ये बरतें सावधानी
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह का कहना है कि डेंगू के संक्रमण से बचने के लिए मच्छरों से बचाव जरूरी है। इसके लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए। अपने घर, कार्यस्थल, दुकान आदि किसी भी जगह पर साफ पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए। कूलर, गमलों, एसी, पशुओं के पात्र, नारियल के खोल आदि की साफ सफाई करते रहें। अगर तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, हड्डियों में दर्द, सुस्ती जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं, क्योंकि ऐसे लक्षण डेंगू के भी हो सकते हैं। डेंगू जांच की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है।