फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Deed of lands of 57 mohallas will be done only after NOC of GDA in Gorakhpur

Gorakhpur News: इन 57 मोहल्लों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक, नहीं हो सकेगा धोखा- जानिए कैसे बच सकेंगे धोखे से

Sat, 27 Apr 2024 06:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 27 Apr 2024 06:27 AM IST
विज्ञापन
Deed of lands of 57 mohallas will be done only after NOC of GDA in Gorakhpur
जीडीए( सांकेतिक) - फोटो : एक्स
अब शहरी क्षेत्र में सीलिंग की जमीनों का बैनामा जालसाज नहीं करवा पाएंगे। प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए रोक लगाने के लिए नया नियम लागू किया है। उप निबंधन कार्यालय को 57 मोहल्लों की सूची सौंपी गई है। इन मोहल्लों की चिह्नित करीब 31 हजार 600 हेक्टेयर जमीन के बैनामे के लिए जीडीए से अनापत्ति सर्टिफिकेट (एनओसी) लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
विज्ञापन


शहरी क्षेत्र में सीलिंग की जमीनों का बेचने के मामले लगातार सामने आ रहे थे। सीलिंग और काश्तकार की जमीनों के एक ही खाता और अराजी में होने से बैनामे के समय फर्जीवाड़ा को पकड़ पाना आसान नहीं है। सीलिंग की जमीनों को खरीदने वालों के जीवन भर के जुटाई पूंजी भी डूब जाती है।
विज्ञापन


इसे देखते हुए प्रशासन ने अब शहर की सभी सीलिंग की जमीनों का रिकॉर्ड एकत्र कराया है। इसकी कॉपी जीडीए को भी दी गई है। डीएम कृष्णा करुणेश ने उप निबंधक सदर प्रथम को पत्र भेजकर सीलिंग की जमीनों और उनके रखरखाव का हवाला देकर कहा है कि ऐसी जमीनों का बैनामा जीडीए से एनओसी मिलने के बाद ही कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


57 मोहल्लों की सूची में सबसे ज्यादा जमीनें बहरामपुर, डोमिनगढ़, रामपुर नया गांव, जंगलतुलसी राम और महादेव झारखंडी इलाके की हैं। एडीएम सिटी ने अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि सीलिंग की जमीनों को जीडीए ने लेकर विकसित किया है। ऐसी जमीनों के विक्रय में कोई बाधा नहीं आएगी।

सीलिंग की जमीन को अगर कोई बेचने की कोशिश करेगा तो पकड़ में आ जाएगा। 57 मोहल्लों की जमीन का ब्योरा निबंधन कार्यालय को दिया गया है।

एनओसी के पहले इन बिंदुओं की होगी पड़ताल
प्रशासन ने जो सूची तैयार की है, वह खाता संख्या और अराजी नंबर के आधार पर है। एक खाता में कुछ जमीनें ऐसी हैं, जो सीलिंग की है और काश्तकार की भी है। ऐसे में बैनामे के समय चिह्नित कर पाना आसान नहीं है। अब 57 मोहल्लों में जो जमीनें चिह्नित हैं, इनमें अगर कोई काश्तकार जमीन का बैनामा कराता है तो उसे जीडीए में एनओसी के लिए आवेदन करना होगा।

जीडीए यह जांच कराएगा कि विक्रय के लिए जो आवेदन है, वह उसकी ओर से विकास के लिए सीलिंग की जमीन का व्यवस्थापन कराए जाने वाली तो नहीं है। अपने नक्शा-नजरी से जांच कराने के बाद ही एनओसी जारी करेगा। इसमें साफ किया जाएगा कि जमीन काश्तकार की है तो कितनी और कहां से कहां तक की है।

एआईजी स्टांप प्रदीप राणा ने बताया कि डीएम का पत्र मिला है, उसे तत्काल प्रभाव से लागू करा दिया गया है। शहरी क्षेत्र की जिन जमीनों की सूची प्रशासन ने दी है, अब उनके बैनामे के लिए जीडीए से एनओसी अनिवार्य कर दिया गया है।


इन मोहल्लों की हैं जमीनें
बशारतपुर, लच्छीपुर, तकिया कवलदाह, मोहम्मद चक, निजामपुर, इलाहीबाग, महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर एक, दो व तीन, जंगल तुलसीराम, जंगल सालिकराम, जंगल शिवपुर उर्फ सहबाजगंज, गोपलापुर, चकरा अव्वल, मनहट, रामगढ़ताल, जंगल हकीम नंबर एक व दो, शाहपुर, महेवा मुस्तकिल, महेवा एहतमाली, महुईसुघरपुर, भरवलिया बुजुर्ग, चिलमापुर, शेरगढ़, सिविल लाइन, दीवान बाजार, सिधारीपुर, नथमलपुर, भरपुरवा, हुमांयूपुर, जंगल मातादीन, मोहनलालपुर, दरिया चक, पट्टन, रामपुर नया गांव, रूस्तमपुर, मिर्जापुर बेतियाहाता, मोधापुर, हांसूपुर एहतमाली, बसंतपुर एहतमाली-खास, दाउदपुर, मुंडेही चक, मिर्जापुर, मोहद्दीपुर, पुराना गोरखपुर, घोसीपुर, डोमिनगढ़ मुस्तकिल, डोमिनगढ़ एहतमाली, विलंदपुर, जंगल हरिभजन, चक्सा हुसैन, रसूलपुर, जटेपुर, तुर्कमानपुर, बहरामपुर एहतमाली, सिउरिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed