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डीडीयू: एक से अधिक विषयों में आवेदन का बढ़ा ग्राफ, 1680 छात्रों ने किया आवेदन
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1533 छात्रों ने दो तो 127 छात्रों ने तीन से अधिक विषयों में प्रवेश के लिए किया आवेदन
दो छात्रों ने सात और आठ पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया आवेदन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) की सत्र 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया में शिक्षा को लेकर किए जा रहे सुधारों से जुड़ी बड़ी खबर आई है। एनईपी-2020 के तहत विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम चुनने की आजादी मिली तो छात्रों ने इस मौके को हाथों-हाथ लिया है। डीडीयू में इस बार ऐसे छात्रों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जो पारंपरिक नियमों की सीमाओं को पार कर कई विषयों में आवेदन कर रहे हैं। कुछ छात्र तो ऐसे भी हैं जो विश्वविद्यालय में किसी तरह से प्रवेश हो जाए। इसके लिए सात से आठ विषयों में प्रवेश के लिए आवेदन किए हैं।
एनईपी में प्रावधान है कि परास्नातक में प्रवेश के लिए स्नातक में संबंधित विषय की पढ़ाई जरूरी नहीं है। इसका सबसे बड़ा लाभ उन विद्यार्थियों को मिला है, जिन्होंने बीकॉम या बीएससी किया है, लेकिन अब वे एमए जैसे सामाजिक विज्ञान या मानविकी विषयों में रुचि रखते हैं। बीए में दूसरा विषय पढ़ने के बाद भी एमए में दूसरा विषय पढ़ सकते हैं। बशर्ते वह नॉन प्रैक्टिकल हो।
डीडीयू के प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष सिन्हा ने बताया कि कुल 1680 ऐसे छात्र हैं, जिन्होंने यूजी और पीजी में प्रवेश के लिए एक से अधिक विषयों में आवेदन किया है। स्नातक में 12वीं के बाद कला एवं विज्ञान के साथ ही, बीकॉम या बीएससी के बाद अब एमए पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
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एक ने सात तो एक ने आठ विषयों में किया आवेदन
बताया जा रहा है कि कुल 1533 छात्रों ने इस बार दो से अधिक विषयों में आवेदन किया है। इनके अलावा 127 छात्रों ने तीन में, 15 छात्रों ने चार विषयों में, एक छात्र ने पांच, दो छात्रों ने छह विषयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। एक छात्र ने सात, जबकि एक छात्र ने आठ विषयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। हालांकि समय सारिणी में अंतर नहीं होने की दशा में वे किसी एक ही विषय में प्रवेश ले सकेंगे।
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पिछले वर्ष 260 ने किया था आवेदन
एनईपी के प्रावधानों के तहत सत्र 2024-25 में यह व्यवस्था शुरू हुई थी। तब 260 छात्रों ने एक से अधिक विषयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया था।
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दो छात्रों ने सात और आठ पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया आवेदन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) की सत्र 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया में शिक्षा को लेकर किए जा रहे सुधारों से जुड़ी बड़ी खबर आई है। एनईपी-2020 के तहत विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम चुनने की आजादी मिली तो छात्रों ने इस मौके को हाथों-हाथ लिया है। डीडीयू में इस बार ऐसे छात्रों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जो पारंपरिक नियमों की सीमाओं को पार कर कई विषयों में आवेदन कर रहे हैं। कुछ छात्र तो ऐसे भी हैं जो विश्वविद्यालय में किसी तरह से प्रवेश हो जाए। इसके लिए सात से आठ विषयों में प्रवेश के लिए आवेदन किए हैं।
एनईपी में प्रावधान है कि परास्नातक में प्रवेश के लिए स्नातक में संबंधित विषय की पढ़ाई जरूरी नहीं है। इसका सबसे बड़ा लाभ उन विद्यार्थियों को मिला है, जिन्होंने बीकॉम या बीएससी किया है, लेकिन अब वे एमए जैसे सामाजिक विज्ञान या मानविकी विषयों में रुचि रखते हैं। बीए में दूसरा विषय पढ़ने के बाद भी एमए में दूसरा विषय पढ़ सकते हैं। बशर्ते वह नॉन प्रैक्टिकल हो।
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डीडीयू के प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष सिन्हा ने बताया कि कुल 1680 ऐसे छात्र हैं, जिन्होंने यूजी और पीजी में प्रवेश के लिए एक से अधिक विषयों में आवेदन किया है। स्नातक में 12वीं के बाद कला एवं विज्ञान के साथ ही, बीकॉम या बीएससी के बाद अब एमए पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
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एक ने सात तो एक ने आठ विषयों में किया आवेदन
बताया जा रहा है कि कुल 1533 छात्रों ने इस बार दो से अधिक विषयों में आवेदन किया है। इनके अलावा 127 छात्रों ने तीन में, 15 छात्रों ने चार विषयों में, एक छात्र ने पांच, दो छात्रों ने छह विषयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। एक छात्र ने सात, जबकि एक छात्र ने आठ विषयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। हालांकि समय सारिणी में अंतर नहीं होने की दशा में वे किसी एक ही विषय में प्रवेश ले सकेंगे।
पिछले वर्ष 260 ने किया था आवेदन
एनईपी के प्रावधानों के तहत सत्र 2024-25 में यह व्यवस्था शुरू हुई थी। तब 260 छात्रों ने एक से अधिक विषयों में प्रवेश के लिए आवेदन किया था।