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डीडीयू: विज्ञान संकाय में दो प्रोफेसरों की वरिष्ठता तय
सार
गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय में वरिष्ठता विवाद के बीच समिति ने प्रो. सुधीर श्रीवास्तव को प्रो. सुधा यादव से वरिष्ठ माना है। प्रो. सुधा यादव इस निर्णय के खिलाफ आपत्ति दर्ज करेंगी।
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विस्तार
वरिष्ठता विवाद : समिति ने प्रो. सुधीर श्रीवास्तव को माना वरिष्ठ, प्रो. सुधा यादव आज दाखिल करेंगी आपत्ति
राजभवन के निर्देश पर गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर तय हुई वरिष्ठता
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में वरिष्ठता को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को दोपहर विज्ञान संकाय के दो प्रोफेसरों के वरिष्ठता के संबंध में आदेश सार्वजनिक होते ही की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। आदेश में गणित विभाग के प्रो. सुधीर श्रीवास्तव को केमिस्ट्री की प्रो. सुधा यादव से वरिष्ठ माना गया है। प्रो. सुधा इस आदेश के खिलाफ आपत्ति दाखिल करेंगी।
डीडीयू के कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, राजभवन की तरफ से छह फरवरी को डीडीयू प्रशासन को पत्र लिखकर वरिष्ठता निर्धारण के लिए समिति गठित किए जाने का निर्देश जारी किया गया था। तीन सदस्यीय समिति ने रिपोर्ट सौंप दी है।
समिति के निर्णय के अनुसार, प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के तहत सहयुक्त आचार्य से आचार्य पद पर प्रोन्नत होकर अपनी अर्हता तिथि एक जनवरी 2009 से अद्यतन कार्यरत हैं। प्रो. सुधा यादव कॅरिअर एडवांसमेन्ट स्कीम (कैस) के तहत सहयुक्त आचार्य से आचार्य पद पर प्रोन्नत होकर अपनी अर्हता तिथि 19 जनवरी 2011 से अद्यतन कार्यरत हैं। इसे देखते हुए प्रो. गणित विभाग के सुधीर कुमार श्रीवास्तव केमिस्ट्री की प्रो. सुधा यादव से वरिष्ठ घोषित किए जाते हैं।
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यह आदेश 24 सितंबर को कुलसचिव कार्यालय से जारी हुआ है। बृहस्पतिवार को सर्कुलेट होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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नियमों की हुई अनदेखी : प्रो. सुधा यादव
प्रो. सुधा यादव ने वरिष्ठता निर्धारण के तरीके पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पक्षपातपूर्ण तरीके से निर्धारण किया गया है। विश्वविद्यालय में एक और वरिष्ठ आचार्य हैं, उनके लिए दूसरे तरह से नियम लागू किया गया है। इस निर्णय से वह असंतुष्ट हैं और इसके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराएंगी।
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विज्ञान संकायाध्यक्ष को लेकर चल रही रस्साकसी
बताया जा रहा है कि विज्ञान संकायाध्यक्ष के रूप में लगभग दो महीने बाद प्रो. शांतनु रस्तोगी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। चक्रानुक्रम में नया डीन साइंस कौन होगा, इसे लेकर रस्साकसी चल रही है।
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राजभवन के निर्देश पर गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर तय हुई वरिष्ठता
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में वरिष्ठता को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को दोपहर विज्ञान संकाय के दो प्रोफेसरों के वरिष्ठता के संबंध में आदेश सार्वजनिक होते ही की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। आदेश में गणित विभाग के प्रो. सुधीर श्रीवास्तव को केमिस्ट्री की प्रो. सुधा यादव से वरिष्ठ माना गया है। प्रो. सुधा इस आदेश के खिलाफ आपत्ति दाखिल करेंगी।
डीडीयू के कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, राजभवन की तरफ से छह फरवरी को डीडीयू प्रशासन को पत्र लिखकर वरिष्ठता निर्धारण के लिए समिति गठित किए जाने का निर्देश जारी किया गया था। तीन सदस्यीय समिति ने रिपोर्ट सौंप दी है।
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समिति के निर्णय के अनुसार, प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के तहत सहयुक्त आचार्य से आचार्य पद पर प्रोन्नत होकर अपनी अर्हता तिथि एक जनवरी 2009 से अद्यतन कार्यरत हैं। प्रो. सुधा यादव कॅरिअर एडवांसमेन्ट स्कीम (कैस) के तहत सहयुक्त आचार्य से आचार्य पद पर प्रोन्नत होकर अपनी अर्हता तिथि 19 जनवरी 2011 से अद्यतन कार्यरत हैं। इसे देखते हुए प्रो. गणित विभाग के सुधीर कुमार श्रीवास्तव केमिस्ट्री की प्रो. सुधा यादव से वरिष्ठ घोषित किए जाते हैं।
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यह आदेश 24 सितंबर को कुलसचिव कार्यालय से जारी हुआ है। बृहस्पतिवार को सर्कुलेट होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
नियमों की हुई अनदेखी : प्रो. सुधा यादव
प्रो. सुधा यादव ने वरिष्ठता निर्धारण के तरीके पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पक्षपातपूर्ण तरीके से निर्धारण किया गया है। विश्वविद्यालय में एक और वरिष्ठ आचार्य हैं, उनके लिए दूसरे तरह से नियम लागू किया गया है। इस निर्णय से वह असंतुष्ट हैं और इसके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराएंगी।
विज्ञान संकायाध्यक्ष को लेकर चल रही रस्साकसी
बताया जा रहा है कि विज्ञान संकायाध्यक्ष के रूप में लगभग दो महीने बाद प्रो. शांतनु रस्तोगी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। चक्रानुक्रम में नया डीन साइंस कौन होगा, इसे लेकर रस्साकसी चल रही है।