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डीडीयू : महारानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में प्लास्टर गिरा, बाल-बाल बची छात्रा
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वाशरूम के पास छत से प्लास्टर गिरने के कारण दहशत में छात्राएं
रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल के जर्जर हो चुके ब्लॉक की छात्राएं अलकनंदा हास्टल में होंगी शिफ्ट
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महारानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में रविवार की सुबह बड़ा हादसा होने से बच गया। बाथरूम की आधी छत से अचानक प्लास्टर गिर गया। गनीमत था कि उस समय वहां मौजूद छात्रा किनारे थी। इस घटना के बाद छात्राएं सहमी हुई हैं। डीडीयू प्रशासन अब छात्राओं को दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट कराने की योजना बना रहा है।
डीडीयू के महारानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में अलग-अलग चार बिल्डिंग हैं। इनमें मंदाकिनी और कादंबरी बिल्डिंग का अटैच बाथरूम है। बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह प्रथम तल पर करीब 10:30 बजे बीए एलएलबी की एक छात्रा ब्रश कर रही थी, उसी दौरान आधी छत से प्लास्टर भरभराकर गिर गया। देखते ही देखते पूरा बाथरूम धूल और मलबे से भर गया। छात्रा चिल्लाते हुए वहां से भागी।
घटना की जानकारी विश्वविद्यालय के अधिकारियों को दी गई। सूचना पाकर विश्वविद्यालय के अधिकारी वहां पहुंचे। इसके बाद कुलपति प्रो. पूनम टंडन को भी स्थिति की जानकारी दी गई। डीडीयू प्रशासन जर्जर भवनों में रह रहीं छात्राओं को अलकनंदा हॉस्टल में शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है।
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199 लाख से होना है हॉस्टल का जीर्णोद्धार
महारानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल विश्वविद्यालय का सबसे पुराना महिला छात्रावास है। इसमें चार अलग-अलग भवन हैं। सबसे पुराने कादंबरी व मंदाकिनी भवन जर्जर हो चुके हैं। इनके जीर्णोद्धार के लिए शासन से 1.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। वर्तमान सत्र में ही इनका जीर्णोद्धार भी होना है।
वर्जन-
हॉस्टल के कुछ भवन बहुत पुराने हैं। उनका जीर्णोद्धार इसी सत्र में होना है। कोई छात्रा हादसे की शिकार न हो, इसके लिए यहां की छात्राओं को अलकनंदा हॉस्टल में शिफ्ट करने की योजना है। जीर्णोद्धार के बाद ही संबंधित भवन छात्राओं को अलॉट किए जाएंगे।
- प्रो. एसके सिंह, चीफ वार्डेन, डीडीयू
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रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल के जर्जर हो चुके ब्लॉक की छात्राएं अलकनंदा हास्टल में होंगी शिफ्ट
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महारानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में रविवार की सुबह बड़ा हादसा होने से बच गया। बाथरूम की आधी छत से अचानक प्लास्टर गिर गया। गनीमत था कि उस समय वहां मौजूद छात्रा किनारे थी। इस घटना के बाद छात्राएं सहमी हुई हैं। डीडीयू प्रशासन अब छात्राओं को दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट कराने की योजना बना रहा है।
डीडीयू के महारानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में अलग-अलग चार बिल्डिंग हैं। इनमें मंदाकिनी और कादंबरी बिल्डिंग का अटैच बाथरूम है। बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह प्रथम तल पर करीब 10:30 बजे बीए एलएलबी की एक छात्रा ब्रश कर रही थी, उसी दौरान आधी छत से प्लास्टर भरभराकर गिर गया। देखते ही देखते पूरा बाथरूम धूल और मलबे से भर गया। छात्रा चिल्लाते हुए वहां से भागी।
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घटना की जानकारी विश्वविद्यालय के अधिकारियों को दी गई। सूचना पाकर विश्वविद्यालय के अधिकारी वहां पहुंचे। इसके बाद कुलपति प्रो. पूनम टंडन को भी स्थिति की जानकारी दी गई। डीडीयू प्रशासन जर्जर भवनों में रह रहीं छात्राओं को अलकनंदा हॉस्टल में शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है।
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199 लाख से होना है हॉस्टल का जीर्णोद्धार
महारानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल विश्वविद्यालय का सबसे पुराना महिला छात्रावास है। इसमें चार अलग-अलग भवन हैं। सबसे पुराने कादंबरी व मंदाकिनी भवन जर्जर हो चुके हैं। इनके जीर्णोद्धार के लिए शासन से 1.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। वर्तमान सत्र में ही इनका जीर्णोद्धार भी होना है।
वर्जन-
हॉस्टल के कुछ भवन बहुत पुराने हैं। उनका जीर्णोद्धार इसी सत्र में होना है। कोई छात्रा हादसे की शिकार न हो, इसके लिए यहां की छात्राओं को अलकनंदा हॉस्टल में शिफ्ट करने की योजना है। जीर्णोद्धार के बाद ही संबंधित भवन छात्राओं को अलॉट किए जाएंगे।
- प्रो. एसके सिंह, चीफ वार्डेन, डीडीयू