{"_id":"673272d641ff8551880dbb0a","slug":"gorakhpur-news-crowd-of-people-going-to-panchkosi-parikrama-scrambling-to-sit-in-the-buses-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-743798-2024-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: पंचकोसी परिक्रमा में जाने वालों की भीड़, बसों में बैठने के लिए गुत्थम-गुत्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: पंचकोसी परिक्रमा में जाने वालों की भीड़, बसों में बैठने के लिए गुत्थम-गुत्था
विज्ञापन
गोरखपुर। अयोध्या में पंचकोसी परिक्रमा में शामिल होने के लिए सोमवार को जिले से ज्यादा यात्री अयोध्या के लिए रवाना हुए। रेलवे बस स्टेशन पर बसाें में बैठने के लिए गुत्थम-गुत्था करनी पड़ी। अयोध्या की तरफ जाने वाली जैसे ही किसी बस की सूचना मिलती, पूरी भीड़ उसी उसी तरफ टूट पड़ रही थी। बसों के आने पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। भीड़ इतनी कि बस स्टेशन परिसर से लगायत सड़क तक यात्री ठसाठस थे।
बस में चढ़कर खिड़कियों से यात्री अपना सामान अंदर किए। बस नहीं मिलने पर बहुत से यात्री प्राइवेट गाड़ियों से अयोध्या रवाना हुए। परिवार के साथ पहुंचे यात्री व साधु-संत भी अयोध्या जाने के लिए परेशान रहे। इतनी परेशानी के बाद भी यात्रियों में गजब का जोश था। उनका कहना था कि उन्हें पंचकोसी परिक्रमा में भाग लेना ही है। इसके लिए वह प्राइवेट साधन करने से भी नहीं चूक रहे थे।
दोपहर लगभग 12 से एक बजे रेलवे बस स्टेशन पर यात्रियों की हर तरफ भीड़ ही भीड़ थे। करीब 60 प्रतिशत यात्री अयोध्या जाने के लिए बसों का इंतजार करते दिखे। इसमें कुछ साधु-संत भी रहे जो पंचकोसी परिक्रमा में शामिल होना चाह रहे थे। जिले के लहसड़ी स्थित परम धाम मंदिर के संत दिग्विजय नाथ लगभग एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे थे। वह बार-बार पूछताछ केंद्र पर जाकर अयोध्या की बस के बारे में पूछ रहे थे। उनको बताया जा रहा था कि बस आने ही वाली है।
विज्ञापन
दिग्विजय नाथ ने बताया कि इंतजार करते-करते एक घंटा हो गया है। इसके बाद जैसे ही बस आई भीड़ में वह किसी तरह से बस में चढ़े। कुशीनगर से आए हरिकेश विश्वकर्मा भी इधर-उधर भटक रहे थे। वह बस में चढ़कर पहले ही सीट लेना चाह रहे थे। उनका कहना था कि कम से कम बसों की संख्या को बढ़ा देनी चाहिए जिससे सुविधा मिले। यहां बस कम है।
--
सड़क पर गिरी दो पहिया वाहन भी नहीं रोक सकी रास्ता
बसों में चढ़ने का जुनून यात्रियों में देखने को मिला। एक बस ऐसे जगह रुकी जहां मोटरसाइकिल खड़ी थी। ठीक बस के दरवाजे के पास खड़ी बाइक की यात्रियों ने कोई परवाह नहीं की। दो पहिया वाहन को गिराते हुई भीड़ बस में सवार हो रही थी। गिरी हुई बाइक पर चढ़कर यात्री बसों में प्रवेश किए। बाद में वाहन को तब खड़ा किया गया जब बस को ड्राइवर ने आगे बढ़ाया। उसके बाद यात्री बस में चढ़ सके।
-- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
बस में चढ़कर खिड़कियों से यात्री अपना सामान अंदर किए। बस नहीं मिलने पर बहुत से यात्री प्राइवेट गाड़ियों से अयोध्या रवाना हुए। परिवार के साथ पहुंचे यात्री व साधु-संत भी अयोध्या जाने के लिए परेशान रहे। इतनी परेशानी के बाद भी यात्रियों में गजब का जोश था। उनका कहना था कि उन्हें पंचकोसी परिक्रमा में भाग लेना ही है। इसके लिए वह प्राइवेट साधन करने से भी नहीं चूक रहे थे।
विज्ञापन
दोपहर लगभग 12 से एक बजे रेलवे बस स्टेशन पर यात्रियों की हर तरफ भीड़ ही भीड़ थे। करीब 60 प्रतिशत यात्री अयोध्या जाने के लिए बसों का इंतजार करते दिखे। इसमें कुछ साधु-संत भी रहे जो पंचकोसी परिक्रमा में शामिल होना चाह रहे थे। जिले के लहसड़ी स्थित परम धाम मंदिर के संत दिग्विजय नाथ लगभग एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे थे। वह बार-बार पूछताछ केंद्र पर जाकर अयोध्या की बस के बारे में पूछ रहे थे। उनको बताया जा रहा था कि बस आने ही वाली है।
विज्ञापन
दिग्विजय नाथ ने बताया कि इंतजार करते-करते एक घंटा हो गया है। इसके बाद जैसे ही बस आई भीड़ में वह किसी तरह से बस में चढ़े। कुशीनगर से आए हरिकेश विश्वकर्मा भी इधर-उधर भटक रहे थे। वह बस में चढ़कर पहले ही सीट लेना चाह रहे थे। उनका कहना था कि कम से कम बसों की संख्या को बढ़ा देनी चाहिए जिससे सुविधा मिले। यहां बस कम है।
सड़क पर गिरी दो पहिया वाहन भी नहीं रोक सकी रास्ता
बसों में चढ़ने का जुनून यात्रियों में देखने को मिला। एक बस ऐसे जगह रुकी जहां मोटरसाइकिल खड़ी थी। ठीक बस के दरवाजे के पास खड़ी बाइक की यात्रियों ने कोई परवाह नहीं की। दो पहिया वाहन को गिराते हुई भीड़ बस में सवार हो रही थी। गिरी हुई बाइक पर चढ़कर यात्री बसों में प्रवेश किए। बाद में वाहन को तब खड़ा किया गया जब बस को ड्राइवर ने आगे बढ़ाया। उसके बाद यात्री बस में चढ़ सके।