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Gorakhpur News: भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने को उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, जानें कब से चल रही है परंपरा
Mon, 08 Jul 2024 07:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 07:12 AM IST
सार
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शीश महल मंदिर से जाफरा बाजार, अंधियारी बाग, दुर्गाबाड़ी, चरण लाल चौक, आर्य नगर से थवई का पुल, दीवान बाजार, बेनीगंज होते हुए वापस शीश महल मंदिर पर पहुंची। रास्ते में विभिन्न जगह आरती व फूलों से यात्रा का स्वागत किया गया। यह रथ यात्रा सन 1948 से निकाली जाती है।
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इस्कॉन द्वारा आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में आरती करती कुलपति प्रो.पूनम टंडन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शहर के विष्णु मंदिर, बलदेव प्लाजा व शीश महल मंदिर से रविवार को धूमधाम से निकाली गई। रथ को फूलों से सजाया गया था। रथ में भगवान जगन्नाथ, उनकी बहन सुभद्रा व बड़े भाई बलभद्र की प्रतिमा थी। सबसे पहले भगवान जगन्नाथ की आरती उतारी गई।
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इस्कॉन द्वारा आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथ पर बैठाने ले जाते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
उसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ जयकारे लगाकर रथ यात्रा शुरू हुई। रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं का हूजूम उमड़ पड़ा। मानस उत्थान समिति के अध्यक्ष राधेश्याम श्रीवास्तव की अगुवाई में असुरन चौक स्थित विष्णु मंदिर से रथ यात्रा निकाली गई। फूलों से सजाए गए रथ में ओडिशा के पुरी से आई भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा व बलभद्र की प्रतिमा को आसन दिया गया।
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इस्कॉन द्वारा आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में रथ खींचते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
पुरोहितों के वैदिक मंत्रों व शंख ध्वनि के बीच हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। रथ को खींचकर यात्रा का शुभारंभ किया। भगवान जगन्नाथ के जयकारों के साथ रथ धीरे-धीरे आगे बढ़ा। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
रथ यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस विष्णु मंदिर पर आकर समाप्त हुई। श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया। इस अवसर पर विशाल चौरसिया, मीरा दुबे ,शेखर गुप्ता, मुरलीधर पांडेय, बृजेश मणि मिश्र,,मनजीत पांडेय, डॉ.धर्मेंद्र सिंह व अन्य शामिल रहे।
रथ यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस विष्णु मंदिर पर आकर समाप्त हुई। श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया। इस अवसर पर विशाल चौरसिया, मीरा दुबे ,शेखर गुप्ता, मुरलीधर पांडेय, बृजेश मणि मिश्र,,मनजीत पांडेय, डॉ.धर्मेंद्र सिंह व अन्य शामिल रहे।
इस्कॉन द्वारा आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
इस्काॅन मंदिर ने गोलघर से निकाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा
इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष आदिश्याम दास की अगुवाई में गोलघर के बलदेव प्लाजा से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। सबसे पहले बलदेव प्लाजा पर भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना व आरती की गई। रथ यात्रा का शुभारंभ आध्यात्मिक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद हुई।
मंगल संगीत के साथ श्रद्धालुओं ने रथ को खींचा। रथ यात्रा कृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर रही। भक्तों की विशेष श्रद्धा और प्रेम का अभिव्यक्ति देखने को मिली। गोलघर से निकल कर रथ यात्रा गीता प्रेस के पास नेहरू पार्क पहुंकर समाप्त हुई। भक्तों में प्रसाद वितरण भी किया गया।
इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष आदिश्याम दास की अगुवाई में गोलघर के बलदेव प्लाजा से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। सबसे पहले बलदेव प्लाजा पर भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना व आरती की गई। रथ यात्रा का शुभारंभ आध्यात्मिक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद हुई।
मंगल संगीत के साथ श्रद्धालुओं ने रथ को खींचा। रथ यात्रा कृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर रही। भक्तों की विशेष श्रद्धा और प्रेम का अभिव्यक्ति देखने को मिली। गोलघर से निकल कर रथ यात्रा गीता प्रेस के पास नेहरू पार्क पहुंकर समाप्त हुई। भक्तों में प्रसाद वितरण भी किया गया।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
शीश महल से निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शीश महल मंदिर से जाफरा बाजार, अंधियारी बाग, दुर्गाबाड़ी, चरण लाल चौक, आर्य नगर से थवई का पुल, दीवान बाजार, बेनीगंज होते हुए वापस शीश महल मंदिर पर पहुंची। रास्ते में विभिन्न जगह आरती व फूलों से यात्रा का स्वागत किया गया।
यह रथ यात्रा सन 1948 से निकाली जाती है। इसकी शुरुआत बाबू मथुरा प्रसाद खजांची ने की थी। इसके बाद उनके दत्तक पुत्र गोपाल लाल के नेतृत्व में हर वर्ष यह जगन्नाथ यात्रा निकाली जाती है। इसके सचिव अनिल कुमार है। इस रथ यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शीश महल मंदिर से जाफरा बाजार, अंधियारी बाग, दुर्गाबाड़ी, चरण लाल चौक, आर्य नगर से थवई का पुल, दीवान बाजार, बेनीगंज होते हुए वापस शीश महल मंदिर पर पहुंची। रास्ते में विभिन्न जगह आरती व फूलों से यात्रा का स्वागत किया गया।
यह रथ यात्रा सन 1948 से निकाली जाती है। इसकी शुरुआत बाबू मथुरा प्रसाद खजांची ने की थी। इसके बाद उनके दत्तक पुत्र गोपाल लाल के नेतृत्व में हर वर्ष यह जगन्नाथ यात्रा निकाली जाती है। इसके सचिव अनिल कुमार है। इस रथ यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए।