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Gorakhpur News: निवेशकों की गाढ़ी कमाई के करोड़ों उड़ाए, दफ्तर बंद कर निदेशक भागे
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शेयर ट्रेडिंग, गोल्ड और रियल एस्टेट में 10 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर की धोखाधड़ी
12 निवेशकों ने कंपनी के छह निदेशकों पर दर्ज कराया केस, शाहपुर पुलिस जांच में जुटी
पादरी बाजार (गोरखपुर)। शहर में निवेश के नाम पर ठगी का मामला फिर सामने आया है। आरोप है कि ट्रेड आस्था इंफ्रा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों ने लोगों को शेयर ट्रेडिंग, गोल्ड और रियल एस्टेट में 10 प्रतिशत मासिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों की रकम का निवेश कराया। निवेशकों ने जब मूलधन और लाभ वापस मांगे तो कंपनी के दफ्तर बंद कर निदेशक भाग गए। ठगी के शिकार 12 निवेशकों ने कंपनी के सीएमडी विश्वजीत श्रीवास्तव समेत छह निदेशकों के खिलाफ शाहपुर थाने में केस दर्ज कराया है।
शिकायतकर्ता लखनऊ निवासी रामनरेश यादव, जौनपुर निवासी दिनेश यादव, केराकत निवासी सुनील कुमार यादव, बलिया निवासी अरुण कुमार यादव आदि ने आरोप लगाया कि कंपनी के सीएमडी गुलरिहा के रेल विहार फेस-1 निवासी विश्वजीत श्रीवास्तव ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को झूठे निवेश प्रोजेक्ट्स का भरोसा दिलाया। कंपनी की बैठकें शाहपुर इलाके के मदर टेरेसा रोड, बजरंग याम सिमराह-1 में होती थीं।
आरोप है कि निवेशकों को बताया जाता था कि निवेश की गई राशि पर 10 प्रतिशत ब्याज प्रतिमाह मिलेगा और छह माह बाद पूरी मूलधन राशि चेक के माध्यम से लौटाई जाएगी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी के अन्य निदेशक शाहपुर के शिवपुर मोहनपुर निवासी नवीन श्रीवास्तव, डायरेक्टर हरिकेश, कुशीनगर के बैजू पट्टी निवासी चंदन शर्मा, बिहार के गोपालगंज के दुर्ग मटिहानिया रूपछाप निवासी सीईओ राहुल कुमार और फाउंडर मैंबर विश्वजीत की पत्नी चंदा श्रीवास्तव भी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म और सेमिनार के जरिये प्रचार कर निवेशकों को जाल में फंसाते थे।
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आरोप ये भी है कि निवेशकों को यह बताया गया कि कंपनी शेयर मार्केट, गोल्ड ट्रेडिंग और लखनऊ-गोरखपुर में आवासीय प्लॉट का कारोबार करती है। झांसे में लेने के लिए देवा रोड, लखनऊ और गोरखपुर के राप्तीनगर की कथित परियोजनाओं के फोटो, वीडियो और कागजात दिखाए गए। झांसे में आए लोगों ने अपने करोड़ों रुपये कंपनी में निवेश कर दिए। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने शुरू में उन्हें हर माह मुनाफा दिया ताकि भरोसा बना रहे। चार से पांच माह बाद भुगतान बंद कर दिया गया।
निवेशकों ने जब अपने दिए गए चेक बैंक में जमा किए तो खाते में धनराशि न होने से सभी चेक बाउंस हो गए। कंपनी के संचालक मोबाइल बंद करने लगे और दफ्तर में ताले लग गए। थाने में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ितों ने एसएसपी राजकरन नय्यर से गुहार लगाई। इसके बाद शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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ट्रेड आस्था समूह की तीन कंपनियों के नाम पर की गई ठगी
ठगी के शिकार पीड़ितों ने बताया कि लोगों को झांसे में लेने के लिए जालसाजों ने तीन कंपनियां बनाई थीं। इसमें आस्था इंफ्रा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, आस्था रिटेलर्स प्राइवेट लिमिटेड और आस्था जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इस कंपनियों के नाम पर जालसाजों ने करोड़ों रुपये की ठगी की।
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सीएमडी पर विदेश भागने की कोशिश का आरोप
ठगी के शिकार पीड़ितों ने बताया कि कंपनी का सीएमडी विश्वजीत श्रीवास्तव विदेश भागने की फिराक में है। निवेशकों ने मांग की है कि सीएमडी और अन्य निदेशकों के पासपोर्ट और बैंक खातों को जब्त किया जाए। कई निवेशकों ने बैंक लोन लेकर और जीवनभर की पूंजी लगाकर निवेश किया था, जिससे अब उनका परिवार आर्थिक संकट में है।
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वर्जन
मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कंपनी से जुड़े बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हाेंगे।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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12 निवेशकों ने कंपनी के छह निदेशकों पर दर्ज कराया केस, शाहपुर पुलिस जांच में जुटी
पादरी बाजार (गोरखपुर)। शहर में निवेश के नाम पर ठगी का मामला फिर सामने आया है। आरोप है कि ट्रेड आस्था इंफ्रा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों ने लोगों को शेयर ट्रेडिंग, गोल्ड और रियल एस्टेट में 10 प्रतिशत मासिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों की रकम का निवेश कराया। निवेशकों ने जब मूलधन और लाभ वापस मांगे तो कंपनी के दफ्तर बंद कर निदेशक भाग गए। ठगी के शिकार 12 निवेशकों ने कंपनी के सीएमडी विश्वजीत श्रीवास्तव समेत छह निदेशकों के खिलाफ शाहपुर थाने में केस दर्ज कराया है।
शिकायतकर्ता लखनऊ निवासी रामनरेश यादव, जौनपुर निवासी दिनेश यादव, केराकत निवासी सुनील कुमार यादव, बलिया निवासी अरुण कुमार यादव आदि ने आरोप लगाया कि कंपनी के सीएमडी गुलरिहा के रेल विहार फेस-1 निवासी विश्वजीत श्रीवास्तव ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को झूठे निवेश प्रोजेक्ट्स का भरोसा दिलाया। कंपनी की बैठकें शाहपुर इलाके के मदर टेरेसा रोड, बजरंग याम सिमराह-1 में होती थीं।
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आरोप है कि निवेशकों को बताया जाता था कि निवेश की गई राशि पर 10 प्रतिशत ब्याज प्रतिमाह मिलेगा और छह माह बाद पूरी मूलधन राशि चेक के माध्यम से लौटाई जाएगी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी के अन्य निदेशक शाहपुर के शिवपुर मोहनपुर निवासी नवीन श्रीवास्तव, डायरेक्टर हरिकेश, कुशीनगर के बैजू पट्टी निवासी चंदन शर्मा, बिहार के गोपालगंज के दुर्ग मटिहानिया रूपछाप निवासी सीईओ राहुल कुमार और फाउंडर मैंबर विश्वजीत की पत्नी चंदा श्रीवास्तव भी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म और सेमिनार के जरिये प्रचार कर निवेशकों को जाल में फंसाते थे।
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आरोप ये भी है कि निवेशकों को यह बताया गया कि कंपनी शेयर मार्केट, गोल्ड ट्रेडिंग और लखनऊ-गोरखपुर में आवासीय प्लॉट का कारोबार करती है। झांसे में लेने के लिए देवा रोड, लखनऊ और गोरखपुर के राप्तीनगर की कथित परियोजनाओं के फोटो, वीडियो और कागजात दिखाए गए। झांसे में आए लोगों ने अपने करोड़ों रुपये कंपनी में निवेश कर दिए। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने शुरू में उन्हें हर माह मुनाफा दिया ताकि भरोसा बना रहे। चार से पांच माह बाद भुगतान बंद कर दिया गया।
निवेशकों ने जब अपने दिए गए चेक बैंक में जमा किए तो खाते में धनराशि न होने से सभी चेक बाउंस हो गए। कंपनी के संचालक मोबाइल बंद करने लगे और दफ्तर में ताले लग गए। थाने में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ितों ने एसएसपी राजकरन नय्यर से गुहार लगाई। इसके बाद शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ट्रेड आस्था समूह की तीन कंपनियों के नाम पर की गई ठगी
ठगी के शिकार पीड़ितों ने बताया कि लोगों को झांसे में लेने के लिए जालसाजों ने तीन कंपनियां बनाई थीं। इसमें आस्था इंफ्रा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, आस्था रिटेलर्स प्राइवेट लिमिटेड और आस्था जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इस कंपनियों के नाम पर जालसाजों ने करोड़ों रुपये की ठगी की।
सीएमडी पर विदेश भागने की कोशिश का आरोप
ठगी के शिकार पीड़ितों ने बताया कि कंपनी का सीएमडी विश्वजीत श्रीवास्तव विदेश भागने की फिराक में है। निवेशकों ने मांग की है कि सीएमडी और अन्य निदेशकों के पासपोर्ट और बैंक खातों को जब्त किया जाए। कई निवेशकों ने बैंक लोन लेकर और जीवनभर की पूंजी लगाकर निवेश किया था, जिससे अब उनका परिवार आर्थिक संकट में है।
वर्जन
मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कंपनी से जुड़े बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हाेंगे।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी