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Gorakhpur News: रामगढ़ताल में क्रूज संचालन पर संकट...संचालक ने जाहिर की असमर्थता

Mon, 14 Oct 2024 11:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 14 Oct 2024 11:35 AM IST
सार

रामगढ़ताल में क्रूज के संचालन की योजना बनी तो मेसर्स राजकुमार राय ने सर्वाधिक बोली लगाकर इसके संचालन का अधिकार हासिल किया था। लगभग साढ़े सात लाख रुपये मासिक किराए की बोली लगी थी। इसे ताल में उतारा गया लेकिन यहां पर्याप्त पर्यटक नहीं मिल रहे हैं। ताल में पानी भी कम है। इससे क्रूज को कई बार नुकसान हो चुका है। अब चला पाने में असमर्थ हैं।

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In Gorakhpur, Crisis on cruise operation in Ramgarhtal... operator expressed inability
लेक क्वीन क्रूज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामगढ़ताल में क्रूज के संचालन को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अप्रैल 2024 में संचालक की ओर से गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को पत्र देकर अनुबंध समाप्त करने की मांग की गई थी। इसके बाद कई बार किराया कम करने की अपील की गई लेकिन जीडीए नहीं माना है।

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हाल ही में प्राधिकरण की ओर से लगभग 90 लाख रुपये बकाया का नोटिस संचालक को भेज दिया गया है। इसके बाद से संचालक ने क्रूज के संचालन को लेकर असमर्थता जाहिर की है। संचालक के मुताबिक उनकी ओर से 15-20 दिन पहले एक और पत्र दिया गया है लेकिन जीडीए के अधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं। हालांकि इस संशय की स्थिति के बाद भी क्रूज का संचालन जारी है।
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रामगढ़ताल में क्रूज के संचालन की योजना बनी तो मेसर्स राजकुमार राय ने सर्वाधिक बोली लगाकर इसके संचालन का अधिकार हासिल किया था। लगभग साढ़े सात लाख रुपये मासिक किराए की बोली लगी थी। संचालक राजन राय का कहना है कि लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से क्रूज तैयार किया गया है।
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इसे ताल में उतारा गया लेकिन यहां पर्याप्त पर्यटक नहीं मिल रहे हैं। ताल में पानी भी कम है। इससे क्रूज को कई बार नुकसान हो चुका है। किराया तीन हजार से घटाकर 300 रुपये तक कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कई बार जीडीए के अधिकारियों से मिल चुके हैं।

हर बार किराया कम करने की मांग की गई लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिला। संचालक तीन लाख रुपये प्रति माह किराये की मांग कर रहे हैं। हाल ही में जीडीए की ओर से नोटिस जारी की गई है, जिसमें बकाए के रूप में लगभग 89 लाख रुपये जमा करने को कहा गया है।


जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वद्धर्न ने बताया कि अनुबंध हो जाने के बाद किराया कम नहीं किया जा सकता है। बकाए को लेकर नोटिस जारी की गई है। संचालक से बात की जाएगी। जीडीए की ओर से हर संभव सहयोग किया गया है और किया जाएगा। संचालक का कोई पत्र नहीं मिला है।

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