फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   In Gorakhpur, Consumers will bear brunt of the negligence of officials, supply will be correct by today night

Gorakhpur News: अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा, 18 हजार उपभोक्ताओं पर भारी- रात तक सही होगी बिजली आपूर्ति

Wed, 25 Sep 2024 11:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 25 Sep 2024 11:22 AM IST
विज्ञापन
In Gorakhpur, Consumers will bear brunt of the negligence of officials, supply will be correct by today night
मोहद्दीपुर बिजली उपकेंद्र - फोटो : अमर उजाला
बिजली निगम के अभियंताओं और स्टोर के जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है। मोहद्दीपुर में 10 एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर सोमवार की देर रात जल गया। इससे बिजली ठप हो गई। प्रयागराज से नया ट्रांसफाॅर्मर लाया जाएगा, लेकिन तब तक तीन फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
विज्ञापन


विभागीय सूत्रों के मुताबिक स्टोर और अभियंताओं ने जिम्मेदारी दिखाई होती तो 10 एमवीए के इस ट्रांसफाॅर्मर में फाल्ट नहीं हुआ होता। चर्चा है कि जिन सामानों के लिए जेई और एसडीओ की तरफ से तीन-चार महीने के सामानों का इंडेंड स्टोर भेजा गया था, उसी में कमी बताते हुए रोक दिया गया था।
विज्ञापन

In Gorakhpur, Consumers will bear brunt of the negligence of officials, supply will be correct by today night
मोहद्दीपुर बिजली उपकेंद्र - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, हैवी ट्रांसफाॅर्मर के कंट्रोल पैनल और वीसीबी का बिजली आपूर्ति में अहम रोल होता है। गर्मी बढ़ने पर बिजली की खपत बढ़ जाती है। इसका असर ट्रांसफाॅर्मर पर पड़ता है। ऐसे में कंट्रोल पैनल के जरिए ही ट्रांसफाॅर्मर पर पड़ने वाले जर्क (व्यवधान) को परिवर्तित किया जाता है।

इसके परिवर्तन होने पर ट्रांसफाॅर्मर पर ओवरलोड की दिक्कत नहीं आती है और फाल्ट होने से बच जाता है। ऐसे में समय-समय पर अभियंता इन सामानों की जांच करते हैं और अपने वरिष्ठों के द्वारा स्टोर में इंडेंड भेजते हैं। सामान की आपूर्ति होने पर ट्रांसफाॅर्मर के मरम्मत का काम कराते हैं।

मोहद्दीपुर में लगे 10 एमवीए के पुराने ट्रांसफॉर्मर में कंट्रोल पैनल और वीसीबी की जरूरत के लिए जून के अंतिम सप्ताह में स्टोर में डिमांड भेजी गई थी, लेकिन वहां से अन-उपलब्धता बताते हुए देने से मना कर दिया गया। इसी बीच पिछले महीने 10 एमवीए का यही ट्रांसफाॅर्मर जला तो छह घंटे के भीतर ही नया कंट्रोल पैनल उपलब्ध करवा दिया गया था।
 
विज्ञापन

In Gorakhpur, Consumers will bear brunt of the negligence of officials, supply will be correct by today night
मोहद्दीपुर बिजली उपकेंद्र - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद फिर से वीसीबी के लिए स्टोर में इंडेंड भेजा गया था, लेकिन, इंतजार के बाद भी स्टोर की तरफ से इन सामानों को वितरण खंड मोहद्दीपुर में नहीं दिया। सोमवार की रात में अचानक ओवरलोड की वजह से ट्रांसफाॅर्मर जर्क परिवर्तित नहीं कर सका और वह जल गया।

सूचना के पांच से छह घंटे के भीतर स्टोर से फिर वीसीबी भी उपलब्ध करवा दिया गया। अगर डिमांड और सुविधा शुल्क से अलग हटकर ट्रांसफाॅर्मर के फाल्ट होने से उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी का अंदाज होता तो स्टोर व वितरण खंड के अभियंताओं की तरफ से बार-बार ऐसी लापरवाही नहीं होती।

अभियंताओं का भी दोष कम नहीं
मोहद्दीपुर में 10 एमवीए का दो ट्रांसफॉर्मर लगा है। 25 एमवीए के ट्रांसफाॅर्मर से अलग-अलग फीडर में बिजली आपूर्ति की जाती है। 10 एमवीए के एक ट्रांसफाॅर्मर की औसत उम्र 18 से 20 वर्ष मानी जाती है। इस गर्मी में औसत से कई गुना अधिक बिजली खपत हुई है।

इसके बाद भी पुराने ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत को लेकर अभियंताओं की तरफ से मुख्य अभियंता या एमडी पूर्वांचल तक पत्राचार नहीं किया गया। अगर इस बात का संज्ञान एमडी ऑफिस या मुख्य अभियंता कार्यालय तक होता तो स्टोर के अधिकारियों के साथ सामंजस्य बनाकर इसे व्यवस्थित करवाने का प्रयास जरूर होता।
विज्ञापन

In Gorakhpur, Consumers will bear brunt of the negligence of officials, supply will be correct by today night
लाइन सही करवाते अभियंता व लाइनमैन - फोटो : अमर उजाला

स्टोर और अभियंताओं के बीच खेल भी कम नहीं
सूत्रों ने बताया कि बिजली निगम के जिम्मेदार प्रतिमाह अथवा एक माह छोड़कर ओएंडएम में अपने कार्यों और बिजली उपकरणों की मांग भरते हैं। सामान की मांग को पोर्टल पर भरना होता है। उपकरणों की मांग भरने के बाद एसडीओ जांच कर आगे बढ़ाते हैं।

फिर अधिशासी अभियंता स्वीकृति देते हैं। इसके बाद सामान की मांग सूची स्टोर को चली जाती है। वहां से इसे जारी किया जाता है, लेकिन स्टोर से ही गड़बड़ी शुरू हो जाती है। वितरण खंड से स्वीकृत कर भेजे गए सामानों की सूची का इनवाइस (प्राप्ति रसीद) स्टोर का कर्मचारी अवर अभियंता के नाम से काट देता है।

अवर अभियंता इसे मासिक खाते में दर्ज कर लेते हैं और स्टोर से जारी रसीद भी ले लेते हैं। इसके बाद ठेकेदार और जिम्मेदारों के बीच खेल शुरू होता है। कागज में सामान जेई या जिम्मेदार ले लेते हैं, लेकिन भौतिक रूप से सामान स्टोर में ही रह जाता है। बाद में इसका इस्तेमाल पैसे लेकर किया जाता है। बिजली निगम के सूत्रों ने बताया कि हैवी ट्रांसफाॅर्मरों के उपकरणों में ये संभव नहीं हो पाता। ऐसे में सुविधा शुल्क के अभाव में जिम्मेदार इनसे किनारा किए रहते हैं।

In Gorakhpur, Consumers will bear brunt of the negligence of officials, supply will be correct by today night
नया ट्रांसफार्मर लाया गया - फोटो : अमर उजाला
जिम्मेदारों की लापरवाही से राजस्व का भारी नुकसान
बिजली निगम के सूत्रों ने बताया कि 410 एमवीए का एक ट्रांसफाॅर्मर 60 लाख रुपये का आता है। स्टोर के जिम्मेदारों ने अगर उपकरण देने में लापरवाही नहीं की होती और समय से यदि मरम्मत हो गया होता तो हजारों रुपये में ही मरम्मत होकर ट्रांसफाॅर्मर में सुधार आ जाता।

लापरवाही की वजह से ट्रांसफाॅर्मर पूरी तरह जल गया और इसका असर बिजली निगम के राजस्व पर पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक सीएम शहर की वजह से तत्काल 60 लाख रुपये खर्च कर नए ट्रांसफाॅर्मर का ऑर्डर दिया गया। बुधवार की देर शाम तक ये गोरखपुर पहुंच जाएगा।

मुख्य अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि स्टोर से सामानों की अनउपलब्धता क्यों रही? इसकी जांच कराई जाएगी। वितरण खंड से इसे लेकर पत्राचार किया गया था तो इतना विलंब क्यों लगा। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed