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गोरखपुर सिपाही पिटाई प्रकरण: डॉ. अनुज सरकारी और कर्मचारियों पर भी केस दर्ज, लंबे समय तक हुआ था धरना-प्रदर्शन

Tue, 04 Feb 2025 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 04 Feb 2025 12:57 AM IST
सार

संतकबीरनगर जिले के कोतवाली क्षेत्र के मंझरिया निवासी सिपाही पंकज कुमार की पत्नी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र के जरिये बताया कि वह अनुसूचित जाति की महिला हैं। उनके पेट में दर्द था, तो पति पंकज कुमार के साथ डॉ. अनुज सरकारी के दवाखाना गैस्ट्रो लीवर हाॅस्पिटल निकट छात्रसंघ चौराहा थाना कैंट, पर दिखाने दो अक्तूबर 2024 को आई थीं। इस दौरान उनके साथ मारपीट हुई थी।

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In Gorakhpur Constable beating case, Case against Dr. Anuj sarkari and employees also case filed
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिपाही पिटाई प्रकरण में कैंट थाने में गैस्ट्रो लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुज सरकारी और कर्मचारियों पर भी सोमवार को केस दर्ज कर ही लिया गया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी दीपा राय ने 18 जनवरी को केस दर्ज करके कोर्ट को अवगत कराने का आदेश दिया था। पुलिस ने सिपाही पंकज की पत्नी की तमाम कोशिशिों के बावजूद केस दर्ज नहीं किया था।

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चार अक्तूबर 2024 को डॉक्टर की क्लीनिक पर हुई घटना को लेकर सिपाही पंकज कुमार की पत्नी ने केस दर्ज कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पति और उन्हें पीटा गया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
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संतकबीरनगर जिले के कोतवाली क्षेत्र के मंझरिया निवासी सिपाही पंकज कुमार की पत्नी ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र के जरिये बताया कि वह अनुसूचित जाति की महिला हैं। उनके पेट में दर्द था, तो पति पंकज कुमार के साथ डॉ. अनुज सरकारी के दवाखाना गैस्ट्रो लीवर हाॅस्पिटल निकट छात्रसंघ चौराहा थाना कैंट, पर दिखाने दो अक्तूबर 2024 को आई थीं।
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चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड लिखा तो तीन अक्तूबर 2024 को डॉ. अनुज सरकारी के यहां वह अपने पति के साथ जांच कराने गईं। अल्ट्रासाउंड हो जाने पर तीन अक्तूबर को ही रिपोर्ट दिखाने डॉ. अनुज सरकारी के पास गईं तो डॉक्टर ने बताया कि रिपोर्ट सामान्य है और उन्हें एक महीने की दवा लिख दी।

इस पर पति पंकज कुमार ने डॉक्टर से कहा कि अल्ट्रासाउंड के ग्यारह सौ रुपये लिए गए, जबकि अन्य जगह आठ सौ रुपये में ही हो जाता है। यह सुनकर डॉ. अनुज सरकारी नाराज हो गए और जातिसूचक गाली देने लगे। सिपाही पंकज कुमार ने विरोध किया तो डॉक्टर उन्हें और पति पंकज को खुद व स्टाॅफ के के साथ मिलकर पीटने लगे।

महिला का आरोप है कि पिटाई के दौरान ही उनकी साड़ी तक खुल गई थी। पति के सिर पर लोहे की राॅड से हमला कर बुरी तरह से घायल करने के बाद डॉक्टर ने ही फोन करके पुलिस बुलाई। पुलिसवाले दंपती को पकड़कर कैंट थाने ले गए। बाद में डॉ. अनुज सरकारी की गलती सामने आने पर थाने से उन्हें छोड़ दिया गया।

महिला का आरोप है कि पति पंकज कुमार अपना आधार कार्ड और दवा के कागजात आदि लेने चार अक्तूबर 2024 को क्लीनिक गए तो डॉ. अनुज सरकारी और उनके कर्मचारियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पति को बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया।

डॉ. अनुज सरकारी पति को अपने स्टॉफ के साथ मारते-पीटते हुए थाना कैंट ले गए और केस दर्ज करवा दिया। महिला का आरोप है कि उन्होंने भी तहरीर दी, पर केस नहीं दर्ज किया गया।

डॉक्टर अनुज को हथौड़ी से मारने के आरोप में जेल गया था सिपाही
डॉ. अनुज सरकारी पर हथौड़ी से हमला करने के आरोप में पंकज कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। वहीं पंकज की पत्नी ने भी डॉक्टर और स्टॉफ के खिलाफ मारपीट और छेड़खानी की तहरीर दी थी, लेकिन उसमें केस नहीं दर्ज हुआ था। पंकज कुमार यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। उसकी पोस्टिंग बलिया जिले में है।

पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया है। प्रार्थना पत्र के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी

सिपाही बोला- देर है पर अंधेर नहीं है
सिपाही पंकज ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि देर है अंधेर नहीं है, कोर्ट से ही उन्हें न्याय मिलेगा। कोर्ट के आदेश के बाद 14 दिन बीत रहे थे, तब आशंका थी कि कहीं केस ही न दर्ज हो। थाने से रोज केस के बारे में पता करता था।

अब कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है, उन्हें पूरी उम्मीद है कि आगे भी इंसाफ मिलेगा। उनकी गलती बस इतनी थी डाॅक्टर से अल्ट्रासाउंड महंगा होने पर सवाल कर दिया था, इसपर जुटकर सभी लोगों ने हमला कर दिया।


पांच अक्तूबर को पहली बार जेल गया। 15 दिन जेल काटकर बाहर आए हैं। अभी भी उस घटना को भूल नहीं पा रहा हूं। वर्ष 2021 में नौकरी लगी थी। बलिया के कोतवाली थाने में तैनात था। पत्नी की बीमारी की वजह से घर आना पड़ा।

 

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