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Gorakhpur News: सेक्टर-27 में पेप्सिको के पड़ोस में कोका कोला भी लगाएगा बॉटलिंग प्लांट
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गीडा में कंपनी की एक फ्रेंचाइजी को आवंटित हो चुकी है पांच एकड़ एकड़ जमीन
पेप्सिको कंपनी के बगल में ही आवंटित होगी दूसरी जमीन
गोरखपुर। गीडा सेक्टर-27 में पेप्सिको के पड़ोस में ही कोका कोला कंपनी का भी बाटलिंग प्लांट लगेगा। इसके लिए कंपनी के प्रतिनिधि गीडा प्रशासन के संपर्क में हैं। कंपनी को यहां करीब 17 एकड़ जमीन मिलने की उम्मीद है जिस पर 350 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। कोका कोला के निवेश के बाद गीडा पूर्वांचल में शीतल पेय पदार्थ बनाने का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा।
गीडा में पिछले पांच साल के दौरान 50 से अधिक बड़ी कंपनियों ने निवेश किया है। बीते दो साल में ज्ञान डेयरी, तत्वा प्लास्टिक, पेप्सिको समेत 20 से अधिक कंपनियों ने अपने प्लांट से उत्पादन भी शुरू कर दिया है। अब कोका कोला भी गीडा में अपना बाटलिंग प्लांट लगाने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी ने जमीन मांगी है। चर्चा है कि सेक्टर-27 में कंपनी को जगह मिल सकती है। पिछले साल ही कोका कोला की एक फ्रेंचाइजी ने रायबरेली में अपनी यूनिट शुरू की थी। इसके बाद से ही गीडा में यूनिट लगाने को लेकर चर्चा चल रही थी।
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दूसरी फ्रेंचाइजी की जमीन की हुई रजिस्ट्री
पेप्सिको के पास ही कोका कोला की एक फ्रेंचाइजी ने पांच एकड़ जमीन ले रखी है, जिस पर कंपनी की तरफ से प्लास्टिक की बोतलें बनाई जाएंगी। इन बोतलों का प्रयोग बॉटलिंग प्लांट में होगा। इसके अलावा बोतलबंद पानी बेचने वाली कंपनियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इस फ्रेंचाइजी को पिछले साल नवंबर में जमीन मिली थी, जिसका आवंटन पत्र मुख्यमंत्री ने प्रदान किया था। अब इस जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है।
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आईजीएल कंपनी एथेनॉल के साथ पशु आहार भी बनाएगी
गोरखपुर। गीडा स्थित इंडिया ग्लाईकॉल्स लिमिटेड (आईजीएल) ने अनाज से एथेनॉल बनाने के साथ ही इसके बाई प्रोडक्ट (सह उत्पाद) से पशु आहार का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। अब कंपनी इसके वाणिज्यिक उत्पादन से जुड़ने जा रही है।
आईजीएल के बिजनेस हेड एसके शुक्ला ने बताया कि बाई प्रोडक्ट में कुछ और पोषक तत्व मिलाकर इसका ट्रायल शुरू किया गया। यह डीडीजीएस (डिस्टिलर्स ड्राईड ग्रेन्स विथ सॉल्यूबल्स) पशु आहार है। इसमें प्रोटीन और फाइबर प्रचुर मात्रा में हैं। आईजीएल ने तैयार पशु आहार को क्षेत्र के कई पशुपालकों को प्रयोग के तौर पर दिया गया। अब वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। शुरुआती चरण में प्रतिदिन 5 से 6 क्विंटल पशु आहार का उत्पादन किया जाएगा। यह 50 किलो की पैकिंग में उपलब्ध होगा। बाद में यह 25 और पांच किलो के पैक में भी उपलब्ध होंगे।
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कोट
कोका कोला की एक फ्रेंचाइजी की तरफ से पहले प्लास्टिक बोतल बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन ली गई थी। रजिस्ट्री हो चुकी है। अब बॉटलिंग प्लांट के लिए भी प्रयास चल रहा है। उम्मीद है कि कंपनी इसी महीने जमीन के लिए आवेदन करेगी। पेप्सिको के पास सेक्टर-27 में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
- आरडी पांडेय, एसीईओ, गीडा
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पेप्सिको कंपनी के बगल में ही आवंटित होगी दूसरी जमीन
गोरखपुर। गीडा सेक्टर-27 में पेप्सिको के पड़ोस में ही कोका कोला कंपनी का भी बाटलिंग प्लांट लगेगा। इसके लिए कंपनी के प्रतिनिधि गीडा प्रशासन के संपर्क में हैं। कंपनी को यहां करीब 17 एकड़ जमीन मिलने की उम्मीद है जिस पर 350 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। कोका कोला के निवेश के बाद गीडा पूर्वांचल में शीतल पेय पदार्थ बनाने का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा।
गीडा में पिछले पांच साल के दौरान 50 से अधिक बड़ी कंपनियों ने निवेश किया है। बीते दो साल में ज्ञान डेयरी, तत्वा प्लास्टिक, पेप्सिको समेत 20 से अधिक कंपनियों ने अपने प्लांट से उत्पादन भी शुरू कर दिया है। अब कोका कोला भी गीडा में अपना बाटलिंग प्लांट लगाने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी ने जमीन मांगी है। चर्चा है कि सेक्टर-27 में कंपनी को जगह मिल सकती है। पिछले साल ही कोका कोला की एक फ्रेंचाइजी ने रायबरेली में अपनी यूनिट शुरू की थी। इसके बाद से ही गीडा में यूनिट लगाने को लेकर चर्चा चल रही थी।
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दूसरी फ्रेंचाइजी की जमीन की हुई रजिस्ट्री
पेप्सिको के पास ही कोका कोला की एक फ्रेंचाइजी ने पांच एकड़ जमीन ले रखी है, जिस पर कंपनी की तरफ से प्लास्टिक की बोतलें बनाई जाएंगी। इन बोतलों का प्रयोग बॉटलिंग प्लांट में होगा। इसके अलावा बोतलबंद पानी बेचने वाली कंपनियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इस फ्रेंचाइजी को पिछले साल नवंबर में जमीन मिली थी, जिसका आवंटन पत्र मुख्यमंत्री ने प्रदान किया था। अब इस जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है।
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आईजीएल कंपनी एथेनॉल के साथ पशु आहार भी बनाएगी
गोरखपुर। गीडा स्थित इंडिया ग्लाईकॉल्स लिमिटेड (आईजीएल) ने अनाज से एथेनॉल बनाने के साथ ही इसके बाई प्रोडक्ट (सह उत्पाद) से पशु आहार का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। अब कंपनी इसके वाणिज्यिक उत्पादन से जुड़ने जा रही है।
आईजीएल के बिजनेस हेड एसके शुक्ला ने बताया कि बाई प्रोडक्ट में कुछ और पोषक तत्व मिलाकर इसका ट्रायल शुरू किया गया। यह डीडीजीएस (डिस्टिलर्स ड्राईड ग्रेन्स विथ सॉल्यूबल्स) पशु आहार है। इसमें प्रोटीन और फाइबर प्रचुर मात्रा में हैं। आईजीएल ने तैयार पशु आहार को क्षेत्र के कई पशुपालकों को प्रयोग के तौर पर दिया गया। अब वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। शुरुआती चरण में प्रतिदिन 5 से 6 क्विंटल पशु आहार का उत्पादन किया जाएगा। यह 50 किलो की पैकिंग में उपलब्ध होगा। बाद में यह 25 और पांच किलो के पैक में भी उपलब्ध होंगे।
कोट
कोका कोला की एक फ्रेंचाइजी की तरफ से पहले प्लास्टिक बोतल बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन ली गई थी। रजिस्ट्री हो चुकी है। अब बॉटलिंग प्लांट के लिए भी प्रयास चल रहा है। उम्मीद है कि कंपनी इसी महीने जमीन के लिए आवेदन करेगी। पेप्सिको के पास सेक्टर-27 में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
- आरडी पांडेय, एसीईओ, गीडा