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सर्किल रेट : दो दिन में तैयार होगा ब्लू प्रिंट... 200 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी
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नौ साल बाद जिले में बढ़ेगा जमीनों का सर्किल रेट, तैयार हो रहा तुलनात्मक चार्ट
ताल नदौर, बाघागाड़ा, सिक्टौर, ताल कंदला, मोतीराम अड्डा आदि इलाकों में ज्यादा रेट बढ़ेगा
गोरखपुर। जिले में नौ साल बाद सर्किल रेट बढ़ने जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों को दो दिन में ब्लू प्रिंट तैयार कर लेना है। पिछली बार बढ़े सर्किल रेट और वर्तमान में जमीनों के बाजार रेट के हिसाब से तुलनात्मक चार्ट तैयार किया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि 50 फीसदी से लेकर 200 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा उन इलाकों में रेट बढ़ेगा जहां कॉलोनियां विकसित हो रही हैं और जमीनों की प्लाटिंग ज्यादा हुई है।
एक अगस्त से नया सर्किल रेट लागू करने की तैयारी चल रही है। सदर रजिस्ट्री कार्यालय में सोमवार को गोरखपुर मंडल के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सर्किल रेट में परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की गई। डीआईजी स्टांप मनोज कुमार शुक्ल की अगुवाई में चारों जिलों गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के सहायक आयुक्त स्टांप और सभी 21 तहसीलों के सब रजिस्ट्रारों ने बैठक में सर्किल रेट के लिए जारी नए गाइड लाइन पर चर्चा की।
गोरखपुर जिले में सबसे ज्यादा सर्किल रेट सदर तहसील में बढ़ना है। अभी तक के निष्कर्ष में पाया गया है कि शहर की बाहरी सीमा में ताल नदौर, बाघागाड़ा, सिक्टौर, डोमनी, ताल नदौर, गहिरा, मोतीराम अड्डा, रामनगर कड़जहां आदि इलाकों में जमीनों की रजिस्ट्री ज्यादा हो रही है। यहां सबसे ज्यादा 200 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ सकता है। वहीं, शहर में भी न्यूनतम 50 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी है। सभी सब रजिस्ट्रार से शुक्रवार तक रिपोर्ट मांगी गई है, इसके बाद ब्लू प्रिंट तैयार करके डीएम के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
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सीमावर्ती गांवों में एक समान होगा सर्किल रेट
जिले के सीमावर्ती गांवों के एक समान सर्किल रेट किया जाना है। अगर कहीं अंतर भी होगा तो 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं करना है। शासन के निर्देश पर काम चल रहा है। निबंधन विभाग के अफसरों ने बताया कि नए नियम के अनुसार जिला सीमा के नजदीक बसे गांवों का सर्किल रेट दूसरे जिले के नजदीक वाले गांव से 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। जबकि देवरिया और गोरखपुर के गांव के सर्किल रेट का अंतर ज्यादा है। यहां समानता लाया जाएगा।
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कोट--
सर्किल रेट का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। सभी रजिस्ट्रार से दो दिन में तुलनात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। ब्लू प्रिंट तैयार कर डीएम के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
- संजय दुबे, एआईजी स्टांप एवं पंजीयन
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ताल नदौर, बाघागाड़ा, सिक्टौर, ताल कंदला, मोतीराम अड्डा आदि इलाकों में ज्यादा रेट बढ़ेगा
गोरखपुर। जिले में नौ साल बाद सर्किल रेट बढ़ने जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों को दो दिन में ब्लू प्रिंट तैयार कर लेना है। पिछली बार बढ़े सर्किल रेट और वर्तमान में जमीनों के बाजार रेट के हिसाब से तुलनात्मक चार्ट तैयार किया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि 50 फीसदी से लेकर 200 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा उन इलाकों में रेट बढ़ेगा जहां कॉलोनियां विकसित हो रही हैं और जमीनों की प्लाटिंग ज्यादा हुई है।
एक अगस्त से नया सर्किल रेट लागू करने की तैयारी चल रही है। सदर रजिस्ट्री कार्यालय में सोमवार को गोरखपुर मंडल के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सर्किल रेट में परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की गई। डीआईजी स्टांप मनोज कुमार शुक्ल की अगुवाई में चारों जिलों गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के सहायक आयुक्त स्टांप और सभी 21 तहसीलों के सब रजिस्ट्रारों ने बैठक में सर्किल रेट के लिए जारी नए गाइड लाइन पर चर्चा की।
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गोरखपुर जिले में सबसे ज्यादा सर्किल रेट सदर तहसील में बढ़ना है। अभी तक के निष्कर्ष में पाया गया है कि शहर की बाहरी सीमा में ताल नदौर, बाघागाड़ा, सिक्टौर, डोमनी, ताल नदौर, गहिरा, मोतीराम अड्डा, रामनगर कड़जहां आदि इलाकों में जमीनों की रजिस्ट्री ज्यादा हो रही है। यहां सबसे ज्यादा 200 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ सकता है। वहीं, शहर में भी न्यूनतम 50 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी है। सभी सब रजिस्ट्रार से शुक्रवार तक रिपोर्ट मांगी गई है, इसके बाद ब्लू प्रिंट तैयार करके डीएम के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
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सीमावर्ती गांवों में एक समान होगा सर्किल रेट
जिले के सीमावर्ती गांवों के एक समान सर्किल रेट किया जाना है। अगर कहीं अंतर भी होगा तो 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं करना है। शासन के निर्देश पर काम चल रहा है। निबंधन विभाग के अफसरों ने बताया कि नए नियम के अनुसार जिला सीमा के नजदीक बसे गांवों का सर्किल रेट दूसरे जिले के नजदीक वाले गांव से 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। जबकि देवरिया और गोरखपुर के गांव के सर्किल रेट का अंतर ज्यादा है। यहां समानता लाया जाएगा।
कोट
सर्किल रेट का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। सभी रजिस्ट्रार से दो दिन में तुलनात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। ब्लू प्रिंट तैयार कर डीएम के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
- संजय दुबे, एआईजी स्टांप एवं पंजीयन