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पारस्परिक एकता से ही हो पाएगा राष्ट्रधर्म की चुनौतियों का सामना : सीएम योगी
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गोरखपुर।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को राष्ट्रधर्म सर्वोपरि का मंत्र दिया। इसके साथ ही इस मार्ग में आने वाली बाधाओं से निपटने का तरीका भी बताया। कहा कि राष्ट्रधर्म की चुनौतियों का सामना पारस्परिक एकता से ही हो पाएगा। छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। युवा कल का नहीं, आज का नागरिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रधर्म के पथ पर बढ़कर ही हम आजादी के शताब्दी वर्ष तक विकसित, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा।
इससे पहले रविवार को अधिवेशन के अंतिम दिन देश भर से आए राज्य अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने अधिवेशन में पारित एजेंडों पर वर्ष भर काम करने का संकल्प लिया। राष्ट्रीय व प्रांतीय पदाधिकारी अभी रूके रहेंगे। अभी 26 नवंबर तक बैठकें होंगी और रूपरेखा को लेकर चिंतन-मंथन होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवा ऊर्जा को सही दिशा देने वाला दुनिया का सबसे बड़ा युवा संगठन और एक सशक्त प्लेटफार्म है। विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होना सौभाग्य की बात है और वह खुद को भी सौभाग्यशाली मानते हैं कि विद्यार्थी जीवन में वह विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे। उन्होंने कहा कि भारत युवा ऊर्जा के मामले में दुनिया का सबसे सौभाग्यशाली देश है। यह दुनिया का सबसे युवा देश है। भारत की 56 प्रतिशत आबादी युवाओं की है। यह युवा ऊर्जा देश को नई दिशा दे रही है। सीएम ने राम-कृष्ण से लेकर नए दौर के उद्धरणों से युवा ऊर्जा की ताकत समझाई। कहा कि सभी ने अपनी युवा ऊर्जा से पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
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तकनीकी आज दैनिक जीवन का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने नब्बे के दशक में कम्प्यूटरीकरण को लेकर हुए विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि तब कम्प्यूटरीकरण का विरोध हो रहा था और आज उससे भी आगे ई ऑफिस का दौर आ गया। पूरी दुनिया एक स्मार्टफोन में आ चुकी है। समय के साथ टेक्नोलॉजी बढ़ती गई। बिजली, टेलीफोन, टेलीविजन, हवाई जहाज, माइक्रोवेव, इंटरनेट, जीपीएस, सोशल मीडिया जैसी तकनीकी विरोध झेलकर आगे बढ़ती गई। इनमें से एक भी तकनीकी ऐसी नहीं है जो आज दैनिक जीवन का हिस्सा न हो।
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मानवता की रक्षा के लिए अच्छे हाथों में हो टेक्नोलॉजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ चलते हुए यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि मानवता की रक्षा के लिए टेक्नोलॉजी का प्रयोग अच्छे हाथों में ही हो। एटमिक पॉवर का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि इसके सदुपयोग से प्रदूषण मुक्त सस्ती ऊर्जा मिल सकती है जबकि दुरुपयोग से एटम बम बनाकर विनाश के बीज बोए जा सकते हैं। सीएम ने कहा कि शुद्ध विज्ञान ऑब्जेक्टिव है जबकि मनुष्य की बुद्धि सब्जेक्टिव है। इसलिए सवाल यह है कि टेक्नोलॉजी किसके हाथ में है।
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प्रतिभा जाति, मत, मजहब की मोहताज नहीं
दिव्यांगजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चार प्रतिशत आरक्षण तथा दिव्यांगजन की 16 श्रेणियां बनाई जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिव्यांगजन प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा जाति, मत, मजहब की मोहताज नहीं होती है। ईश्वर एक कमी देते भी हैं तो किसी न किसी माध्यम से उसकी पूर्ति करते हैं। दिव्यांगजन की सेवा में सहभागी बनना एक प्रकार से ईश्वरी कार्य है और यही कार्य दीपेश नायर और टीच संस्था के लोग कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजशरण शाही, आभार ज्ञापन स्वागत समिति के उपाध्यक्ष प्रो. सदानंद गुप्त और संचालन सौरभ गौड़ ने किया।
इस अवसर पर मेयर एवं स्वागत समिति के अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, संगठन मंत्री देवदत्त जोशी, स्वागत समिति के महामंत्री कामेश्वर नाथ सिंह, प्रांत अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह, प्रांत मंत्री मयंक राय समेत कई जनप्रतिनिधि, गणमान्यजन और बड़ी संख्या में देशभर से आए विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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सीएम ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन किया मुख्यमंत्री ने
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन सत्र को संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवेशन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में विभिन्न संस्थाओंके स्टालों पर जाकर सीएम ने वहां मौजूद प्रतिनिधियों से जानकारी ली और उनका उत्साह बढ़ाया।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को राष्ट्रधर्म सर्वोपरि का मंत्र दिया। इसके साथ ही इस मार्ग में आने वाली बाधाओं से निपटने का तरीका भी बताया। कहा कि राष्ट्रधर्म की चुनौतियों का सामना पारस्परिक एकता से ही हो पाएगा। छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। युवा कल का नहीं, आज का नागरिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रधर्म के पथ पर बढ़कर ही हम आजादी के शताब्दी वर्ष तक विकसित, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हमें मिलकर कार्य करना होगा।
इससे पहले रविवार को अधिवेशन के अंतिम दिन देश भर से आए राज्य अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने अधिवेशन में पारित एजेंडों पर वर्ष भर काम करने का संकल्प लिया। राष्ट्रीय व प्रांतीय पदाधिकारी अभी रूके रहेंगे। अभी 26 नवंबर तक बैठकें होंगी और रूपरेखा को लेकर चिंतन-मंथन होगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद युवा ऊर्जा को सही दिशा देने वाला दुनिया का सबसे बड़ा युवा संगठन और एक सशक्त प्लेटफार्म है। विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होना सौभाग्य की बात है और वह खुद को भी सौभाग्यशाली मानते हैं कि विद्यार्थी जीवन में वह विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रहे। उन्होंने कहा कि भारत युवा ऊर्जा के मामले में दुनिया का सबसे सौभाग्यशाली देश है। यह दुनिया का सबसे युवा देश है। भारत की 56 प्रतिशत आबादी युवाओं की है। यह युवा ऊर्जा देश को नई दिशा दे रही है। सीएम ने राम-कृष्ण से लेकर नए दौर के उद्धरणों से युवा ऊर्जा की ताकत समझाई। कहा कि सभी ने अपनी युवा ऊर्जा से पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
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तकनीकी आज दैनिक जीवन का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने नब्बे के दशक में कम्प्यूटरीकरण को लेकर हुए विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि तब कम्प्यूटरीकरण का विरोध हो रहा था और आज उससे भी आगे ई ऑफिस का दौर आ गया। पूरी दुनिया एक स्मार्टफोन में आ चुकी है। समय के साथ टेक्नोलॉजी बढ़ती गई। बिजली, टेलीफोन, टेलीविजन, हवाई जहाज, माइक्रोवेव, इंटरनेट, जीपीएस, सोशल मीडिया जैसी तकनीकी विरोध झेलकर आगे बढ़ती गई। इनमें से एक भी तकनीकी ऐसी नहीं है जो आज दैनिक जीवन का हिस्सा न हो।
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मानवता की रक्षा के लिए अच्छे हाथों में हो टेक्नोलॉजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ चलते हुए यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि मानवता की रक्षा के लिए टेक्नोलॉजी का प्रयोग अच्छे हाथों में ही हो। एटमिक पॉवर का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि इसके सदुपयोग से प्रदूषण मुक्त सस्ती ऊर्जा मिल सकती है जबकि दुरुपयोग से एटम बम बनाकर विनाश के बीज बोए जा सकते हैं। सीएम ने कहा कि शुद्ध विज्ञान ऑब्जेक्टिव है जबकि मनुष्य की बुद्धि सब्जेक्टिव है। इसलिए सवाल यह है कि टेक्नोलॉजी किसके हाथ में है।
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प्रतिभा जाति, मत, मजहब की मोहताज नहीं
दिव्यांगजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चार प्रतिशत आरक्षण तथा दिव्यांगजन की 16 श्रेणियां बनाई जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिव्यांगजन प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा जाति, मत, मजहब की मोहताज नहीं होती है। ईश्वर एक कमी देते भी हैं तो किसी न किसी माध्यम से उसकी पूर्ति करते हैं। दिव्यांगजन की सेवा में सहभागी बनना एक प्रकार से ईश्वरी कार्य है और यही कार्य दीपेश नायर और टीच संस्था के लोग कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजशरण शाही, आभार ज्ञापन स्वागत समिति के उपाध्यक्ष प्रो. सदानंद गुप्त और संचालन सौरभ गौड़ ने किया।
इस अवसर पर मेयर एवं स्वागत समिति के अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, संगठन मंत्री देवदत्त जोशी, स्वागत समिति के महामंत्री कामेश्वर नाथ सिंह, प्रांत अध्यक्ष डॉ. राकेश प्रताप सिंह, प्रांत मंत्री मयंक राय समेत कई जनप्रतिनिधि, गणमान्यजन और बड़ी संख्या में देशभर से आए विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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सीएम ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन किया मुख्यमंत्री ने
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 70वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन सत्र को संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवेशन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में विभिन्न संस्थाओंके स्टालों पर जाकर सीएम ने वहां मौजूद प्रतिनिधियों से जानकारी ली और उनका उत्साह बढ़ाया।