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Gorakhpur News: गुटखा-तंबाकू की वजह से पूर्वांचल में बढ़ रहे गले के कैंसर के मामले
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कैंसर विशेषज्ञ डॉ. विवेकानंद सिंह ने तीन साल में किए 946 ऑपरेशन
इसमें से 50 फीसदी मामले अकेले पूर्वांचल व सटे बिहार के हैं
गोरखपुर। गुटखा-तंबाकू की आदत के चलते पूर्वांचल के युवाओं में बड़ी तेजी से गले का कैंसर फैल रहा है। कैंसर विशेषज्ञ और लखनऊ में निजी क्षेत्र के एक बड़े अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. विवेकानंद सिंह तीन साल में कैंसर के 946 ऑपरेशन कर चुके हैं। इसमें 50 फीसदी से ज्यादे मरीज पूर्वी यूपी और सटे बिहार प्रांत के हैं।
अपने अस्पताल की तरफ से गोरखपुर में मुंह व गले के कैंसर को लेकर जागरूकता और हर शनिवार को ओपीडी के आयोजन के संबंध में गोरखपुर आए डॉ. विवेकानंद सिंह ने बताया कि अधिकांश मामले तब पकड़ में आ रहे हैं, जब मरीज की हालत गंभीर हो चुकी होती है। इसके बावजूद बीते तीन साल में जो ऑपरेशन किए गए हैं, उनमें 90 फीसदी मरीज स्वस्थ हुए हैं।
डॉ. विवेकानंद सिंह ने बताया कि गले में लगातार खरास, मुंह में घाव का न भरना, निगलने में कठिनाई या आवाज में बदलाव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। जो लोग गुटखा-तंबाकू का सेवन करते हैं, उनको साल में एक बार अपनी जांच जरूर करानी चाहिए।
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इसमें से 50 फीसदी मामले अकेले पूर्वांचल व सटे बिहार के हैं
गोरखपुर। गुटखा-तंबाकू की आदत के चलते पूर्वांचल के युवाओं में बड़ी तेजी से गले का कैंसर फैल रहा है। कैंसर विशेषज्ञ और लखनऊ में निजी क्षेत्र के एक बड़े अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. विवेकानंद सिंह तीन साल में कैंसर के 946 ऑपरेशन कर चुके हैं। इसमें 50 फीसदी से ज्यादे मरीज पूर्वी यूपी और सटे बिहार प्रांत के हैं।
अपने अस्पताल की तरफ से गोरखपुर में मुंह व गले के कैंसर को लेकर जागरूकता और हर शनिवार को ओपीडी के आयोजन के संबंध में गोरखपुर आए डॉ. विवेकानंद सिंह ने बताया कि अधिकांश मामले तब पकड़ में आ रहे हैं, जब मरीज की हालत गंभीर हो चुकी होती है। इसके बावजूद बीते तीन साल में जो ऑपरेशन किए गए हैं, उनमें 90 फीसदी मरीज स्वस्थ हुए हैं।
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डॉ. विवेकानंद सिंह ने बताया कि गले में लगातार खरास, मुंह में घाव का न भरना, निगलने में कठिनाई या आवाज में बदलाव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। जो लोग गुटखा-तंबाकू का सेवन करते हैं, उनको साल में एक बार अपनी जांच जरूर करानी चाहिए।
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