{"_id":"679fc3d2896dbc749b0423bf","slug":"gorakhpur-news-brd-10-beds-will-be-increased-in-trauma-center-serious-patients-will-get-relief-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-828647-2025-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीआरडी : ट्रामा सेंटर में बढ़ाएंगे 10 बेड, गंभीर मरीजों को मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीआरडी : ट्रामा सेंटर में बढ़ाएंगे 10 बेड, गंभीर मरीजों को मिलेगी राहत
विज्ञापन
अभी 10 बेड का ट्रामा सेंटर होने के चलते गंभीर मरीजों को बेड मिलने में होती है दिक्कत
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के ट्रामा सेंटर में 10 बेड के आईसीयू वार्ड में 10 बेड की क्षमता और बढ़ाई जाएगी। इससे गंभीर रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस वार्ड को पूरी तरह हाई डिपेंडेंसी (एचडीयू) यूनिट बनाया जाएगा। इस वार्ड में अभी केवल पांच बेडों पर ही माॅनीटर हैं। शेष सात बेडों पर भी माॅनीटर लगाए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी एवं ट्रामा वार्ड में हर दिन 150 से अधिक गंभीर मरीज आते हैं। ट्रामा वार्ड में मात्र 10 बेड का आईसीयू है। अधिक मरीज पहुंचने पर उन्हें अंबू बैग से ऑक्सीजन देना पड़ता है। इस असुविधा को देखते हुए आईसीयू वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि हमारे पास वेंटीलेटर व बेड उपलब्ध हैं। इससे क्षमता वृद्धि में आसानी होगी। मरीज की हालत स्थिर होने पर उन्हें संबंधित विभाग के वार्ड में रेफर कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
--
विज्ञापन
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के ट्रामा सेंटर में 10 बेड के आईसीयू वार्ड में 10 बेड की क्षमता और बढ़ाई जाएगी। इससे गंभीर रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस वार्ड को पूरी तरह हाई डिपेंडेंसी (एचडीयू) यूनिट बनाया जाएगा। इस वार्ड में अभी केवल पांच बेडों पर ही माॅनीटर हैं। शेष सात बेडों पर भी माॅनीटर लगाए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी एवं ट्रामा वार्ड में हर दिन 150 से अधिक गंभीर मरीज आते हैं। ट्रामा वार्ड में मात्र 10 बेड का आईसीयू है। अधिक मरीज पहुंचने पर उन्हें अंबू बैग से ऑक्सीजन देना पड़ता है। इस असुविधा को देखते हुए आईसीयू वार्ड में बेडों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि हमारे पास वेंटीलेटर व बेड उपलब्ध हैं। इससे क्षमता वृद्धि में आसानी होगी। मरीज की हालत स्थिर होने पर उन्हें संबंधित विभाग के वार्ड में रेफर कर दिया जाएगा।
विज्ञापन