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Gorakhpur News: शाकाहारी जीवों पर नहीं दिखा बर्ड फ्लू का खास असर
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चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से मांसाहारी जानवर ही हुए हैं संक्रमित
डॉक्टरों का कहना- शाकाहारी जीवों पर कम होता है वायरस का असर
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से बाघिन शक्ति की मौत के बाद चल रही जांच में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। इसके अनुसार, शाकाहारी जीवों पर अभी तक संक्रमण का कोई खास असर नहीं दिखा है, जबकि बाघिन की मौके के बाद पांच वन्यजीव संक्रमित हो गए थे, उसमें एक पक्षी था। चार बड़े जीव में सभी मांसाहारी हैं।
चिड़ियाघर में पांच मई को भेड़िया भैरवी और सात को बाघिन शक्ति की मौत हुई थी। दोनों की मौत लगभग एक ही तरीके से हुई। जांच के लिए बाघिन का विसरा राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने दूसरे वन्यजीवों का सैंपल जांच के लिए भेजा था। इसमें बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक और हिमालयन गिद्ध की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक संक्रमण का जो पैटर्न है उसके अनुसार एच5एन1 एवियन इंफ्लुएंजा का सबसे ज्यादा खतरा असर बिल्ली परिवार पर हुआ है। इसके अलावा वो ही वन्यजीव संक्रमित हुए हैं जो मांसाहारी हैं। इसलिए इनकी खास निगरानी की जा रही है। इन्हें इम्युनिटी बूस्टर और अन्य जरूरी दवाइयां दी जा रही हैं। शाकाहारी वन्यजीवों पर अभी तक इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है।
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डॉक्टरों का कहना- शाकाहारी जीवों पर कम होता है वायरस का असर
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से बाघिन शक्ति की मौत के बाद चल रही जांच में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। इसके अनुसार, शाकाहारी जीवों पर अभी तक संक्रमण का कोई खास असर नहीं दिखा है, जबकि बाघिन की मौके के बाद पांच वन्यजीव संक्रमित हो गए थे, उसमें एक पक्षी था। चार बड़े जीव में सभी मांसाहारी हैं।
चिड़ियाघर में पांच मई को भेड़िया भैरवी और सात को बाघिन शक्ति की मौत हुई थी। दोनों की मौत लगभग एक ही तरीके से हुई। जांच के लिए बाघिन का विसरा राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान भोपाल भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने दूसरे वन्यजीवों का सैंपल जांच के लिए भेजा था। इसमें बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक और हिमालयन गिद्ध की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
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चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक संक्रमण का जो पैटर्न है उसके अनुसार एच5एन1 एवियन इंफ्लुएंजा का सबसे ज्यादा खतरा असर बिल्ली परिवार पर हुआ है। इसके अलावा वो ही वन्यजीव संक्रमित हुए हैं जो मांसाहारी हैं। इसलिए इनकी खास निगरानी की जा रही है। इन्हें इम्युनिटी बूस्टर और अन्य जरूरी दवाइयां दी जा रही हैं। शाकाहारी वन्यजीवों पर अभी तक इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है।
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