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बेतिया एस्टेट: कुशीनगर के नौ गांवों में है 37.54 एकड़ जमीन, जल्द होगी पैमाइश
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गोरखपुर। बेतिया एस्टेट की 37.54 एकड़ जमीन कुशीनगर जिले के कप्तानगंज तहसील के नौ गांवों में है। इसमें करीब पांच एकड़ जमीन पर कब्जा है और सड़क-नाली बन गई है। अब यहां जल्द ही पैमाइश होगी। इसके लिए बिहार सरकार से नियुक्त प्रशासक ने एसडीएम को पत्र देकर राजस्वकर्मी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। वहीं, गोरखपुर के बेतियाहाता मोहल्ले में जमीन की पैमाइश राजस्वकर्मी उपलब्ध न होने के चलते रुक गई है। दो गाटा संख्या की जांच रिपोर्ट अब बिहार सरकार को भेजी जाएगी।
बेतियाहाता मोहल्ले में बेतिया एस्टेट की 19.91 हेक्टेयर जमीन है। अभी सिर्फ दो गाटा की पैमाइश हो पाई है। दो बस्तियां बसी हुई हैं। इनमें हनुमान मंदिर के पास 20 छोटे-छोटे आवास हैं और दूसरी बस्ती खपरैल बंगला के पास है। इसकी रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसे बिहार सरकार को भेजकर आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश मांगने की तैयारी है।
कुशीनगर में बेतिया एस्टेट की सबसे ज्यादा जमीन गंभीरपुर और साखोपार गांव में है। यहां ज्यादातर जमीनों पर लोग कब्जा करके खेती कर रहे हैं। पांच एकड़ जमीन पर निजी लोगों ने मकान बनवा लिए साथ ही सड़क-नाली बन गई। यहां की जमीनों की पैमाइश जनवरी और अप्रैल 2018 में बेतिया एस्टेट और स्थानीय प्रशासन ने कराया था। उस समय 37.54 एकड़ जमीन चिह्नित हुई थी, लेकिन इसके बाद जमीनों की देखभाल करने कोई नहीं गया। बुधवार को बिहार सरकार से नियुक्त प्रशासक कप्तानगंज गए थे और उन्होंने जमीनों का निरीक्षण किया। एसडीएम से उन्होंने पैमाइश के लिए मदद गांगी है। सप्ताहभर बाद यहां पैमाइश शुरू हो सकती है।
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वर्जनबेतियाहाता में गाटा संख्या 238 और 240 की पैमाइश हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट बिहार सरकार को भेजी जाएगी। कुशीनगर जिले के कप्तानगंज में 37.54 एकड़ जमीन कागजाें में है। पैमाइश के बाद ही पता चल पाएगा कि कितनी जमीन पर कब्जा है। पैमाइश के लिए कप्तानगंज के एसडीएम को पत्र लिखकर राजस्वकर्मी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
-बद्री प्रसाद गुप्ता, प्रशासक एवं बंदोबस्त अधिकारी, बिहार सरकार
कुशीनगर के इन गांवों में हैं जमीनें
बनकटा, गंभीरपुर, मोहन मुंडेरा, सुकरौली, डोम बरवा, पैमली, साखोपार, भरसर नरायण, मठिया।
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बेतियाहाता मोहल्ले में बेतिया एस्टेट की 19.91 हेक्टेयर जमीन है। अभी सिर्फ दो गाटा की पैमाइश हो पाई है। दो बस्तियां बसी हुई हैं। इनमें हनुमान मंदिर के पास 20 छोटे-छोटे आवास हैं और दूसरी बस्ती खपरैल बंगला के पास है। इसकी रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसे बिहार सरकार को भेजकर आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश मांगने की तैयारी है।
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कुशीनगर में बेतिया एस्टेट की सबसे ज्यादा जमीन गंभीरपुर और साखोपार गांव में है। यहां ज्यादातर जमीनों पर लोग कब्जा करके खेती कर रहे हैं। पांच एकड़ जमीन पर निजी लोगों ने मकान बनवा लिए साथ ही सड़क-नाली बन गई। यहां की जमीनों की पैमाइश जनवरी और अप्रैल 2018 में बेतिया एस्टेट और स्थानीय प्रशासन ने कराया था। उस समय 37.54 एकड़ जमीन चिह्नित हुई थी, लेकिन इसके बाद जमीनों की देखभाल करने कोई नहीं गया। बुधवार को बिहार सरकार से नियुक्त प्रशासक कप्तानगंज गए थे और उन्होंने जमीनों का निरीक्षण किया। एसडीएम से उन्होंने पैमाइश के लिए मदद गांगी है। सप्ताहभर बाद यहां पैमाइश शुरू हो सकती है।
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वर्जनबेतियाहाता में गाटा संख्या 238 और 240 की पैमाइश हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट बिहार सरकार को भेजी जाएगी। कुशीनगर जिले के कप्तानगंज में 37.54 एकड़ जमीन कागजाें में है। पैमाइश के बाद ही पता चल पाएगा कि कितनी जमीन पर कब्जा है। पैमाइश के लिए कप्तानगंज के एसडीएम को पत्र लिखकर राजस्वकर्मी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
-बद्री प्रसाद गुप्ता, प्रशासक एवं बंदोबस्त अधिकारी, बिहार सरकार
कुशीनगर के इन गांवों में हैं जमीनें
बनकटा, गंभीरपुर, मोहन मुंडेरा, सुकरौली, डोम बरवा, पैमली, साखोपार, भरसर नरायण, मठिया।