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बेतिया एस्टेट: जमीन के कब्जाधारकों को रजिस्ट्री कराने का मिल सकता है एक मौका
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बिहार सरकार ने तैयार किया है मसौदा, सर्किल रेट में कुछ प्रतिशत मुआवजा बढ़ाकर राहत देने की तैयारी
बेतिया एस्टेट के राजस्व अधिकारी तैयार कर रहे कब्जा करने वालों की आर्थिक-सामाजिक हालत की रिपोर्ट
गोरखपुर मंडल में 70 एकड़ से ज्यादा जमीनें हैं, 10 एकड़ से ज्यादा जमीनों पर कब्जा
गोरखपुर। बेतिया एस्टेट की जमीनों पर लंबे समय से काबिज होकर मकान बनवाकर रह रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। ऐसे लोगों को बेतिया एस्टेट जमीनों की रजिस्ट्री कराने का मौका दे सकता है। इसके लिए कब्जाधारकों की आर्थिक-सामाजिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं, सर्किल रेट में कुछ प्रतिशत मुआवजा बढ़ाकर जमीनें बेची जा सकती हैं। इसे लेकर भी एक मसौदा बिहार सरकार ने तैयार किया है। इस संबंध में दिशा-निर्देश आना बाकी है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में अब तक 80 एकड़ से ज्यादा जमीनें बेतिया एस्टेट की मिल चुकी हैं। गोरखपुर में बेतियाहाता मोहल्ले में करीब 49 एकड़, महराजगंज के पिपरिया गांव में साढ़े सात एकड़ और कुशीनगर में 14 एकड़ जमीन बेतिया एस्टेट की है। इसके अलावा बस्ती में 6.21 एकड़ जमीन दो गांवों में मिली है। ज्यादातर जगहों पर तत्कालीन बेतिया एस्टेट के जिम्मेदारों ने 50 से 60 साल पहले काम करने वाले लोगों को रहने के लिए जमीनें दे दी थीं।
लंबे समय से काबिज लोगों ने मकान भी बनवा लिए। इनमें बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिनकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। अगर उनसे जमीनें लेकर हटाया जाता है तो वे कहीं अन्य जगह जमीन खरीदने की स्थिति में नहीं है। इसे देखते हुए बेतिया एस्टेट की ओर से इनके आर्थिक हालात के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसे लोगों को सर्किल रेट के साथ कुछ प्रतिशत जोड़कर रजिस्ट्री का मौका देने पर मंथन चल रहा है। इससे जमीनों को लेकर चल रहा विवाद खत्म हो जाएगा।
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वर्जन
गोरखपुर मंडल में गोरखपुर, बस्ती, महराजगंज और कुशीनगर में बेतिया एस्टेट की जमीनें मिली हैं। यहां लंबे समय से काबिज लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए भी विचार चल रहा है। इस संबंध में दिशा-निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बद्री प्रसाद गुप्ता,बिहार सरकार से नियुक्त प्रशासक एवं सहायक बंदोबस्त अधिकारी
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बेतिया एस्टेट के राजस्व अधिकारी तैयार कर रहे कब्जा करने वालों की आर्थिक-सामाजिक हालत की रिपोर्ट
गोरखपुर मंडल में 70 एकड़ से ज्यादा जमीनें हैं, 10 एकड़ से ज्यादा जमीनों पर कब्जा
गोरखपुर। बेतिया एस्टेट की जमीनों पर लंबे समय से काबिज होकर मकान बनवाकर रह रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। ऐसे लोगों को बेतिया एस्टेट जमीनों की रजिस्ट्री कराने का मौका दे सकता है। इसके लिए कब्जाधारकों की आर्थिक-सामाजिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं, सर्किल रेट में कुछ प्रतिशत मुआवजा बढ़ाकर जमीनें बेची जा सकती हैं। इसे लेकर भी एक मसौदा बिहार सरकार ने तैयार किया है। इस संबंध में दिशा-निर्देश आना बाकी है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में अब तक 80 एकड़ से ज्यादा जमीनें बेतिया एस्टेट की मिल चुकी हैं। गोरखपुर में बेतियाहाता मोहल्ले में करीब 49 एकड़, महराजगंज के पिपरिया गांव में साढ़े सात एकड़ और कुशीनगर में 14 एकड़ जमीन बेतिया एस्टेट की है। इसके अलावा बस्ती में 6.21 एकड़ जमीन दो गांवों में मिली है। ज्यादातर जगहों पर तत्कालीन बेतिया एस्टेट के जिम्मेदारों ने 50 से 60 साल पहले काम करने वाले लोगों को रहने के लिए जमीनें दे दी थीं।
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लंबे समय से काबिज लोगों ने मकान भी बनवा लिए। इनमें बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिनकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। अगर उनसे जमीनें लेकर हटाया जाता है तो वे कहीं अन्य जगह जमीन खरीदने की स्थिति में नहीं है। इसे देखते हुए बेतिया एस्टेट की ओर से इनके आर्थिक हालात के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसे लोगों को सर्किल रेट के साथ कुछ प्रतिशत जोड़कर रजिस्ट्री का मौका देने पर मंथन चल रहा है। इससे जमीनों को लेकर चल रहा विवाद खत्म हो जाएगा।
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गोरखपुर मंडल में गोरखपुर, बस्ती, महराजगंज और कुशीनगर में बेतिया एस्टेट की जमीनें मिली हैं। यहां लंबे समय से काबिज लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए भी विचार चल रहा है। इस संबंध में दिशा-निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बद्री प्रसाद गुप्ता,बिहार सरकार से नियुक्त प्रशासक एवं सहायक बंदोबस्त अधिकारी