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Gorakhpur News: चिड़ियाघर में 60 मीटर लंबी टनल में 80 प्रजाति की मछलियों का होगा नजारा
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वृहद मछलीघर बनने का रास्ता साफः एक सप्ताह में डीपीआर तैयार करने का निर्देश, चिड़ियाघर सोसाइटी की बैठक में फैसला
प्रदेश का पहला चिड़ियाघर जिसमें बनेगा वृहद मछलीघर
गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में बनने वाले वृहद मछलीघर का रास्ता साफ हो गया है। ठंडे बस्ते में पड़े इस प्रोजेक्ट की डीपीआर जल्द तैयार हो जाएगी। चिड़ियाघर साेसाइटी ने एक हफ्ते में इसे बनाने के निर्देश दिए हैं। चिड़ियाघर में बनने जा रही 60 मीटर लंबी टनल के 80 प्रजाति की मछलियों वाले मछलीघर में दर्शकों को समुद्र जैसा नजारा देखने को मिलेगा। प्रोजेक्ट पर करीब 150 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और इसे दो से ढाई साल में पूरा होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप चिड़ियाघर प्रबंधन वृहद मछलीघर बनाने जा रहा है। गोरखपुर और आसपास के जिलों के लोगों के लिए यह एक नया अहसास होगा। इसमें घूमकर वे दुनिया के विभिन्न देशों में पाई जाने वाली मछलियों को देख सकेंगे। इसमें प्रवेश के लिए एक शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
यह प्रदेश का सबसे बड़ा मछलीघर होगा। इसे 5500 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। इसमें मीठे पानी की करीब 80 प्रजाति की मछलियां देखने को मिलेंगी। मछलीघर में एक टनल बनाया जाएगा जिसमें घूमकर दर्शक मछलियों को देख सकेंगे। यह मेन टैंक करीब 1500 वर्ग मीटर का होगा। टनल की लंबाई करीब 60 मीटर, ऊंचाई और चौड़ाई तीन मीटर की होगी।
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चिड़ियाघर में बनने वाले वृहद मछलीघर में मीठे पानी की मछलियां देखने को मिलेंगी। ये मछलियां करीब 10 फीट तक की होंगी। पूरे मछलीघर में दो हजार से भी अधिक मछलियां रहेंगी। इसमें गूंच कैटफिश, जाइंट फ्रेशवॉटर प्रॉन, रेटटेल कैटफिश, एरोवाना, रेनबो फिश, गौरामी, टाइगर बार्ब आदि मछलियां भी रखी जाएंगी। पहले चरण के निर्माण के लिए इसी महीने बजट स्वीकृत हो सकता है।
चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि सोसाइटी ने डीपीआर बनाने के लिए संबंधित फर्म को निर्देशित किया है।
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प्रदेश का पहला चिड़ियाघर जिसमें बनेगा वृहद मछलीघर
गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में बनने वाले वृहद मछलीघर का रास्ता साफ हो गया है। ठंडे बस्ते में पड़े इस प्रोजेक्ट की डीपीआर जल्द तैयार हो जाएगी। चिड़ियाघर साेसाइटी ने एक हफ्ते में इसे बनाने के निर्देश दिए हैं। चिड़ियाघर में बनने जा रही 60 मीटर लंबी टनल के 80 प्रजाति की मछलियों वाले मछलीघर में दर्शकों को समुद्र जैसा नजारा देखने को मिलेगा। प्रोजेक्ट पर करीब 150 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और इसे दो से ढाई साल में पूरा होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप चिड़ियाघर प्रबंधन वृहद मछलीघर बनाने जा रहा है। गोरखपुर और आसपास के जिलों के लोगों के लिए यह एक नया अहसास होगा। इसमें घूमकर वे दुनिया के विभिन्न देशों में पाई जाने वाली मछलियों को देख सकेंगे। इसमें प्रवेश के लिए एक शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
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यह प्रदेश का सबसे बड़ा मछलीघर होगा। इसे 5500 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। इसमें मीठे पानी की करीब 80 प्रजाति की मछलियां देखने को मिलेंगी। मछलीघर में एक टनल बनाया जाएगा जिसमें घूमकर दर्शक मछलियों को देख सकेंगे। यह मेन टैंक करीब 1500 वर्ग मीटर का होगा। टनल की लंबाई करीब 60 मीटर, ऊंचाई और चौड़ाई तीन मीटर की होगी।
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चिड़ियाघर में बनने वाले वृहद मछलीघर में मीठे पानी की मछलियां देखने को मिलेंगी। ये मछलियां करीब 10 फीट तक की होंगी। पूरे मछलीघर में दो हजार से भी अधिक मछलियां रहेंगी। इसमें गूंच कैटफिश, जाइंट फ्रेशवॉटर प्रॉन, रेटटेल कैटफिश, एरोवाना, रेनबो फिश, गौरामी, टाइगर बार्ब आदि मछलियां भी रखी जाएंगी। पहले चरण के निर्माण के लिए इसी महीने बजट स्वीकृत हो सकता है।
चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि सोसाइटी ने डीपीआर बनाने के लिए संबंधित फर्म को निर्देशित किया है।